संशय में शिक्षक और अभिभावक: आधी अधूरी तैयारियों के साथ उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी

सेनेटाइजर के भरोसे कोरोना को मात, थर्मो स्क्रीनिंग और ऑक्सोमीटर का नहीं पता

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 21 Sep 2020, 06:01 AM IST

अनूपपुर। शासकीय आदेश के तहत जिले के १९८ शासकीय व निजी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में २१ सितम्बर से कक्षाएं आरम्भ हो जाएगी। यह कक्षाएं ७ माह बाद संचालित होगी। जिसमें आंशिक रूप मेें कक्षाओं का संचालन कराते हुए ५० प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति तय की गई है। लेकिन जिले में कोरोना के बढ़ते प्रकरणों और घातक महामारी के दौरान संचालित होने वाली कक्षाओं में शासन के जारी दिशा निर्देश और जिला शिक्षा कार्यालय विभाग द्वारा की गई तैयारियों को लेकर खुद शिक्षकों और अभिभावकों में संशय की स्थिति बनी हुई है। जिले में संचालित होने वाली शासकीय ५९ हाईस्कूल सहित ७९ हायर सेकेंडरी स्कूल तथा निजी कक्षा ९ से १२वीं तक के ६० अन्य स्कूलों में कोरोना से लडऩे मात्र सेनेटाइजर की व्यवस्था रखी गई है। जबकि कुछ निजी स्कूलों में थर्मल स्क्रीनिंग और ऑक्सोमीटर जैसी सुविधा उपलब्ध है। शेष स्कूलों में बच्चों के तापमान और उसके ऑक्सीजन लेबल की माप के लिए कोई उपकरण नहीं है। जिसके कारण बाहर से आने वाले छात्रों की स्वास्थ्य सम्बंधित जांच की पूरी प्रक्रिया अपनाए बगैर कक्षाओं में उपस्थिति होगी। इससे संक्रमण के खतरे की आशंका बनी रहेगी। जबकि अभी तक आयोजित हुई प्रदेश स्तरी परीक्षाओं सहित बोर्ड की परीक्षाओं में प्रशासन ने प्रत्येक सेंटर पर कोरोना सुरक्षा उपायों के तहत छात्रों का प्रवेश कक्षाओं में कराया है। लेकिन अब जिले के बच्चों की पढाई के लिए खोले गए स्कूल कक्षाओं में सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। विदित हो कि शासन के जारी निर्देशों में कहा गया है कि कक्षा-9 वीं से 12वीं तक के शासकीय एवं निजी स्कूल 21 सितम्बर से आंशिक रूप में नियमित क्लासेस के साथ नहीं लगेंगी। शिक्षक नियमित रूप से स्कूलों में उपलब्ध रहेंगे। छात्र-छात्राएं किसी विषय पर शिक्षक से मार्गदर्शन लेने के लिए पालकों की अनुमति से पूर्ण रूप से एहतियात बरतते हुए स्कूल में आ सकते हैं। कोविड संक्रमण से बचाव के लिए स्कूलों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का सख्ती से पालन करना होगा।
बॉक्स: क्या है कि स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर
कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) शासकीय एवं निजी, दोनों स्कूलों पर लागू होगा। इसमें शिक्षक एवं विद्यार्थी 6 फीट की दूरी, फेस-कवर या मास्क, बार-बार साबुन से हाथों को धोना, सेनेटाइज करना, स्कूल की ऐसी सतहों एवं उपकरणों का कक्षा प्रारंभ होने एवं समाप्ति के बाद एक प्रतिशत हाइपोक्लोराइड से डिसइन्फेक्शन (कीटाणु शोधन) करना, पानी एवं हाथ धोने के स्थानों एवं शौचालयों की सफाई, शौचालयों में साबुन एवं अन्य सामान्य क्षेत्रों में सेनेटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता, स्कूल के प्रवेश-स्थान पर हाथ की स्वच्छता के लिए सेनेटाइजर, डिस्पेंसर और थर्मल स्केनिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। स्कूल में केवल कोरोना नेगेटिव व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति, आगंतुकों का प्रवेश प्रतिबंधित। साथ ही कंटेनमेंट जोन में स्कूल खोलने की अनुमति नहीं, और कंटेनमेंट जोन में निवासरत विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल में आने की अनुमति भी नहीं होगी। छात्र, शिक्षक या कर्मचारी के बुखार, खांसी या श्वांस लेने में कठिनाई होने पर चिकित्सीय परामर्श लेना होगा। यदि व्यक्ति पॉजिटिव आता है, तो पूरे परिसर का कीटाणु-शोधन किया जाएगा
बॉक्स: स्कूलों में नहीं थर्मल स्क्रीनिंग, कक्षाओं का नही सेनेटाईजशन
२१ से आरम्भ होने वाली कक्षाओं में स्कूलों के पास थर्मल स्क्रीनिंग मशीन के साथ अन्य जरूरत के संसाधन नहीं है। इसके अलावा सुबह १०.३० बजे से लगने वाली कक्षाओं में अभी तक स्कूल कक्षाएं सेनेटाइज नहीं हो सके हैं।
वर्सन:
स्कूलों के सेनेटाइजेशन कराने के साथ अन्य सुरक्षा उपायों के तहत कक्षाओं के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए सम्बंधित स्कूल अधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी गई है। कल कक्षाओं के संचालन और बच्चों की उपस्थिति के बाद तय हो सकेगा कि आगामी दिनों हमें और कितनी तैयारी की आवश्यकता है।
पीएन चतुर्वेदी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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