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फर्जी चालान तैयार कर रसीद को कोषालय में कर दिया जमा, 29 साल बाद मामले में कारावास

आरोपी को 3 वर्ष का सश्रम कारावास, आरोपी वर्ष 2013 से था फरार

अनूपपुर

Published: February 18, 2022 09:41:15 pm

अनूपपुर। फर्जी चालान तैयार कर रसीद को कोषालय में राशि जमा होना दर्शाने के मामले में न्यायाधीश आरपी सेवेतिया ने आरोपी ६५ वर्षीय रामेश्वर पिता साधराम चंद्रवंशी निवासी कोलमी थाना कोतवाली अनूपपुर को धाराओं में दोषी पाते हुए 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4000 रूपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। राज्य की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार पांडेय के द्वारा की गई। घटना के बारे में बताया जाता है कि आरोपी के विरूद् लगभग 29 साल पहले थाना सिटी कोतवाली अनूपपुर में अपराध इस आशय का पंजीबद्व हुआ था कि आरोपी ने वर्ष 1993-94 के लिए विदेशी मदिरा दुकान किल्हौरी चचाई का लाइसेंस फीस 53500 रूपए जो कोषालय में जमा की जानी थी। लेकिन यहां आरोपी द्वारा जमा नहीं की गई। और आरोपी के द्वारा फर्जी चालान तैयार कर एवं रसीद कोषालय में सम्बंधित राशि जमा होना दर्शाया गया। जिसपर जिला आबकारी अधिकारी शहडोल के द्वारा आरोपी के विरूद्व अपराध पंजीबद्व कराया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्याकयालय में प्रस्तुत किया गया, जिसमें विचारण के दौरान जब मामला 5 अगस्त 2013 को निर्णय के लिए लगा तो आरोपी न्यालयालय में उपस्थित नहीं हुआ। प्रकरण की अगली सुनवाई 30 नवम्बर 2013 को भी आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ था। जिससे आरोपी के विरूद्व न्यायालय के द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था। पुलिस आरोपी को वर्ष 2013 से 11 फरवरी 2022 तक तलाश करती रही, जहां 11 फरवरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर आरोपी को न्याीयालय में पेश किया। आरोपी के द्वारा जमानत आवेदन लगाया गया जिसे अभियेाजन अधिकारी राकेश पांडेय के विरोध के बाद खारिज किया गया तथा आरोपी को जेल भेज दिया गया। विचारण उपरांत न्याायालय ने आरोपी को 15 फरवरी को दोषी पाते हुए उपरोक्तर दंड से दंडित किया है। आरोपी को धारा 406, 467, 468 के लिए ३ वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 465 और धारा 471 के लिए 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय का यह निर्णय दर्शाता है कि कानून के हाथ बहुत लंबे है, न्यााय में देर होना संभव है लेकिन न्याय अवश्या प्राप्त होता है।
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