छत्तीसगढ़ की घटिया धान को अनूपपुर उपार्जन केन्द्रों पर बेचने की तैयारी, 371 बोरी धान जब्त

अवैध उपार्जन की तैयारी: उपार्जन से पूर्व खाद्य विभाग ने पकड़ा 143 क्विंटल धान, दर्ज किसानों के नाम पूर्ति होती बोरी

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 13 Jan 2021, 11:57 AM IST

अनूपपुर। जिले में 16 जनवरी तक होने वाले धान उपार्जन में बिचौलियों द्वारा फर्जी तरीके से किसानों की आड़ में उपार्जन केन्द्रों पर की जाने वाली बिकवाली में १२ जनवरी की सुबह खाद्य विभाग ने अवैध तरीके से आए दो ट्रक धान को जब्त करने की कार्रवाई की। विभाग की छापामार कार्रवाई में ट्रकों से ३७१ बोरी धान लगभग 143 क्विंटल मात्रा जब्त की गई। विभागीय अधिकारियों ने धान की लोडिंग-अनलोडिंग प्रक्रिया पूरी कराते हुए उसे वेयरहाउस कोतमा को सुपुर्द किया, जबकि वाहनों को जब्त कर कोतमा थाने में खड़ा कराया है। मामले में अधिकारियों द्वारा जांच प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय को सौंपे जाएंगे। विवेचना अधिकारी वायएस तिवारी ने बताया कि सुबह सूचना मिली कि छत्तीसगढ़ से दो ट्रक धान बेचने उपार्जन केन्द्र पहुंचने वाला है। जिसपर टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए कोतमा वार्ड नंबर 7 में दो ट्रकों को पकड़ा गया। वाहन क्रमांक सीजी ०४एम सी ७८१२ एवं सीजी १० एएफ १८९६ में कुल लोड ३७१ बोरी पाए गए। जिसकी नापतौल करने पर १४३ क्विंटल पाया गया। पूछताछ में जानकारी आई कि धान रात के समय छत्तीसगढ़ से लाया गया था, जो निम्न क्वालिटी की थी।
बॉक्स: उपार्जन केंद्र में ले जाने की थी तैयारी, बिचौलियों के नाम बिकती धान
जांच अधिकारी ने बताया कि धान मालिक बताते हैं कि इन धान को क्षेत्र के अलग अलग उपार्जन केन्द्रों पर शासकीय दर में सोसायटी पर बेचा जाता। जिसमें किसानों की आड़ में दर्ज बिचौलियों के नामों पर केन्द्र खरीदी करती और उसे भंडारण के लिए भेजती। लेकिन अधिकारी ने बताया कि जब्त धान घटिया क्वालिटी की है, जिसकी कीमत १०-१२ रूपए के हिसाब की होगी। लेकिन इसे उपार्जन केन्द्रों पर बेचकर किसान १८६३ की दर से भुगतान पाते। यह बात स्वयं धान के मालिक ने कबूल किया है। लेकिन सूचना के आधार पर कार्रवाई कर जब्त कर लिया गया है।
बॉक्स: धान का अवैध परिवहन
अधिकारी ने बताया कि सम्बंधित व्यापारी के पास ना तो कोई खरीदी के बिल है और ना ही किसी प्रकार की कोई बिल्टी उपलब्ध हुई। यहां तक व्यापारी के पास स्टोर की अनुमति भी नहीं है। जिससे यह तो स्पष्ट है कि यह धान अवैध तरीके से लाया गया था। विदित हो कि जिले में इस वर्ष धान उपार्जन के लिए १६०६३ किसानों ने पंजीयन कराया था। जिसमें ५ हजार से अधिक ऑनलाइन पंजीयन वाले किसान हैं। इन्हीं किसानों की आड़ का फायदा बिचौलियों ने उठाया है।
वर्सन:
सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए धान को जब्त किया गया है। सुबह से कार्रवाई शाम को पूरी की गई है। जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
वाय एस तिवारी, वरिष्ठ सहायक अधिकारी खाद्य विभाग अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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