कमर्शियल माइनिंग के विरोध में कॉलरी खदानों में एकदिनी हड़ताल, आंशिक असर में उत्पादन प्रभावित

हसदेव की 8 खदानों में 2 हजार टन की जगह प्रथम पाली में मात्र 500 टन कोयला उत्पादन

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 27 Nov 2020, 11:50 AM IST

अनूपपुर। भारत सरकार द्वारा कमर्शियल माइनिंग की आड़ में कोल ब्लॉकों को निजी हाथो में सौंपने, काम के घंटे बढ़ाए जाने, सीएमपीएफ को ईपीएफ में विलय तथा श्रमिकों के हितों के विपरीत नियमों के विरोध में चार श्रमिक संगठनों का २६ नवम्बर को एक दिनी हड़ताल रहा। जिसका मिला-जुला आंशिक असर कोल खदानों पर भी पड़ा। जिले के संचालित १४ कोल खदानों पर कहीं श्रमिकों की संख्या कम तो कहीं सामान्य रही। लेकिन हसदवे क्षेत्र के ८ कोल खदानों में प्रथम पाली के दौरान हुए उत्पादन में उसका असर देखा गया। २५ नवम्बर को हसदेव क्षेत्र में तीनों पालियों में हुए ६१५० टन कोयला का उत्पादन हुआ था, वहीं २६ नवम्बर की प्रथम पाली में कुल मात्र ५०० टन कोयला उत्पादन का रिकार्ड दर्ज हुआ। इनमें तीन-चार खदानों में उत्पादन लगभग निरंक रहा। जिसमें बेस्ट जेकेडी, हल्दीबाड़ी, झिरिया खदान, बिजुरी भूमिगत खदान का उत्पादन शून्य रहा। इस प्रकार यह आंकलन किया जा सकता है कि प्रथम पाली में ही लगभग १५०० टन कोयला का उत्पादन प्रभावित हुआ यानि ३३ लाख का नुकसान माना जा सकता है। पूरी तीनों पालियों में मिलाकर करोड़ रूपए के नुकसान कहे जा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर एसईसीएल की जमुना कोतमा क्षेत्र में भी हड़ताल का आंशिक असर ही माना गया है। यहां मजदूर सामान दिनों की भांति ही खदानों की ओर पहुंचे। जमुना कोतमा क्षेत्र में वर्तमान में ६ खदान चालू हालत मेंं हैं। चारो श्रमिक संगठनों एचएमएस, सीटू, एटक, इंटक के पदाधिकारियों ने सभी खदानों के प्रवेश द्वार पर सुबह से ही मोर्चा सम्भालते हुए आने वाले श्रमिकों से कामर्शियल माइनिंग से होने वाले नुकसान को बताते हुए काम पर नहीं जाने की अपील की। जिसके बाद कुछ मजदूर वापस लौट गए। कॉलरी सूत्रों के अनुसार चारो श्रमिक संगठनों के एक दिनी हड़ताल में जिले के समस्त कोयला खदानों में उत्पादन प्रभावित हुआ है। लेकिन इससे कंपनी को ज्यादा नुकसान नहीं माना जा रहा है।
विदित हो कि एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत आनेवाली ९/१० बंद होने के कारण यहां उत्पादन बंद है, जबकि मीरा खदान, आमाडांड भूमि खदान, आमाडांड ओसीएम, जमुना १/२, जमुना कॉलरी वर्कशॉप, जमुना कोतमा ७/८ खदान , गोंविदा खदान में सुबह से आंशिक प्रभाव के साथ कोयला उत्पादन हुआ। इसी तरह हसदेव क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ८ खदानों में बिजुरी, बहेराबांध, कपिलधारा, कुरजा भूमिगत खदान, राजनगर आरओ, राजनगर ओसीएम, झिरिया खदान, बेस्ट जेकडी, तथा हल्दीबाड़ी खदानों में भी उत्पादन कम मात्रा में हुए। जबकि बिजुरी खदान की क्षमता ६०० टन, बेहराबांध में १६०० टन, कपिलधारा ६०० टन, कुरजा भूमिगत खदान ८०० टन, राजनगर के दो खदानों में १००० टन, झिरिया खदान ४०० टन, बेस्ट जेकड़ी ४००, हल्दीबाड़ी १६०० टन रोजाना है।
बॉक्स: हड़ताल में शामिल रहे कर्मचारियों को नहीं होगा भुगतान
एक दिनी हड़ताल में शामिल रहे कॉलरी कर्मचारियों को आज का वेतन नहीं मिलेगा। कंपनी के नियमों के अनुसार हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के वेतन से कटौती कर दी जाएगी। पूर्व में कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के बाद भी भुगतान के कारण कॉलरी को अधिक नुकसान उठाना पड़ता था।
बॉक्स: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
26 नवंबर कोतमा के गांधी चौक में विशाल आमसभा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगों व कोयला मजदूरों की सफल हड़ताल के मद्देनजर आयोजित किया गया। इसके बाद एटक के बैनर तले सैकड़ों सीपीआई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, रसोईया संगठन, अखिल भारतीय नौजवान सभा, संयुक्त कोयला मजदूर संगठन, भारतीय महिला फेडरेशन, दलित आदिवासी संघर्ष समिति के सदस्यों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। वहीं अनूपपुर जिला मुख्यालय में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य संगठनों द्वारा आमसभा का आयोजन करते हुए ज्ञापन सौंपा गया।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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