नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ; नेशनल लोक अदालत की 10 खंडपीठों में 248 प्रकरणों का हुआ निराकरण

नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ; नेशनल लोक अदालत की 10 खंडपीठों में 248 प्रकरणों का हुआ निराकरण

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 10 Mar 2019, 08:02 AM IST

लोकअदालत में प्रकरण निराकृत होने से किसी भी पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि दोनों की जीत होती है- न्यायाधीश
अनूपपुर। ‘लोक अदालत के माध्यम से जिन प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण होता है, उन प्रकरण की कोई अपील अथवा पुनरीक्षण नहीं होती है। लोक अदालत में प्रकरण निराकृत होने से किसी भी पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्ष की जीत होती है और आपसी प्रेम और सद्भाव बना रहता है, कई परिवार टूटने से बच जाते हैं।’ यह बात 9 मार्च को जिला सत्र न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत के शुभारम्भ के दौरान जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. सुभाष कुमार जैन ने कही। कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने कहा कि नेशनल लोक अदालत में समस्त जिला प्रशासन का निरंतर सहयोग मिलता रहेगा और अपने प्रशासनिक संसाधनों का भरपूर उपयोग लोक अदालत को सफल बनाने के लिए किया जाता रहेगा। शनिवार को अनूपपुर एवं तहसील न्यायालय कोतमा व राजेन्द्रग्राम में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें जिला न्यायालय अनूपपुर एवं तहसील न्यायालय कोतमा व राजेन्द्रग्राम में कुल 10 खण्डपीठों का गठन किया गया था। इनमें दाण्डिक, शमनीय प्रकरण, चेक अनादरण प्रकरण, बैंक वसूली प्रकरण, मोटर दुर्घटना प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, सिविल प्रकरण एवं बिजली व पानी के बिल से संबंधित प्रकरणों को रखा गया। अनूपपुर, कोतमा एवं राजेन्द्रग्राम में लंबित प्रकरणों में से 1385 प्रकरणों को लोक अदालत में रेफर किया गया, जिनमे से कुल 248 प्रकरणों का निराकरण हुआ। प्रीलिटिगेशन के 1043 प्रकरण लोक अदालत में प्रस्तुत हुए जिनमें से 11 प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से हुआ। आयोजित लोक अदालत में कुल राशि 12537037 रूपए की अवार्ड हुई। इस मौके पर द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश वारीन्द्र कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेन्द्र नकवाल, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 ज्योति राजपूत, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 राकेश सनोडिय़ा, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 आरती रतौनिया, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 विनीत साकेत, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष दुर्गेश पांडेय, अधिवक्ता संतोष सिंह परिहार, अधिवक्ता विजेन्द्र सोनी, नगर पालिका, विद्युत मंडल, बैंकों के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में पक्षकारगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।
बॉक्स: तीन न्यायाधीशों ने कराया राजीनामा
जिला न्यायाधीश डॉ. सुभाष कुमार जैन के न्यायालय में चल रहे क्लेम प्रकरण में प्रतिकर की राशि का भुगतान कराया गया। वर्ष 2016 में आवेदक जनमेजय सिंह की खड़ी बाइक में अनावेदक ने टक्कर मार दी थी जिससे आवेदक को चोट आयी थीं। प्रकरण में दोनों पक्षों के मध्य समझौता होने पर आवेदक को 90000 रूपए की राशि प्रतिकर स्वरूप प्रदाय कराई गई। इसी प्रकार अपर जिला न्यायाधीश वारीन्द्र कुमार तिवारी के न्यायालय में चल रहे विद्युत मंडल के प्रकरण में बालकृष्ण ने अपनी बकाया 75898 रूपए की राशि का भुगतान कर प्रकरण का निराकरण कराया। जबकि व्यवहार न्यायाधीश राकेश सनोडिय़ा के न्यायालय में लंबित 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के दो प्रकरणों में 2-2 लाख एवं अन्य प्रकरणों में भी राजीनामे के आधार पर निराकरण की कार्रवाई हुई।

Rajan Kumar Gupta Desk
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