scriptMaintenance tender was done a year ago, yet the improvement work could | सालभर पूर्व मेंटेनेंस का हुआ था टेंडर, फिर भी नहीं हो पाया था सुधार कार्य | Patrika News

सालभर पूर्व मेंटेनेंस का हुआ था टेंडर, फिर भी नहीं हो पाया था सुधार कार्य

अमरकंटक ताप विद्युत गृह में हुई रेल दुर्घटना पर विभागीय लापरवाही

अनूपपुर

Published: January 14, 2022 12:06:53 pm

अनूपपुर। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में कोयला परिवहन के दौरान हुई मालगाड़ी दुर्घटना में लोको पायलट की हुई मृत्यु के बाद ताप विद्युत गृह प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है। जिसके संबंध में जबलपुर स्थित वरिष्ठ कार्यालय द्वारा जांच कमेटी गठित करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। बताया जाता है कि कोयला ढुलाई में उपयोग किए जा रहे मालगाड़ी के वैगन में ब्रेक सम्बंधित सुधार कार्य नहीं हो पाया था। जिसमें कुछ डिब्बों में वैक्यूम ब्रेक तो था लेकिन कुछ में वैगन में एयर ब्रेक से नियंत्रण नहीं हो पाया था, जिसका परिणाम यह रहा कि जब चालक ने मालगाड़ी के इंजन में ब्रेक लगाई तो इंजन के ठहरते ही पीछे से तेज गति से दौड़ रही वैगन बिना रूके इंजन से टकराते हुए उपर चढ़ गई। मामले के संबंध में ठेकेदार के द्वारा बताया गया कि मालगाड़ी के 12 डिब्बों में इंजन एयर ब्रेक सिस्टम से चलने वाला है। जबकि 9 बोगियां वैक्यूम ब्रेक से चलित एवं 3 एयर ब्रेक से चलित होने के कारण ट्रेन को नियंत्रित करने के दौरान कुछ डिब्बों में ब्रेक लग पाया, जबकि ज्यादातर में ब्रेक नहीं लगने से यह हादसा हो गया।
बॉक्स: 1 वर्ष पूर्व हुआ था मेंटेनेंस का टेंडर, लेकिन प्रबंधन ने समय पर नहीं कराया था कार्य
दुर्घटना के बाद यह बात सामने आ रही है कि मालगाडिय़ों के मेंटेनेंस के लिए 1 वर्ष पूर्व विभाग द्वारा टेंडर कराया गया था। जिसे पूरा नहीं किए जाने की वजह से मेंटेनेंस नहीं होने से दुर्घटना घटित हुई है। प्रबंधन द्वारा 24 नए मालगाड़ी बोगी की खरीदी का टेंडर भी किया जा चुका है। लेकिन इसे भी अब तक खरीदा नहीं जा सका है। इसके कारण पुराने और जर्जर वैगन में ही कोयला परिवहन किया जाता रहा।
बॉक्स: ठेकेदार ने पीडि़त परिवार को दी सहायता राशि
इस मामले में ठेकेदार के द्वारा मृतक लोको पायलट के परिजनों को 2 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। वही ताप विद्युत गृह प्रबंधन के द्वारा अब तक किसी भी तरह की सहायता राशि नहीं दी गई है, जिससे भविष्य में दिए जाने की बात प्रबंधन द्वारा कही जा रही है।
वर्सन:
घटना के संबंध में जबलपुर कार्यालय के द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं। कमेटी द्वारा जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा। वेक्यूम ब्रेक तथा एयर ब्रेक दोनों ही सिस्टम से कार्य बीते कई वर्षों से किया जा रहा है। इसकी वजह से दुर्घटना की बात सही नहीं है। हमारे द्वारा 24 मालगाड़ी बोगी खरीदी का टेंडर किया जा चुका है। मेंटेनेंस के टेंडर जारी होने के बाद क्यों नहीं किया गया इसकी जानकारी ली जाएगी।
एएच रिजवी, मुख्य अभियंता अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई।
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