65 हजार एमटी धान में मिलरो ने 20 हजार एमटी धान का किया उठाव, गोदामों में पहुंचा 12 हजार एमटी चावल

30 अक्टूबर की डेडलाइन मिलिंग अब तक अधूरी, अल्टीमेटम को मिलर और अधिकारियों ने किया दरकिनार

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 13 Oct 2021, 12:06 PM IST

अनूपपुर। जिले में धान की मिलिंग को लेकर प्रशासन द्वारा बरती गई सख्ती के बाद भी विभागीय अधिकारियों व मिलरों की मिली भगत में लक्ष्य के अनुरूप धान की मिलिंग सम्भव नहीं हो पाई। मिलरों ने प्रशासन की जारी डेडलाइन और विभागीय अधिकारियों को दिए कार्रवाई की चेतावनी के बाद भी मिलरों ने अब तक मात्र ३१ फीसदी धान का उठाव करते हुए २१ फीसदी चावल का भंडारण कराया है। जिसपर कलेक्टर ने अब नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व कलेक्टर ने शासकीय निर्देशों के तहत ३० अक्टूबर तक जिले के सभी धान की बोरियों का उठाव करते हुए मिलिंग करने की डेडलाइन जारी की थी। लेकिन अब भी गोदामों में उठाव से दोगुने मात्रा में धान का भंडारण पड़ा है। जिससे अब अक्टूबर माह के अंत तक धान की मिलिंग का पूरा कार्य असम्भव हो चला है। इससे द्वार प्रदाय योजना के तहत राशन की दुकानों तक आवंटन होने वाले खाद्यान्न भी प्रभावित हो रहे हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में ६५७३७ एमटी धान का मिलिंग कार्य किया जाना लक्ष्य निर्धारित है। जिसमें हाल के दिनों नई नीतियों में जिले के १३ मिलर ने एग्रीमेंट करते हुए धान का उठाव आरम्भ किया है। एग्रीमेंट में ३ लाख ५० हजार ७३० क्विंटल धान का मिलिंग होना प्रस्तावित है। लेकिन अब तक मिलरों द्वारा मात्र २ लाख ४ हजार ८५० क्विंटल धान का उठाव किया है। इसमें एक क्विंटल में मिलर द्वारा ६७ किलो चावल देना होता है। जिसमें अब तक मिलर द्वारा मात्र १ लाख २३ हजार १३० क्विंटल चावल का भंडारण किया गया है। अब भी मिलरो से उठाव किए गए धान से १५ हजार १२० क्विंटल का भंडारण किया जाना शेष है। वहीं गोदामों में अनुबंध के बाद लगभग ४५२५३ एमटी धान का उठाव शेष बचा हुआ है। यह मात्रा धान उठाव किए गए मात्रा से दोगुना है।
बॉक्स: अधिकारियों ने नहीं दिखाई गंभीरता, अब कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर द्वारा एक माह पूर्व धान मिलिंग को लेकर की गई समीक्षा में एग्रीमेंट के तहत २ लाख ६४ हजार क्विंटल धान का उठाव में मात्र १ लाख ३७ हजार क्विंटल उठाव करने पर नाराजगी जताते हुए, अक्टूबर माह के ३० तारीख तक किसी भी हाल में मिलिंग की चेतावनी दी थी। साथ ही कलेक्टर ने इसमें गम्भीरता नहंी बरतने पर मिलरों को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ अधिकारियों पर निर्धारित समय तक मिलिंग नहंी होने पर दंडात्मक कार्रवाई के अल्टीमेटम दिए थे। लेकिन इसके बाद भी मात्र ३१ फीसदी धान का उठाव हो सका है। जबकि इससे पूर्व बैठक में मिलरो ने बिजली की समस्या को आड़ बनाया था, जिस पर कलेक्टर ने विद्युत अधिकारियों से ग्रामीण अंचलों में खासकर मिलरों को निर्वाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए थे। लेकिन फिर कलेक्टर ने विभागीय अधिकारी से मिलरो के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बॉक्स: कम परफॉमेंस वाले मिलर पर गिर सकती है गाज
विभागीय जानकारी के अनुसार धान मिलिंग में एग्रीमेंट के बाद भी मिलिंग में पीछे रहने वाले मिलरों के खिलाफ गाज की आशंका जताई जा रही है। जिसमें कम परफॉमेंस वाले मिलर ब्लैक लिस्टेड होने के साथ जुर्माने की कार्रवाई के दायरे में भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल विभाग कलेक्टर के निर्देश के बाद कार्रवाई के ताने-बाने में जुट़ गया है।
वर्सन:
बिजली की समस्या से मिलिंग का कार्य प्रभावित हुआ है, इसके अलावा चावल टूटन के कारण भी चावल की मात्रा पूरा होने में समस्या बन रहा है। इसके लिए मिलरों को मिलिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडी बिरहा, प्रबंधक नागरिक आपूर्ति विभाग अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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