खुली में रखी 10 हजार क्विंटल से ज्यादा धान बारिश में भीगी, परिवहन में देरी

बिजली के अभाव में नहीं हो सकी बोरियों की सिलाई, दो दिनों से बिना तिरपाल भींग रही बोरियां

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 03 Jan 2020, 11:28 PM IST

अनूपपुर। जिला मुख्यालय स्थित बरबरसपुर ग्राम पंचायत में किसानों से धान का उपार्जन कर भंडारित करने बनाई गई बरबसपुर ओपन कैप पर विभागीय अधिकारियों और सोसायटी प्रबंधक की लापरवाही में १० हजार क्विंटल से अधिक धान की बोरियां बारिश में गीली हो गई। कुछ बोरियां अब भी पानी के जमाव में भींगकर सडऩे के कगार पर पहुंच गई है। आशंका है कि अगर एकाध दिन और बारिश हुई तो सभी भींगी धान की बोरियां में भंडारित धान सड़ जाएगा। जिसमें १८१५ के समर्थन मूल्य में किसानो से खरीदी की गई लगभग लाखों रूपए की धान के नुुकसान की आशंका जताई जा रही है। ओपन कैप कर्मचारियों का कहना है कि बिजली के अभाव में यह हालात बनी है। ग्राम पंचायत स्तर पर बिजली की आपूर्ति के कारण बोरियों की सिलाई नहीं हो सकी और ना ही उनका भंडारण। जिसके ३१ दिसम्बर से आरम्भ हुई लगातार बारिश में खुली कैप पर असुरक्षित रखी गई धान की सभी बोरियां बारिश की बौछार में गीली हो गई है। यहां तक कुछ बाोरियों की लॉट जिसे ढककर रखा गया है, वो भी औने पौने ढकाई की वजह से गीली पड़ी है। जबकि किसानों से पिछले एक सप्ताह में खरीदी हुई धान की बोरियां जमीन पर पानी के जमाव के कारण भींगकर बर्बाद हो गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में खरीफ उपार्जन के लिए २० केन्द्र बनाए गए हैं। जिनमें ९ केन्द्रों पर उपार्जन के साथ भंडारण की व्यवस्था बनाई गई है। इनमें अनूपपुर कृषि उपज मंडी अंतर्गत दो स्थानों कृषि उपज मंडी परिसर और बरबसपुर ओपन कैप पर खरीदी और भंडारण के रूप में शामिल है। साथ ही जिन स्थानों पर गोदाम की व्यवस्था नहीं है, उन उपार्जन केन्द्रों से धान खरीदी कर बरबसपुर ओपन भंडारण कैप पर परिवहन कर लाया जा रहा है। जिसमें बरबसपुर ओपन कैप पर अबतक ७५८ पंजीकृत किसानों में से ३२५ किसानों द्वारा ११ हजार९०२ क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। बताया जाता है कि ओपर कैप पर १ लाख मीट्रिक टन क्षमता धान भंडारण की क्षमता है। जिसके कारण अनूपपुर के स्थानीय उपार्जन केन्द्र आदिम जाति सेवा सहकारी समिति दुलहरा, अमलाई, पयारी नम्बर ०१, पटनाकला, जैतहरी विकासखंड के धनगवां, वेंकटनगर, जैतहरी, पुष्पराजगढ़ विकासखंड राजेन्द्रग्राम, बेनीबारी, भेजरी, दमेहड़ी जैसे उपार्जन केन्द्रों का धान भी गोदाम के अभाव में भंडारण के लिए बरबसपुर पहुंचता है। यह हालात सिर्फ बरबसपुर ओपर कैप की नहीं, बल्कि जिले के कोतमा, वेंकटनगर, सहित अन्य मुख्य उपार्जन केन्द्रों पर बनी है, जहां शासन द्वारा खरीदी पूर्व धान के सुरक्षित खरीदी और परिवहन के दिए निर्देश के पालन में विभाग और सोसायटी प्रबंधकों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
विदित हो कि अनूपपुर जिले में चारो विकासखंड के ४८५ गांवों से १२००४ किसानों ने धान उपार्जन के लिए अपना पंजीयन कराया था। जिसमें २ दिसम्बर से आरम्भ हुई खरीदी में अबतक ४१४७ किसानों ने १ लाख ८९ हजार ८९७ क्विंटल धान की बिकवाली की है। इनमें अबतक कुल १ लाख ४४ हजार ३० क्विंटल धान का ही परिवहन हो सका है। शेष ४५ हजार ८६७ क्विंटल धान उपार्जन केन्द्र पर असुरक्षित भंडारित हैं।
बॉक्स: सोसायटी को नहीं मिल रहे मजदूर
एक ओर बारिश के कारण धान की बोरियां गीली हो गई है, वहीं अधिक ठंड व बारिश के कारण केन्द्रों पर भंडारित धान के परिवहन के लिए सोसायटी को मजदूर भी नहीं मिल रहे हैं। जिसके कारण उपार्जन केन्द्रो से पिछले तीन-चार दिनों से एक भी बोरी का परिवहन नहीं हो सका है। यहां तक ट्रकों में लोड बोरियों को लोड और अनलोड भी नहीं किया जा सका है।
वर्सन:
यह सोसायटी प्रबंधक की लापरवाही है, यहां धान की बोरियों को सिलकर लॉट में सुरक्षित भंडारित किया जाना था। लेकिन ये बोरी की सिलाई भी नहीं करवा सके। इस सम्बंध में शासन को पत्र के माध्यम से लापरवाही के सम्बंध में जानकारी दी जाएगी।
आरबी तिवारी, नागरिक आपूर्ति विभाग प्रबंधक अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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