रिश्तों की मधुरता को संरक्षित कर न्याय दिलाने का कार्य कर रही है लोक अदालत

रिश्तों की मधुरता को संरक्षित कर न्याय दिलाने का कार्य कर रही है लोक अदालत

Amaresh Singh | Updated: 14 Jul 2019, 04:11:34 PM (IST) Anuppur, Anuppur, Madhya Pradesh, India

1446 प्रकरणों में 304 प्रकरणों का किया निराकरण

अनूपपुर। 'मानव-मानव के बीच बढ़ती दूरी ही विवाद का कारण बनती है। न्यायालयों में प्रकरणों की संख्या बढ़ती है तथा पक्षकारों को न्याय मिलने में देरी होती है। न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के कारण पक्षकारों का मानव श्रम बेकार होता है। लोक अदालत रिश्तों की मधुरता को संरक्षित कर न्याय दिलाने का कार्य कर रही है। यह बात जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुभाष कुमार जैन ने शनिवार 13 जुलाई को न्यायालय परिसर अनूपपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन के दौरान कही।

यह भी पढ़ें-सोन किनारे बाघ का डेरा, दहाड़ से गांवों में फैली दहशत, दिन भर घेराबंदी


12 खंडपीठों का किया गया था गठन
इस मौके पर कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर, पुलिस अधीक्षक किरणलता केरकट्टा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैष्णव शर्मा सहित प्रथम अपर जिला न्यायाधीश राजेश कुमार अग्रवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेन्द्र नकवाल, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 ज्योति राजपूत, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 राकेश सनोडिय़ा, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 आरती रतौनिया, प्रशिक्षु व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 शिखा लोकेश दुबे, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष दुर्गेश पांडेय, अधिवक्ता संतोष सिंह परिहार, अधिवक्ता विजेन्द्र सोनी, नगर पालिका, विद्युत मंडल, बैंकों के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में पक्षकारगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे। लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय अनूपपुर एवं तहसील न्यायालय कोतमा व राजेन्द्रग्राम में कुल 12 खंडपीठों का गठन किया गया था।

लोक अदालत में दाण्डिक, बिजली व पानी के बिल से संबंधित प्रकरणों का निराकरण किया गया

लोक अदालत में दाण्डिक, शमनीय प्रकरण, चेक अनादरण प्रकरण, बैंक वसूली प्रकरण, मोटर दुर्घटना प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, सिविल प्रकरण एवं बिजली व पानी के बिल से संबंधित प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला मुख्यालय, अनूपपुर, तहसील कोतमा एवं राजेन्द्रग्राम में लंबित प्रकरणों मेें से 1446 प्रकरणों को लोक अदालत में रेफर किया गया, जिनमें से कुल 304 प्रकरणों का निराकरण हुआ। प्रीलिटिगेशन के 1041 प्रकरण लोक अदालत में प्रस्तुत हुए जिनमें से 13 प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से हुआ। आयोजित लोक अदालत में कुल राशि 15700744 अवार्ड हुई।

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned