प्रभार में अधिकारी, रोजगार कार्यालय पर लटक रहा ताला

पंजीयन कराने भटक रहे मजदूर और युवक, गुमनाम किराए के भवन में संचालित रोजगार पंजीयन कार्यालय

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 09 Jul 2020, 06:01 AM IST

अनूपपुर। कोरोना संक्रमण के दौरान देश के जनजीवन में लगा लॉकडाउन अब धीरे धीरे हटने लगा है। महानगरों में उद्योगधंधों के बंद होने के बाद बेरोजगार होकर वापस अपने गांव लौटे प्रवासी मजदूर और पढ़े लिखे युवा रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। रोजगार पाने के लिए पंजीयन अनिवार्य है। लेकिन प्रवासी मजदूर व स्थानीय युवक जिला मुख्यालय स्थित जिला रोजगार पंजीयन कार्यालय की खोज में परेशान है। लेकिन यहां गुमनामी के बीच किराए के भवन में संचालित कार्यालय पर वर्षो से ताला लटका हुआ है। भवन किराए से है, लेकिन यहां रोजगार पंजीयन के लिए न तो कम्प्यूटर, न टेबल-कुर्सी और ना ही स्टाफों की नियुक्ति हुई है। यहां तक विभागीय अधिकारी भी प्रभार के रूप में शहडोल में पदस्थ है। जिसके कारण अनूपपुर जिले के युवाओं और प्रवासी मजदूरों को अपना पंजीयन कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति आज से नहीं वर्षो से बनी हुई है। हमेशा प्रभार में अधिकारियों के होने के कारण अनूपपुर जिले के युवाएं रोजगार के मामले में उपेक्षित रहे हैं। जबकि कोरोना के कारण गांव लौटे प्रवासी मजदूरों के साथ युवाओं के रोजगार के लिए शासन स्तर पर ही विभागीय अधिकारियों को प्रवासी मजदूरों व युवाओं के पंजीयन, रोजगार प्रदाता के माध्यम से रोजगार देना सुनिश्चित कराने और भविष्य के लिए भी रोजगार के अवसर तलाश के निर्देश दिए हैं।
अनूपपुर जिला रोजगार पंजीयन कार्यालय के सम्बंध में स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यहां अधिकारी कभी नजर नहीं आते। एक कर्मचारी रहता है, जो कभी कभी आता है। लेकिन कार्यालय पर हमेशा ताला ही लटका रहता है। जानकारी के लिए कार्यालय भवन पर न तो सूचना पटल है और ना ही अधिकारियों के नाम मोबाइल नम्बर।
बॉक्स: कहां कराए पंजीयन
पोर्टल से पंजीयन की आड़ में अब विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्यालय से दूरी बना ली है। लेकिन इनमें अशिक्षित मजदूर जानकारी के अभाव में पंजीयन से दूर है। वहीं अधिकारियों की लापरवाही में अनूपपुर में कार्यालय ही बंद है तो ऐसे में बेरोजगार युवक और बाहर से आए मजदूर अपना पंजीयन कहां कराए।
बॉक्स: वर्तमान मात्र १० प्रवासी मजदूरों को रोजगार
आंकड़ों की बात की जाए तो स्किल के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की योजना में अबतक मात्र २० फीसदी कार्य हो सका है। जबकि जिले में पंजीकृत हुए ३६६६ श्रमिक हैं। जिनको रोजगार देने के लिए ११४ नियोक्ताओं ने हाथ बढ़ाया है। अबतक ५८८ संगठित क्षेत्रों में नियोजित प्रवासी श्रमिक, २००६ भवन एवं अन्य निर्माण कार्यो में नियोजित प्रवासी श्रमिक, १०७२ कारखाना में नियोजित प्रवासी श्रमिक है। इनमें अबतक ११ श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो सके हैं। इनमें एक ठेकेदार ने तथा १० अन्य नियोजकों ने अपने यहा रोजगार उपलब्ध कराया है। वहीं शहरी क्षेत्र में १४५ मजदूर, ग्रामीण क्षेत्र में ३५२१ मजदूर है। इनमें पुरूष ३२६७ तथा ३९९ महिलाएं हैं।

Rajan Kumar Gupta Desk
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