प्रबंधन की लापरवाही से दिव्यांग छात्रा हुई मौत का शिकार

Shahdol online

Publish: Nov, 14 2017 05:32:04 (IST)

Anuppur, Madhya Pradesh, India
प्रबंधन की लापरवाही से दिव्यांग छात्रा हुई मौत का शिकार

हेड इंज्यूरी के बाद बिलासपुर किया गया था रेफर

अनूपपुर. आखिरकार जीवन और मौत के बीच बेहोशी हालत में सोमवार १२ नवम्बर की सुबह जिला अस्पताल में जूझ रही १३ वर्षीय नेत्र दिव्यांग दुर्गा दाहिया पिता जयकुमार निवासी अमराडंडी प्रबंधनों की लापरवाही में मौत का शिकार बन गई।
सुबह छात्रावास में कमरे की किवाड़ से टकराने के उपरांत सिर में बनी अंदरूनी जख्म में छात्रा को डॉक्टरों ने रात के समय प्राथमिक उपचार उपरांत बिलासपुर के लिए रेफर किया था। लेकिन एम्बुलेंस वाहन में भेजने की तैयारी के दौरान रात ९ बजे दम तोड़ दिया। जिसके उपरांत सुबह अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पीएम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया।
बताया जाता है कि जिला मुख्यालय स्थित दिव्यांग छात्रावास को अनूपपुर लायंस क्लब ने उसके विकास में अपनी भागीदारी निभाते हुए उसे सरंक्षण में लिया था, जबकि प्रबंधक के तौर पर यह सर्वशिक्षा अभियान अधिकारी(डीपीसी) के जिम्मे संचालित हो रही थी। लेकिन दिनभर अधिकारियों और लायंस क्लब के सदस्यों की उपस्थिति तथा रात के दौरान हुए रेफर मामले में सभी प्रबंधकों ने लापरवाही बरती।
जिसका खामियाजा छात्रों को जीवन के बदले मौत मिली। डॉक्टरों के अनुसार हेड इंज्यूरी प्रकरण में घटना के १२ घंटे के अंदर उपचार के लिए अन्य सेंटर रेफर करना अनिवार्य होता है। लेकिन जिला अस्पताल में सुबह ९ बजे भर्ती कराए गए किशोरी को शाम ७ बजे रेफर किया गया। बताया जाता है कि सुबह घटना के उपरांत छात्रा को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां जिला अस्पताल सिविल सर्जन ने जांच उपरांत रेफर सम्बंधी कोई सलाह अधिकारियों को नहीं दी। घटना की जानकारी रात ७ बजे मिलने पर सीएमएचओ ने अस्पताल पहुंचकर तत्काल छात्रा को बिलासपुर के लिए रेफर करवाया। इसी दौरान किशोरी के पिता को भी घर से बुलाकर साथ जाने पर सहमत किया। लेकिन सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई।
वहीं किशोरी की मौत के बाद घटना के सही कारणों पर अब असमंजस्यता दिखने लगी है। डॉक्टरो के अनुसार सिर में गहरी चोट लगने के बाद हेडइंज्यूरी का केस बनता है। जबकि छात्रावास शिक्षकों ने किशोरी के सुबह ब्रश करने उपरांत अपने कमरे के किवाड़ से टकराने की जानकारी दी थी, वहीं कुछ लोगों का कहना था कि किशारी छात्रावास के सीढिय़ों पर फिसलकर गिर गई थी, जिसमें उसके सिर में गहरी चोटें आई। फिलहाल छात्रावास प्रबंधकों, लायंस क्लब और जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही में दिव्यांग दुर्गा मौत का शिकार बन गई है।

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