कंटेमेंट जोन बनाने पुलिस और पंचायत के पास नहीं संसाधन, होम आइसोलेट मरीजों के घर नहीं लग रहा बेरिकेट

कोरोना संक्रमित मरीजों की नहीं खोज खबर, बाजार और गांवों में बेखौफ घूम रहा संक्रमित

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 16 Sep 2020, 06:02 AM IST

अनूपपुर। कोरोना महामारी अपने भयावह स्वरूप में पूरे दुनिया में छाए जा रही है। जहां रोजाना हजारों की तादाद में लोग असामायिक मौत के शिकार बन रहे हैं। कोरोना महामारी से बचने अबतक दुनिया के किसी देश ने टीका का विकास नहीं किया है। इस महामारी और मौत से बचने का एक मात्र उपाय, सुरक्षा, सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग हैं। बावजूद जिले में कोरोना संक्रमण के प्रति स्वास्थ्य विभाग, राजस्व अमला और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ पुलिस की लापरवाही हावी है। पूर्व में जहां कोरोना संक्रमण की पुष्टि उपरांत मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य अमला द्वारा खोजबीन कर कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराने के साथ पुलिस व राजस्व अमला द्वारा क्षेत्र का घेराबंदी कर कंटेंमेंट जोन बनाया जाता था, ताकि महामारी का प्रसार आसपास के क्षेत्रों ेमें हो। प्रभावित क्षेत्र के लोग सम्बंधित घर और उसके परिजनों से दूरी बनाकर खुद को सुरक्षित रखें। लेकिन अब जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की कोई खोज खबर नहीं ली जा रही है। यहां तक संक्रमित मरीजों को कोविड केयर सेंटर भर्ती या होम आईसोलेट करने जैसी भी सलाह नहीं दी जा रही है। जबकि होम आईसोलेट मरीज के घर के आसपास भी बेरिकेट लगाकर अन्य को यह जानकारी नहीं पहुंचाई जा रही है कि सम्बंधित घर में कोरोना संक्रमित मरीज है।
बताया जाता है कि अब राजस्व विभाग और पुलिस के पास सम्बंधित एरिया के लिए संसाधन हीं नहीं है। पुलिस कहती है ग्राम पंचायत बांस और रस्सी की व्यवस्था करा दें तो हम कंटेंमेंट एरिया बना दें। वहीं ग्राम पंचायत कहती है पहले नजरी नक्शा बना दें फिर व्यवस्था बनाया जाएगा। लेकिन इस दौरान सम्बंधित होम आइसोलेट व्यक्ति बेखौफ बाजार, गांव का भ्रमण कर कॉलरी में अपनी ड्यूटी भी पूरा कर रहा है। वहीं बिजुरी, कोतमा, रामनगर जैसे क्षेत्रों में संक्रमित हुए अधिकांश मरीजों की खोज में स्वास्थ्य अमला मौके स्थल पर पहुंची ही नहीं है। मरीज टीम का इंतजार कर खुद आइसोलेट होकर खुद से इलाज कर रहा है।
बॉक्स: बेरिकेट के लिए नहीं संसाधन
गांव दैखल में कुछ दिन पूर्व दो व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। यहां स्वास्थ्य विभाग अमला ने दोनों को होम आईसोलेट किया। लेकिन दोनों व्यक्ति गांव में बेखौफ घूमते नजर आए। ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और पुलिस, सरपंच को सूचना दिया। लेकिन पुलिस तत्काल बोली हमारे पास बेरिकेटिंग के लिए साधन नहीं, पंचायत बांस की बल्ली और रस्सी की व्यवस्था करा दें तो हम कंटेंमेंट बना देंगे।
बॉक्स: दो दिन बाद भी मरीज की नहीं खोज खबर
बिजुरी सहित आसपास के क्षेत्रों में १३ सितम्बर की रात मिले चार मरीज में कुछ मरीजों की खोजबीन स्वास्थ्य टीम द्वारा नहीं की गई है। यहां तक सम्बंधित क्षेत्र के बीएमओ ने भी संक्रमितों की खोज बीन कर उनका हाल जाना। आलम यह है कि अब मरीज खुद की व्यवस्थाओं में घर में क्वारंटीन हैं और व्यवस्थाओं पर इलाजरत है। यह बात सुदूर क्षेत्र के साथ साथ जिला मुख्यालय में भी हावी है। जहां घर के सदस्य संक्रमित है और परिजन आमजनों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जितना संक्रमण मरीज से नहीं उतना संक्रमण परिजनों के कारण आमजनों में फैल रहा है।
बॉक्स: घर घर बंद कोरोना जांच अभियान, भगवान भरोसे नागरिक
पूर्व में जहां कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर घर सर्वे का कार्य कराया जाता रहा है। लेकिन जैसे ही कोरोना का प्रसार अधिक संख्या में बढ़ा है स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच का काम बंद कर दिया है। संक्रमितों के प्राथमिक सम्पर्क की जांच पड़ताल हो रही है। अब यह स्थिति है कि आम नागरिक भगवान भरोसे हैं, जहां मौसम में हो रहे बदलाव में खुद को मौसमी बीमारी का संक्रमित माने या कोरोना के संक्रमित में संक्रमण। इसके अलावा नागरिकों में जागरूकता के लिए प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई जागरूकता अभियान भी नहीं चलाया जा रहा है।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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