घरों में कुपोषित बच्चे, जिले के एनआरसी सेंटर खाली

मैदानी अमले को नहीं मिल रहा 19 हजार नवजातों और 5676 कुपोषित में गम्भीर बच्चें

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 18 Dec 2020, 11:49 AM IST

अनूुपपुर। आदिवासी जिला अनूपपुर कुपोषण के खिलाफ जंग हारता नजर आ रहा है। महिला बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की कार्यरत मैदानी अमले को कुपोषित और गम्भीर बच्चे ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री और एमडी राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के दिए निर्देश में पिछले १० दिनों में मैदानी अमलों ने २८२ ग्राम पंचायत के ६०३ गांवों से मात्र १६ नए कुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर में भर्ती कराया है। जबकि जिले में १९ हजार ० से ३ माह के नवजात और ५६७६ चिह्नित कुपोषित बच्चें हैं। इनमें ६१६ बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में शामिल हैं। लेकिन जिले की सभी एनआरसी सेंटर अपने निर्धारित सीटों में खाली पड़ी है। पांचों सेंटर की ७० सीट में मात्र ४३ भर्ती हैं, शेष २७ बच्चों का कहीं अता पता नहीं है। इनमें सर्वाधिक कुपोषण का शिकार विकासखंड पुष्पराजगढ़ में मात्र १० बच्चें ही एनआरसी में भर्ती है। यही हाल जिला मुख्यालय और विकासखंड अनूपपुर का भी हाल बना हुआ है, जहां २० बच्चों की निर्धारित सीट में मात्र ८ कुपोषित बच्चे सेंटर में भर्ती कराए गए हैं। बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है। इससे पूर्व बच्चों की मौत मामले में ८ दिसम्बर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभूराम चौधरी ने एनआरसी में कम बच्चों की मौजदूगी पर नाराजगी जताई थी और कुपोषित बच्चों का सर्वे कार्य कराते हुए नजदीकी एनआरसी सेंटरों पर भर्ती के निर्देश दिए। यहीं नहीं ९ दिसम्बर को एमडी(एनएचएम) छवि भारद्वाज ने भी पुष्पराजगढ़, जैतहरी और अनूपपुर के मैदानी अमलों के साथ बैठक लेकर कुपोषित बच्चों को ढूढने और स्वास्थ्य सेंटर तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे। लेकिन मंत्री और एमडी के लौटते ही स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग अमला कुपोषण से बेखबर हो गया।
बॉक्स: कलेक्टर को दी गलत जानकारी
जिले में वर्तमान में ५६७६ बच्चे कुपोषित और ६१६ बच्चे अतिकुपोषित हैं। इसके अलावा १९ हजार ०-३ माह के नवजात मौजूद हैं। लेकिन मैदानी अमले और स्वास्थ्य अधिकारियों को अबतक मात्र १६ कुपोषित बच्चे नजर आए हैं। इससे पूर्व ११ दिसम्बर को कलेक्टर की समीक्षा बैठक ने स्वास्थ्य अधिकारियों ने कलेक्टर के समक्ष गलत जानकारी पेश कर दी। ११ दिसम्बर की स्थिति में जिले के सभी पांचों सेंटर पर मात्र २६ बच्चें भर्र्ती थे। लेकिन अधिकारियों ने ४४० गावों में ८०२९ बच्चों के सर्वे की जानकारी देते हुए ४१२ को स्वास्थ्य सम्बंधी समस्या ग्रस्त बताया। इनमें ४ बच्चों को एसएनसीयू, ३ को पीआईसीयू, और १२ बच्चों को एनआरसी में भर्ती होने की जानकारी दे दी। लेकिन ११ दिसम्बर तक १२ में एक भी बच्चें सेंटर में नहीं पहुंचे थे। मंत्री को पांचों सेंटर पर २५ की जानकारी दी गई थी।
बॉक्स: कुपोषण की स्थिति
विखं कुपोषित अतिकुपोषित
अनूपपुर १३७२ १७७
जैतहरी १२१७ ९१
ेकोतमा ९०६ ८७
पुष्पराजगढ़ २१८१ २६१
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बॉक्स: एनआरसी में न्यून सीट, यहां भी बच्चे कम
विख. सीट भर्ती खाली
अनूपपुर २० ०८ १२
जैतहरी १० ०८ ०२
कोतमा १० ११ ००
पुष्पराजगढ़ २० १० १०
करपा १० ०६ ०४
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Rajan Kumar Gupta Desk
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