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यहां प्रशासन करेगी खनिज मद से स्कूल भवनों का कायाकल्प, बनाए जाएंगे नवीन भवन

विभाग ने शासन को फिर भेजा 36 जीर्ण शीर्ष भवनों की सूची, जिले में 93 भवन जर्जर

अनूपपुर

Published: February 24, 2022 08:52:11 pm

अनूपपुर। जिले में कई दशकों से संचालित होने वाली प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों की दीवारों के साथ साथ छत भी जर्जर हो चुकी है। जिसमें अब तक जिले में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा १२३ स्कूल भवनों का सर्वेक्षण कर डिस्मेंटल करने की सूची में शामिल किया है। जिसमें विभाग के प्रस्ताव में शासन की मद से ३० नवीन भवनों का भी निर्माण कराया गया है। लेकिन इसके बाद भी जिले में ९३ ऐसे स्कूल संस्थान है, जो पूरी तरह खंडरनुमा हालत या जर्जर या जीर्ण शीर्ष की स्थित में खड़ी है। हालंाकि विभाग द्वारा प्रतिवर्ष जारी सर्वेक्षण और पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सर्वेक्षण कर डिस्मेंटल करने की सूची लगातार तैयार की जा रही है। लेकिन शासन द्वारा विभाग द्वारा भेजी जा रही नवीन स्कूल भवनों की मांग में सूची अनुसार बजट नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसके कारण उन जर्जर स्कूल भवनों के स्थान नवीन भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। जिसे देखते हुए अब जिला प्रशासन ने आगामी सत्र के दौरान भवन के अभाव में प्रभावित होने वाली शैक्षणिक व्यवस्थाओं में ऐसे जर्जर भवनों की जगह नवीन भवन निर्माण की रणनीति बनाई है। जिसमें जिला प्रशासन जिला खनिज मद का उपयोग करते हुए जरूरतमद विकासखंडों में आवश्यकतानुसार स्कूल भवनों का निर्माण कराएगी। ताकि जिले में जर्जर भवनों के कारण कम पड़ रहे स्कूल भवनों की पूर्ति कराई जा सके और बच्चों को समुचित शिक्षा का लाभ प्रदान किया जा सके। कलेक्टर सोनिया मीणा ने बताया कि इस वर्ष भी विभाग द्वारा ३६ नवीन भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे हैं, मार्च माह के दौरान बजट और प्रस्तावों पर शासन की अनुमति प्राप्त होगी। जिसके बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि अनूपपुर जिले के लिए शासन ने मांग में रखी गई स्कूलों की सूची में कितने स्कूल भवन के लिए अनुमति व बजट प्रदान किया है। जिसके बाद जरूरत के अनुसार शेष अन्य स्कूल भवनों के निर्माण के लिए जिला खनिज मद का उपयोग कर नवीन भवन निर्माण कराया जाएगा। वहंी कलेक्टर ने माना है कि जिले में अधिकांश स्थानों पर जर्जर भवनों के कारण बच्चों को अन्य कक्षाओं में सम्मिलित कर शैक्षणिक सत्र जारी रखी जा रही है। इसमें बच्चों के साथ साथ शिक्षकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे शिक्षण संस्थानों के स्थान नवीन भवन आवंटन कराने प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं, लेकिन संचालनालय द्वारा कम संख्या में स्कूल भवनों के लिए बजट आंवटन कराने से सभी जर्जर भवनों के लिए नवीन भवन का निर्माण कार्य नहीं हो रहा है। जिसे देखते हुए अब जिला प्रशासन ने जिला खनिज मद से जीर्ण शीर्ष हो चुके स्कूल भवनों के निर्माण की रणनीति तैयार की है।
बॉक्स: जिले में १२३ स्कूल अब तक जीर्ण शीर्ष
विभागीय जानकारी के अनुसार शासन द्वारा इन चिह्नित स्कूलों के एवज में शासन द्वारा अब मात्र ३० स्कूलों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। ये स्कूल प्रतिवर्ष १० स्कूलों के रूप में जिले को प्रदाय किए गए हैं। जिनमें सभी स्कूलों का निर्माण कार्य जारी है। प्रशासन के निर्देश में पीडब्ल्यूडी विभाग ने जिले की प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में सर्वे का कार्य कराते हुए पूर्व में लगभग ८७ प्राथमिक और माध्यमिक और अब ३६ अन्य स्कूलो ंको जीर्ण शीर्ष बताया है। जिसके साथ कुल १२३ स्कूल जीर्ण शीर्ष हो चुके हैं। साथ ही उसके ध्वस्त किए जाने की अनापत्ति भी जारी की है। जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी हेमंत खैरवाल ने बताया कि वर्ष २०२१-२२ के लिए एक स्कूल निर्माण का बजट मिला था। सभी चिह्नित स्कूल भवनें लगभग पांच से सात दशक पुरानी है। जिले में ११६१ प्राथमिक स्कूल तथा ३९३ माध्यमिक स्कूल संचालित हैं।
बॉक्स: तीन वर्ष में ३० की स्वीकृति, ८७ स्कूलों में लग जाएंगे दशक
विभागीय जानकारी के अनुसार जीर्ण शीर्ष हो चुके स्कूलों के निर्माण में विभाग द्वारा पिछले तीन साल में मात्र ३० स्कूलों के लिए बजट आवंटन कराया गया है। शासन द्वारा प्रतिवर्ष १० स्कूलों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। वर्ष २०२०-२१ के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक १० स्कूल अनूपपुर को ही स्वीकृत हुए हैं। इससे पूर्व वर्ष २०१७-१८ में १०, २०१८-१९ में १० और २०२०-२१ में १० स्वीकृत हुए हैं। जिले में स्कूल भवन के लिए वर्ष २०१२ के बाद ये बजट उपलब्ध हो रहे हैं। अगर भवन निर्माण की यही रफ्तार रही तो ९३ स्कूलों के निर्माण में दशक का समय लग जाएगा।
वर्सन:
विभाग द्वारा ३६ नवीन स्कूल भवन के प्रस्ताव भेजे गए हैं, इनमें से जो भी स्वीकृति प्रदान होगी, उसके बाद अन्य भवनों के निर्माण के लिए खनिज मद का उपयोग करते हुए नवीन स्कूल भवन बनाए जाएंगे। बच्चों की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
सोनिया मीणा, कलेक्टर अनूपपुर।
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