मैडम! ठेकेदार नहीं दे रहा सात माह से मानदेय, मांगने पर विभागीय अधिकारी देते हैं धमकी

ठेकेदार की अधीन से निकालकर कलेक्टर दर पर कार्य कराने की रखी मांग

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 06 Oct 2021, 11:11 AM IST

अनूपपुर। मैडम! पुष्पराजगढ़ विकासखंड के पोषण पुनर्वास केन्द्र करपा में सपोर्टिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले सात माह से ठेकेदार द्वारा भुगतान नहीं किया गया है। पैसे के अभाव में हमें अपना गृहस्थी चलाने में परेशानी हो रही है। इसकी सूचना पूर्व में बीएमओ सहित एसडीएम पुष्पराजगढ़ से शिकायत कर कई बार मानदेय भुगतान कराने की अपील की गई है। लेकिन आज तक न तो प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हमें मानदेय भुगतान कराए गए हैं, और ना ही ठेकेदार द्वारा कराया गया है। मानदेय के लिए जब भी ठेकेदार को कहा जाता है तो वह टालमटोल कर जाता है, मेडिकल अधिकारी, डायटिशियन, एएनएम से मानदेय की बात कहने पर ड्यूटी से हटा देने की धमकी दी जाती है। हम सभी सपोर्टिंग स्टाफ की नियुक्ति वर्ष २०१० से २०२० तक के लिए एनएच के माध्यम से की गई थी। वेतन का भुगतान एनएच के माध्यम से ही किया जाता था। लेकिन जनवरी २०२१ से हमें बिना सूचना दिए ठेकेदार के अंडर कर दिया गया। ठेकेदार अपनी मनमानी करता है। हमें ठेकेदार के अधीन से हटाकर कलेक्टर दर पर कार्य कराया जाए। जब तक वेतन भुगतान नहीं किया जाता, हम सभी कर्मचारी एनआरसी में काम करना बंद करेंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। वहीं प्रधान प्रशासकीय समिति ग्राम पंचायत रेंउदा सुशीला सहित अन्य ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत रेउंदा ग्राम झिरियाटोला नेशनल हाइवे ४३ से कुरजा(नगरपालिका बिजुरी) तक पीएमजीवाइएस योजना के तहत मार्ग निर्माण कराए जाने की मांग कलेक्टर से की। सरपंच सुशीला ने बताया कि ग्राम रेउंदा, झिरियाटोला से कुरजा गांव की पहुंच मार्ग लगभग ५ किलोमीटर की दूरी है। इस मार्ग पर सडक़ नहीं होने के कारण यहां के १०-१२ गांव के लोगों का आना जाना होता है। इसके अलावा कोरजा और बिजुरी खदान भी है। लेकिन मार्ग के अभव में ग्रामीणों को १२ किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को अधिक समय और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर झिरियाटोला से कोरजा तक सीधी सडक़ बन जाता तो इससे १२ किलोमीटर की लम्बी दूरी से राहत मिल जाता।
बॉक्स: नायब तहसीलदार कहते हैं पंचायत महत्वहीन संस्था, किससे कराएं जमीन का सीमाकंन
सरपंच ने ग्राम रेउंदा पटवारी हल्का नम्बर ४८ उप तहसील बिजुरी की शासकीय आराजी खसरा नम्बर २८५, २८७ एवं ५७८ के सीमांकन के स्वीकृति के लिए तथा पंचायत को महत्वहीन संस्था कहने वाले अधिकारी नायब तहसीलदार, आरआई व हल्का पटवारी के सम्बंध में भी शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें सरपंच ने बताया कि हल्का पटवारी रेंउदा क्रमांक ४८ उप तहसील बिजुरी की शासकीय आराजी खसरा नम्बर रकबा क्रमंाक २.१४८०,०.२७९०,०.६९७० हेक्टेयर शासकीय भूमि हैं। जिसमें गौशाला, पीडीएस गोदाम, काजी हाउस, एवं नलजल योजना के लिए सप्लाय स्टेशन प्रस्तावित है। जिसके लिए पंचायत को इस भूमि की आवश्यकता है। पंचायत इसका सीमाकंन कराना चाहती है। नायब तहसीलदार उप तहसील बिजुरी से दर्जनों बार निवेदन किया गया है। लेकिन पंचायत को गुमराह किया गया। सीमांकन के आवेदन पत्र हल्का पटवारी को रिमार्क किया गया, जिसमें मेरे द्वारा पुन: तहसीलदार से आरआई के अधिकार अनुसार सीमांकन की बात कही। जिसपर यह कहकर कागज लौटा दिया गया कि पंचायत एक महत्वहीन संस्था है, पंचायत के आवेदन एवं प्रस्ताव के लिए बाध्य नहीं है। इसके लिए पंचायत को मार्ग दर्शन दिया जाए।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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