खेतों में खरीफ की फसल, सोसायटी में यूरिया की कमी

लक्ष्य से अधिक आवंटन के बाद भी 500 टन यूरिया की डिमांड, जिले के डबल लॉक में मात्र 7 टन यूरिया

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 21 Aug 2021, 11:55 AM IST

अनूपपुर। जिले में अनुमानित १.७८ हजार हेक्टेयर रकबे पर की जा रही खरीफ की फसल की बुआई का काम अब पूरा हो चुका है, जहां खेतों में लहलहाती धान की फसलें हरी-भरी नजर आने लगी है। लेकिन बुआई के बाद खेतों में हरियाली बनाए रखने के साथ पौधों की वृद्धि को अधिक मजबूती प्रदान करने दी जाने वाली खादों में यूरिया की कमी बन गई है। जहां किसान खेतों में यूरिया का छिडक़ाव करने इसकी खरीदी के लिए सोसायटी सहित निजी दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अनूपपुर, जैतहरी और पुष्पराजगढ़ के किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण किसान परेशान है। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में ही यूरिया का छिडक़ाव करने से धान के पौधों जड़ों में अधिक संख्या में वृद्धि के साथ पौधे हरी-भरी बनी रहेगी। इससे पौधा मजबूत होने के साथ साथ आगामी फूल और बालियां लगने के दौरान पुष्ट दानों को भरने में सक्षम होगी। बताया जाता है कि यूरिया की कमी को देखते हुए डीएमओ अनूपपुर द्वारा ५०० टन यूरिया की मांग रखी गई है। जिले के चारो विकासखंड में कोतमा और अनूपपुर को छोडक़र पुष्पराजगढ़ और जैतहरी में यूरिया नहीं है। जबकि अनूपपुर की डबल लॉक में मात्र ६ टन यूरिया और कोतमा में १ टन यूरिया का भंडारण है। जबकि जैतहरी और पुष्पराजगढ़ के डबल लॉक में भंडारण शून्य है। डीएमओ डीके तिवारी ने बताया कि यूरिया की कमी तीन से चार दिन पूर्व बनी है। पूर्व २००-२०० टन यूरिया और डीएपी का आवंटन किया गया था, वर्तमान में धान में यूरिया की अधिक खपत के कारण शॉटेज बन गई है। वहीं डीएमओ ने बताया कि डबल लॉक से सोसायटियों में आवंटन कराए गए हैं, यहां कुछ दिनों तक किसानों को खाद की कुछ मात्राएं उपलब्ध हो सकती है। लेकिन जल्द ही रैक नहीं लगने पर परेशानी हो सकती है। विदित हो कि जिले में बारिश की कमी के कारण पूर्व से ही खरीफ की बुआई प्रभावित रही है, वहीं लगातार जिले में खाद की कमी भी बुआई को प्रभावित किया है। वर्तमान में धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द जैसी फसलों की बुआई पूर्ण हो चुकी है। अनुमान है कि जिले में अबतक ९८ फीसदी खरीफ की बुआई हो चुकी है। उपसंचालक कृषि ने बताया कि जिले में पूर्व की गई मांग में पर्याप्त खाद के आवक नहीं होने से यह स्थिति बनी है। इसके लिए ५०० मीट्रिक टन यूरिया की मांग रखी गई है। जिसमें चारों विकासखंडों में ५०-५० मीट्रिक टन से अधिक की उपलब्धता बनाई जाएगी। जिले में चार डबल लॉक गोदामों के साथ २५ समितियां कार्यरत है।
बॉक्स: वर्तमान में कहां यूरिया की कमी व उपलब्धता
विकासखंड यूरिया(टन)
अनूपपुर ६.००
कोतमा १.००
जैतहरी ०.००
पुष्पराजगढ़ ०.००
बॉक्स: लक्ष्य से अधिक आवंटन, फिर भी बढ़ रही मांग
डीएमओ की जानकारी के अनुसार जिले के चारो विकासखंड में अब तक जिले की लक्ष्य से अधिक खादों का आवंटन किया गया है। लेकिन किसानों की जरूरतें अधिक बढऩे से यह मांग लगातार बढ़ रही है। जिले में खरीफ के लिए यूरिया की निर्धारित लक्ष्य २५०० टन थी, जिसमें अबतक २७५५ टन आवंटन कराया गया है। जबकि डीएपी २२०० टन की थी, इसमें अबतक २५६५ टन का आवंटन हुआ है। इनमें अभी १६१ टन डीएपी स्टॉक में हैं।
बॉक्स: कितनी खरीफ की तैयारी
कृषि विभाग इस वर्ष १.७८ लाख हेक्टेयर खरीफ की बुवाई का लक्ष्य रखा है। जिसमें धान के लिए १२२.०० हजार हेक्टेयर, ज्वार २०० हेक्टेयर, मक्का १४.५० हजार हेक्टेयर, बाजरा २० हेक्टेयर, कोदो कुटकी ७ हजार हेक्टेयर सहित कुल अनाज १४३.७२ हेक्टेयर में जबकि दलहन फसलो में अरहर ११ हजार हेक्टेयर, मूंग ०.९० हजार हेक्टेयर, उड़द ५.६० हजार हेक्टेयर, कुल्थी व अन्य ०.५० हेक्टेयर तथा तिलहन की फसलों में मूंगफली १.२० हजार हेक्टेयर, तिल २.५० हजार हेक्टेयर, सोयाबीन ५.१० हजार हेक्टेयर, रामतिल ७.५० हजार हेक्टेयर कुल १६.३० हजार हेक्टेयर सहित कुल १७८.०२ हेक्टेयर भूमि में बोनी का लक्ष्य रखा गया है।
वर्सन:
यूरिया की आवंटन तीन दिन पूर्व समाप्त हुआ है। नया रैक जल्द ही लगने वाला है। ५०० टन यूरिया की मांग रखी गई है।
डीके तिवारी, डीएमओ पुष्पराजगढ़।
--------------------------------------------------

Rajan Kumar Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned