जानिए अनूपपुर पुलिस ने क्या बनाई योजना कि फरियादी को नहीं लगानी होगी वरिष्ठ अधिकारियों के चक्कर

जानिए अनूपपुर पुलिस ने क्या बनाई योजना कि फरियादी को नहीं लगानी होगी वरिष्ठ अधिकारियों के चक्कर

Rajan Kumar | Updated: 26 Jul 2019, 03:54:26 PM (IST) Anuppur, Anuppur, Madhya Pradesh, India

आला अधिकारियों के पास आने वाली शिकायतें होगी कम, गांवों में आयोजित जनसंवाद में दी जाएगी अपराध सम्बंधी जानकारी

राजन कुमार
अनूपपुर। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज आपराधिक मामलों से सम्बंधित शिकायतों तथा उनपर पुलिस कार्रवाई से अंजान प्रकरणों में फरियादी को संतुष्ट करने अनूपपुर पुलिस ने नई पहल की है। जिसमें पुलिस अधीक्षक किरणलता केरकेट्टा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कार्यालयों तक पहुंच रही शिकायतों को कम करने तथा स्थानीय स्तर पर ही आवेदकों को जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक थाना परिसर में अलग से सूचना डेस्क(इंफॉर्मेशन सेंटर) बनाने के निर्देश दिए हैं। थाना के मुंशी के अधीनस्थ संचालित यह सूचना डेस्क आवेदकों की शिकायतों या उनके सवालों को पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई और अबतक के हालात से फरियादी को अवगत कराएगा। इसमें आवेदक बार बार थाना पहुंच शिकायत करने के साथ वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काटने से भी बच सकेंगे। इसके अलावा इस भाग दौड़ में समय के साथ साथ आवेदक को अतिरिक्त व्यय से बचाया जा सकेगा। पुलिस अधीक्षक का मानना है कि इस प्रक्रिया में पुलिस जिन अपराधों पर कार्रवाई कर चुकी है और परिजनों को इससे अवगत करा दिया गया है और जिन मामलों में अबतक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है तथा लम्बित है उसपर अधिक गम्भीरता से कार्रवाई कर सकेगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने गुरूवार २५ जुलाई से ही सभी थाना प्रभारियों को आदेश जारी करते हुए व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि थाना क्षेत्रांतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसंवाद आयोजित कर वहां गांव स्तर पर दर्ज आपराधिक प्रकरण व उनके निराकृत हुए मामलों की जानकारी आमजनों को उपलब्ध कराएंगे। इससे ग्रामीणों को जानकारी लेने थाना परिसर भी नहीं आना होगा। जनसंवाद की प्रक्रिया थाना प्रभारी द्वारा निरंतर अपनाई जाएगी। एसपी का कहना है कि सूचना डेस्क का मुख्य उद्देश्य आपराधिक प्रकरण में ७ साल से कम की सजा वाले प्रकरण में आरोपी पर दर्ज एफआईआर हो जाने एवं पुलिस के द्वारा सक्षम कार्रवाई के बाद सम्बंधित पक्ष को तत्काल जानकारी देकर वर्तमान स्थिति से अवगत कराना है। इसमें अबतक आमजनता इसलिए वरिष्ठ कार्यालय का चक्कर लगाती थी कि पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, या जो हुई उसकी वास्तविकता से उसे अवगत नहीं है। इसके अलावा वरिष्ठ कार्यालयों तक आने वाले फरियादी को इस परेशानी से बचाते हुए उसे स्थानीय स्तर पर ही जानकारी उपलब्ध कराना है। पुलिस आवेदकों की शिकायत को सुनते हुए सात साल से कम सजा वाले धारा में एफआईआर होने पर गिरफ्तारी के प्रावधान की प्रक्रिया पूर्ण करने तथा चालानी कार्रवाई और न्यायालय भेजने तक की जानकारी देंगे। इसके अलावा अन्य प्रकरणों में आवेदक कार्रवाई के प्रति जानने की इच्छा रखता है तो डेस्क से उसे सूचना उपलब्ध कराई जाएगी।
बॉक्स: जनसंवाद के साथ जागरूकता अभियान
हाल के दिनों में दस्तक अभियान में पुलिस सेवकों द्वारा बाल अपराध से सम्बंधित गांवों में दी गई जानकारी के बाद अब पुलिस अधीक्षक ने गांवों में थाना स्तर पर आयोजित होने वाले जनसंवाद में भी बाल अपराध, घरेलू हिंसा, सायबर अपराध, महिला अपराध सहित अन्य अपराधों के प्रति जागरूकता संवाद आयोजित करेगी। ताकि ग्रामीणों को अपराध से बचने की अधिक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
वर्सन:
सभी थानों को निर्देशित किया है कि सूचना डेस्क बनाए और रोजाना दर्ज आवेदकों व दी गई सूचना की जानकारी कार्यालय भेजें। इसके अलावा गांवों में जनसंवाद आयोजित कर सम्बंधित गांव के अपराध व निराकरण सम्बंधी जानकारी ग्रामीणों को देने के निर्देश दिए हैं।
किरणलता केरकेट्टा, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned