हिंदी-अंग्रेजी माध्यम से होगी नर्सरी से 12 तक की पढ़ाई, निजी स्कूलों की तरह बच्चों को मिलेगी शिक्षा

जिले के 79 स्कूल होंगे सीएम साइज स्कूल योजना में शामिल, 5 किलोमीटर की परिधि में एक स्कूल

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 30 Jan 2021, 03:19 PM IST

अनूपपुर। निजी स्कूलों की ओर अभिभावकों व बच्चों के बढ़ते रूझान को कम करने और शासकीय स्कूलों में ही निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दिलाने अब सीएम राइज स्कूल संचालन की योजना बनाई जा रही है। जिसमें जिले की लगभग ७९ स्कूलों को सीएम राइज स्कूल बनाने की प्रक्रिया चल रही है। यह ऐसे संस्थान होंगे कक्षा नर्सरी से १२ तक की शिक्षा बच्चों को आसानी से मिल सकेगी। सबसे बड़ी बात यह स्कूल ५ किलोमीटर की परिधि में एक मात्र स्कूल होगा, जो किसी आबादी से दूर नहीं बल्कि आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित होंगे, जहां बच्चे आसानी से इन स्कूल शिक्षा का लाभ उठाएंगे। एपीसी रमसा देवेश सिंह बघेल ने बताया कि नई शिक्षा नीति २०२० के तहत सीएम राइज स्कूल योजना के अंतर्गत बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के लिए जिले के कुछ स्कूल संस्थानों को निजी स्कूल की तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाया जाना है। इन स्कूलों में कक्षा नर्सरी से कक्षा १२वीं तक की शिक्षा देने आधुनिक व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके लिए जिले के लगभग ७९ स्कूलों को सत्यापन करने की प्रक्रिया चल रही है। शासन स्तर पर जिले में प्रति जन शिक्षा केन्द्र को ४ स्कूलों को लक्ष्य दिए गए थे। जहां संकुल स्तर से बीईओ फिर जनपद स्तर और फिर कलेक्टर के पास स्कूलों की सूची को प्रस्तावित किया जाएगा। इनमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर जिला पंचायत और फिर जिला योजना समिति के लिए प्रस्तावित कर शासन को भेजा जाएगा। फिलहाल जिले के अनूपपुर से १५ स्कूल, जैतहरी से १७ स्कूल, कोतमा से ११ स्कूल तथा पुष्पराजगढ़ से ३६ स्कूलों का चयन प्रस्तावित हैं।
बॉक्स: ५ किलोमीटर की परिधि में एक मात्र स्कूल
जानकारी के अनुसार सीएम राइज स्कूल किसी भी क्षेत्र में ५ किलोमीटर की परिधि में एक मात्र स्कूल होगा। जिसमें १००० बच्चों की क्षमता रखी गई है। यहां नर्सरी से कक्षा १२वीं तक अलग अलग बिल्डिंग भले ही होगी, लेकिन एक प्राचार्य के अंडर में पूरा स्कूल प्रशासन की कार्रवाई संचालित होगी। इन स्कूलों में हिन्दी के साथ साथ अंग्रेजी शिक्षा की प्राथमिकता होगी। एपीसी रमसा बताते हैं कि इन विद्यालयों में भविष्य में अधिकतम १०० बच्चों की आवश्यकतानुसार कक्षाएं, खेल मैदान, लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब सहित अन्य आधुनिक उपकरण से सुसज्जित कक्षाएं व परिसर होगी। स्कूल आबादी वाले क्षेत्र में संचालित होगी, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इस स्कूल का लाभ मिल सके।
बॉक्स: १५७ स्कूल नहीं रखते सीएम राइज स्कूल संचालन की योग्यता
बताया जाता है कि जिले के लिए २३६ स्कूलों का प्रस्ताव शासन की ओर से आया था। लेकिन इनमें मात्र ७९ स्कूल ही सीएम राइज स्कूल संचालन की योग्यता रखते हैं। शेष १५७ स्कूलें सीएम राइज स्कूल संचालन की योग्यता नहीं रखते हैं। जबकि जिले में ११६१ प्राथमिक, ३९० माध्यमिक, ५७ हाई तथा ८१ हायर सेकेंडरी स्कूल हैं।
बॉक्स: निजी संस्थाओं के प्रति घटेगा रूझान
सीएम राइज योजना से संचालित होने वाली संस्थाओं के बाद जिले में निजी स्कूली संस्थाओं के प्रति बच्चों व अभिभावकों के रूझान में कमी आएगी। जानकारों का मानना है कि जब एक ही स्थान पर बच्चों को नर्सरी से हायर सेकेंडरी स्कूल तक की शिक्षा हिन्दी के साथ अंग्रेजी में निजी संस्थानों की तरह मिलेगा तो स्वभाविक है कि बच्चे कम खर्च और दूरी में इन शिक्षाओं के लिए कदम बढ़ाएंगे।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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