सादगी के साथ मनाया गया मातमी पर्व मोहर्रम, मांगी अमन और शांति की दुआएं

ताजिए का जुलूस निकाल कर्बला में ठंडा किया

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 21 Aug 2021, 10:55 PM IST

अनूपपुर। मुस्लिम समुदाय की मातमी पर्व मोहर्रम जिलेभर में सादगी के साथ मनाया गया। जहां धर्म के मानने वाले लोगों ने आशुरा की नमाज अदा करते हुए अमन और शांति की दुआएं मांगी। हालंाकि कोविड १९ की गाइडलाइन के तहत बड़े आयोजनों पर पाबंदी लगी रही। लेकिन जिलेभर में लोगों ने कम संख्या में मौजूदगी दर्ज कराते हुए ताजिए का जुलूस निकाला और कर्बला में ठंडा किया। अनूपपुर जिला मुख्यालय में 2 ताजिया बनाई गई थी। मान्यता के अनुसार आशुरा के दिन इमाम हुसैन का कर्बला की लड़ाई में सिर कलम कर दिया था और उनकी याद में इस दिन जुलूस और ताजिया निकालने की रिवायत है। आशुरा के दिन रोजा-नमाज के साथ इस दिन ताजियों अखाडों को दफन या ठंडा कर मातम मनाते हैं। वहीं भालूमाड़ा में भी मातमी पर्व मोहर्रम का त्योहार अकीदत और अदब के साथ मनाते हुए अमन और शांति की दुआएं मांगी गई। माहे मोहर्रम की दसवीं तारीख 20 अगस्त जिसे मुस्लिम समाज योमे आशूरा के रूप में मनाता है, के दिन ही कर्बला के मैदान में पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हजरत हुसैन और उनके 72 जांनिसार साथियों ने शहादत पेश कर दीन इस्लाम को बुलंदी बख्शी थी। शरीयत का तहफ्फ़ुज किया था। इससे पूर्व गुरुवार शाम भालूमाड़ा नगर के वार्ड क्रमांक 11 दफाई नंबर 3 अंजुमन इस्लामिया रजबिया बड़ी मस्जिद में ताजिया रखी गई। जहां लोगों ने इबादत की फातिया किया गया। वहीं लोगों ने लंगर बांटे। इस दौरान देर रात तक लोगों का आने का सिलसिला जारी रहा और हर कोई शांति भाईचारा की दुआएं मांगे।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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