आदिवासियों का जीवन सुधारना हमारे समक्ष अद्वितीय चुनौती-राज्यपाल

सिकल सेल पीडि़तों को मिले विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं, विवि की शिक्षा रोजगारमूलक होना चाहिए

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 08 Oct 2021, 10:41 PM IST

अनूपपुर। जिले के आदिवासी क्षेत्रों में सिकलसेल और एनीमिया के प्रभाव से समाज को बचाने और आदिवासी समाज की उन्नति के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षात्मक परिचर्चा में ७ अक्टूबर की सुबह ११ बजे प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल इंदिरागांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक पहुंचे, जहां सिकल सेल की बीमारी से बचाव के लिए आयोजित परिचर्चा को संबोधित किया। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग रहते हैं। प्रदेश की लगभग 21 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। आदिवासी समाज आज भी विकास की रफ्तार में काफी पीछे है। आदिवासियों के सर्वांगीण विकास में हम सबकी भागीदारी होनी चाहिए। सरकार ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का नारा दिया है। हम सब मिलकर इस अवधारणा को साकार करें। आदिवासी समाज के लोगों के बीच जाकर हम शासन द्वारा कल्याणकारी योजनाओं को कैसे लागू करें। उनके जीवन में कैसे खुशहाली लाएं। हमारे समक्ष यह अद्वितीय चुनौती है। हम सबको मिलकर आदिवासी समाज के जीवन में उन्नति, प्रगति और समृद्धि लाने के लिए सकारात्मक प्रयास करने होंगे। आदिवासियों के जीवन में बेहतरी लाने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे। इससे पूर्व परिचर्चा के शुभारंभ में राज्यपाल ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, जिपं अध्यक्ष रूपमती सिंह, कुलाधिपति डॉ. मुकुल ईश्वरलाल शाह, कुलपति प्रो. प्रकाश मणि त्रिपाठी, कमिश्नर राजीव शर्मा, एडीजी दिनेश चंद्र सागर, कलेक्टर सोनिया मीणा, पुलिस अधीक्षक अखिल पटेल, विश्वविद्यालय कार्य समिति के सदस्य नरेन्द्र मरावी, पूर्व विधायक सुदामा सिंह, रामलाल रौतेल, स्वयंसेवी सामाजिक संगठनों के सदस्य भी उपस्थित रहे।
बॉक्स: सिकल सेल मरीजों को मिले विशेषज्ञ चिकित्सकों के सेवाए
राज्यपाल ने कहा कि हम सभी का लक्ष्य मानव कल्याण है। विकास के साथ-साथ अच्छा स्वास्थ्य भी आवश्यक है। सिकल सेल की बीमारी जनजातीय क्षेत्रों में ज्यादा फैली है। बीमारी में स्वास्थ्य संबंधी कई विकार उत्पन्न होते हैं। निवारण के लिए जागरूकता आवश्यक है। बीमारी किन कारणों से होती है तथा इसके बचाव के उपाय क्या है इसकी जानकारी दूरदराज के क्षेत्रों मे रहने वाले आदिवासी समाज के लोगों तक पहुंचना चाहिए। सिकल सेल से पीडि़त मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी मिलना चाहिए। बीमारी को समूल रूप से कैसे नष्ट किया जाए, इसके भी प्रयास होने चाहिए। जनजातीय विश्वविद्यालय का ज्ञान गांवों और गरीबों तक पहुंचना चाहिए। विवि का ज्ञान सिकल सेल की बीमारी एवं अन्य बीमारियों के निवारण में होना चाहिए। विवि द्वारा छात्रों को दिया जा रहा ज्ञान रोजगारमूलक होना चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को रोजगार मिल सके। परिचर्चा में सिकल सेल की बीमारी से पीडि़त तरुण कुमार मोगरे, गंगोत्री भीमटे ने भी बीमारी से होने वाली परेशानियों के संबंध में अपनी बात रखी। इस मौके पर कल्याणी पेंशन योजना, वन अधिकार पट्टों के हितग्राहियों, संबल योजना के हितग्राहियों को हितलाभों का वितरण किया गया। वहीं आईजीएनटीयू में बनाए गए उत्कृष्टता केन्द्र का फीता काटकर राज्यपालन ने लोकार्पण किया। और पौधरोपण भी किए।
बॉक्स: नर्मदा एवं राज राजेश्वरी मंदिर में की पूजा अर्चना
राज्यपाल गुरूवार की सुबह अमरकंटक में मां नर्मदा के उद्गम स्थल एवं नर्मदा मंदिर और अमर कंटेश्वर महादेव एवं माता पार्वती के मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद कल्याण आश्रम अमरकंटक में राजराजेश्वरी मंदिर में मां दुर्गा की पूजा अर्चना की तथा संतों का आशीर्वाद लिया। कल्याण आश्रम मंदिर में मां नर्मदा मंदिर, नारायण शिला एवं रुद्रशिला के दर्शन भी किए। राज्यपाल ने कल्याण आश्रम के महंत कल्याण जी महाराज से चर्चा की।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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