नंद के आनंद भए...कन्हैंया के आने के इंतजार में टिकी भक्तों की आंखें, आधी रात जन्मे यशोदा के नंदलाल

नंद के आनंद भए...कन्हैंया के आने के इंतजार में टिकी भक्तों की आंखें, आधी रात जन्मे यशोदा के नंदलाल

shivmangal singh | Publish: Sep, 04 2018 08:57:20 PM (IST) Anuppur, Madhya Pradesh, India

नंद के आनंद भए...कन्हैंया के आने के इंतजार में टिकी भक्तों की आंखें, आधी रात जन्मे यशोदा के नंदलाल

मंदिरों की व्यवस्थाओं के साथ घरों में भी पूजा की हो रही तैयारी
अनूपपुर। ‘नंद के आनंद भए जय कन्हैंयालाल की, हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैंया लाल की’ की शब्दों से शहर का सारा वातावरण गुजांईयमान है। भाद कृष्णपक्ष के अष्टमी को मनाए जाने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों से लेकर घर व बाजार तक संजे हुए हैं। छोटे-छोटे बच्चे कान्हा स्वरूप माथे पर मोर-मुकट लगाए मंदिरों में भ्रमण करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान नटखल कन्हैया के आने की खुशी में महिलाएं भी रात के समय नंद के घर आनंद स्वरूप यशोदा के नंदलाल के आने के इंतजार में अपनी पलकें बिछाकर बैठी हैं। सोमवार ३ सितम्बर को शहर की विभिन्न मंदिरों में कन्हैंया के आने के उत्सव में मंदिरों को सजाया गया है। अनूपपुर जिला मुख्यालय से लेकर जैतहरी, कोतमा, बिजुरी, भालूमाड़ा, अमरकंटक सहित ग्रामीण अचंलों में भी श्रीकृष्णा जन्मअष्टमी की धूम मची है। कुछ स्थानों पर पंडाल भी संजाए गए हैं, जहां रातभर जागरण कर भगवान की भक्ति की जाएगी। उल्लेखनीय है कि भाद माह कृष्णपक्ष अष्टमी के दिन मथुरा के राजा जरासंध की बहन तथा वासुदेव की पत्नी देवकी ने कारागृह में एक बालक को जन्म दिया था। जिसे भगवान विष्णु का स्वरूप श्रीकृष्ण के नाम से जाना जाता है। मथुरावासियों पर जरासंध के अत्याचार व सृष्टि के कल्याण के लिए पधारे श्रीकृष्ण के जन्म उत्सव को श्रीकृष्णाष्टमी के रूप में मनाए जाने की प्रथा चली आ रही है। इस मौके पर जिला मुख्यालय के स्टेशन रोड स्थित रामजानकी मंदिर, सामतपुर तालाब स्थित शिवमंदिर, शंकर चौराहा स्थित शिव मंदिर सहित तिपान नदी पार महादेव मंदिर में भी श्रीकृष्णाष्टमी के उपलक्ष्य में मंदिरों को सजा विशेष पूजन अर्चन की व्यवस्था बनाई गई है। रामजानकी मंदिर के पुरोहित नरेन्द्र प्रसाद तिवारी के अनुसार मंदिरों में पूजा अर्चन का काम रात्रि १० बजे तक चलेगा, लेकिन अष्टमी तिथि का प्रभाव पूरे समय तक बना रहेगा। इस दौरान भक्तों द्वारा भजन कीर्तन के साथ रामायण पाठ भी किया जाएगा, जहां भगवान के श्रीमूर्ति की विशेष पूजन अर्चन के बाद भंडारे का प्रसाद वितरण किया जाएगा। वहीं ेकोतमा में भी श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का त्यौहार सोमवार को उल्लास एंव श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। नगर की प्रसिद्व श्री आदिशाक्ति पंचायती मंदिर में पूर्व से चली आ रही परम्परानुसार भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का त्यौहार विधि-विधान एंव भक्ति भाव के साथ किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कोतमा, बुढानपुर, जमुना, भालूमाडा सहित आस-पास के पूरे कोयलांचल क्षेत्र एंव ग्रामीण अंचलो में भी श्रद्धाभाव से मनाया गया। मंदिर में महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड बनी रही। 12 बजते ही मंदिर के घंटे एंव पटाखो की आतिशबाजी से गूजं उठा। जन्माष्टमी पर्व को लेकर मंदिरो में विशेष सजावट की गई थी। जहां सुबह से ही मंदिरो में भक्तों का तांता लगा रहा। पंचायती मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बैठक एंव भजन कीर्तन की व्यवस्था की गई। रात 12 बजते ही फटाखो एंव मंदिरो के घंटी से पूरा नगर भक्तिमय से सराबोर हो गया। पूजा, आरती के बाद प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस बार क्षेत्र में तिथि को लेकर 2 दिनों तक श्रीकृष्णाष्टमी का त्यौहार मनाया गया।

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