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शीतलहर में नगरीय क्षेत्रों में प्रारंभ नहीं हुए रैन बसेरे, जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा सिर छिपाने का आसरा

सडक़ और फुटपाथ पर सोने वाले लोगों के सामने समस्या, राहगीरों को भी नहीं मिल रहा लाभ

अनूपपुर

Published: December 27, 2021 09:20:14 pm

अनूपपुर। उत्तर भारत की बर्फीली हवाओं के थपेड़े में शीतलहर के आगोश में सिमटे अनूपपुर जिले में जनजीवन अस्त व्यस्त है। और दिनोंदिन सर्दियों के मौसम में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं दूसरी ओर नगरपालिका क्षेत्र में बेघर तथा आवागमन करने वाले राहगीरों के लिए जरूरत पडऩे पर सिर छिपाने बनाए गए रैन बसेरे के ताले लटक रहे हैं। जिस वजह से इन क्षेत्रों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें सबसे अधिक परेशानी जरूरतमंद लोगों को उठानी पड़ रही है, जिनके सिर ने तो कच्ची परछी है और ना ही पक्का छत। सर्द व गलनभरी ठंड के बावजूद खुले आसमान या रेलवे स्टेशन के शेड के नीचे अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जरूरतमंद लोगों को रैन बसेरे की सुविधा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
बॉक्स: रैन बसेरां की यह है स्थिति
जिले के कोतमा नगर पालिका में पुरानी नगर पालिका भवन के समीप रैन बसेरा संचालित है, लेकिन देख-रेख की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशान होना पड़ता है। पसान नपा में अब तक रैन बसेरा भवन नहीं होने से उसका संचालन नहीं हो पा रहा है। नगर पालिका जैतहरी में रैन बसेरा बस स्टैंड के समीप स्थित है लेकिन यहां भी ताला ही लगा रहता है। नगर पंचायत अमरकंटक अंतर्गत नर्मदा मंदिर के समीप रैन बसेरा संचालित है, जहां लोगों को रुकने की व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन ना तो बाहर कोई सूचना बोर्ड लगा है और ना ही नगर पंचायत क्षेत्र में रैन बसेरे की जानकारी बस स्टैंड पर चस्पा की गई है। नगर पालिका परिषद बिजुरी में सामुदायिक भवन में नगर पालिका के द्वारा रैन बसेरा घोषित किया गया है। लेकिन ना तो यहां पर कोई सूचना बोर्ड लगा है और ना ही रात्रि के समय यहां कोई कर्मचारी उपस्थित रहता है। जिला मुख्यालय अनूपपुर में अंडर ब्रिज के पास रैन बसेरा भवन बना हुआ है, यहां पर कर्मचारी लगाए जाने के साथ ही बिस्तरों की भी व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही नगर परिषद डोला बनगवां डूमर कछार में राहगीरों के रुकने के लिए ना तो भवन की व्यवस्था की गई है और ना ही कहीं पर रैन बसेरे का सूचना बोर्ड ही लगा हुआ है।
बॉक्स: कहीं कर्मचारी नहीं तो कहीं सार्वजनिक स्थलों पर नहीं कोई सूचना बोर्ड
रैन बसेरा बाहर से आने वाले मुसाफिरों तथा नगर के भीतर भिक्षा मांग कर गुजारा कर रहे बेघर लोगों के साथ ही अन्य लोगों जिनके पास रुकने का कोई आसरा नहीं है के लिए संचालित की जाती है। लेकिन रैन बसेरा संबंधित कोई जानकारी और सूचना नहीं मिल पाने के कारण ज्यादातर लोग बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थलों पर रात गुजारने को विवश हो जाते हैं। लोगों का मानना है कि नगरीय व्यवस्था में इस प्रकार की सूचना बोर्ड लगाकर प्रर्दशित की जानी चाहिए, ताकि आगंतुक रैन बसेरा में कार्यरत कर्मचारियों के फोन नंबर सहित उनके नाम के सूचना बोर्ड के आधार पर जानकारी जुटा सके। जिस वजह से रैन बसेरा जैसी बेहतर योजना संचालित होने के बावजूद भी लोगों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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Night shelters did not start in urban areas due to cold wave, the need
शीतलहर में नगरीय क्षेत्रों में प्रारंभ नहीं हुए रैन बसेरे, जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा सिर छिपाने का आसरा

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