एमसीबी में आई खराबी, शाम होते ही अंधेरे में गुम जाता जिला अस्पताल परिसर

एमसीबी में आई खराबी, शाम होते ही अंधेरे में गुम जाता जिला अस्पताल परिसर

Rajan Kumar | Updated: 19 Aug 2019, 03:08:58 PM (IST) Anuppur, Anuppur, Madhya Pradesh, India

असुरक्षा के बीच रात गुजारने को विवश मरीज-परिजन सिर्फ वार्डो में टिमटिमा रही रोशनी

अनूपपुर। स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता में जिले का सबसे बड़ा अस्पताल जिला अस्पताल पिछले दो दिनों से शाम होते ही अंधियारे के आगोश में समा रहा है। अस्पताल की बिल्डिंग में बने वार्डो में सोलर लाईट की दुधिया रोशनी जरूर टिमटिमाती नजर आती है। लेकिन बिल्डिंग के अन्य हिस्से और बाहर का पूरा परिसर में अंधेरा व्याप्त है। ऐसा नहीं कि यह बिजली गुल होने के बाद की परिस्थितियां बन रही हो, फीडर से उपलब्ध होने वाली बिजली की आपूर्ति के बाद भी कमोवेश यही स्थिति बनी रहती है। जिसके कारण शाम के बाद पूरा अस्पताल परिसर ही अंधेरे में गुम हो जाता है। अंधेरा होने के कारण यहां आने वाले मरीजों और उनके परिजनोंं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिजनों को जरूरी सामानों को लाने के लिए अंधेरे में ही परिसर से बाहर आना व जाना पड़ रहा है। यहां तक परिसर में बने ट्रामा सेंटर की पूरी बिल्डिंग ही स्याह नजर आती है। लेकिन यहां रात के समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड से लेकर चिकित्सकों व अस्पताल प्रशासन ने अबतक इसकी सुधी नहीं ली। बताया जाता है कि अस्पताल परिसर में लगाए गए बिजली उपकरण के एमसीबी (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर्स) में खराबी आ गई है। जिसमें शाम के दौरान बिजली आपूर्ति के लिए दिए गए स्वीच के दौरान एमसीबी खुद ब्रेक डाउन हो जाता है। इसकी जानकारी विद्युत स्टाफ द्वारा अस्पताल प्रबंधक को दी गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधक ने इसे दरकिनार कर दिया। विद्युत स्टाफ के अनुसार हाल के दिनों में ही पूरा अस्पताल परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर वॉयररिंग कराई गई थी। इसमें पुराने वॉयर तथा उपकरणों को बदलने की कार्रवाई भी की गई। लेकिन उपकरणों व वायरिंग के चंद माह बाद एमसीबी उपकरण में खराबी आ गई है। जिला अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार रात के समय परिसर में अंधेरा होने के कारण बाहर से आने वाले मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुख्य बिल्डिंग में भर्ती कराने तथा ट्रामा सेंटर में पंजीयन स्लीप बनाने के लिए अंधेरे में ही आवाजाही करनी पड़ती है। इसके अलावा बाहरी हिस्से में वाटर कूलर मशीन व हैंडपम्प होने के कारण परिजनों को अंधेरे में ही पानी के लिए आना जाना पड़ता है।
बॉक्स: तीसरी आंख में कैसे होगी रिकार्डिंग
जिला अस्पताल में निजी सुरक्षा गार्डो की कमी और सीसीटीवी रिकार्ड की मॉनीटरिंग के अभाव में मरीजों के वार्ड से मोबाइल व अन्य सामानों की चोरी के सैकड़ो मामले सामने आए थे। इनमें परिजनों द्वारा बाइक चोरी की भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। लेकिन हालात यह है कि सुरक्षा को लेकर अस्पताल प्रबंधक कभी गम्भीर नहीं हुआ। पिछले दो दिनों से रात के समय परिसर में बिजली की कमी में मरीज व परिजन भय के माहौल में समय व्यतीत कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि बाहर उनकी बाइक व सामान हैं। लेकिन अंधेरा होने के कारण समझ में नहीं आता कौन व्यक्ति किसकी बाइक व सामान लेकर जा रहा है। वार्ड में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अंदर भी परिजन नहीं ठहर सकते। वहीं अस्पताल पुलिस चौकी स्टाफो का कहना है कि अस्पताल में रोशनी की कमी हमेशा से बनी रहती है। इससे परिसर में घूमने वाले संदिग्धों की भी पकड़ नहीं होती।
वर्सन:
एमसीबी बोर्ड में खराबी होने के कारण यह समस्या बन रही है। बिजली स्टाफ से सुधार के लिए कहा था। फिलहाल मैं अवकाश पर बाहर आ गया हूं। जल्दी सुधार करने के लिए कहता हूं।
डॉ. एसआर परस्ते, सिविल सर्जन जिला अस्पताल अनूपपुर।

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