प्राचार्य ने आदिवासी बच्चों को नहीं दिलाया प्रवेश आयुक्त ने थमाया कारण बताओ नोटिस

सीएससी की आयोजित परीक्षा में मेरिट सूची के बच्चे रहे गए प्रवेश से वंचित

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 21 May 2020, 06:01 AM IST

अनूपपुर। सीएससी परीक्षा के मेरिट सूची के आधार पर बच्चों के नामांकन नहीं करने तथा संस्था के सीट रिक्त रह जाने पर आयुक्त आदिवासी विकास मप्र ने प्राचार्य कन्या शिक्षा परिसर जैतहरी तथा प्रभारी जिला शिक्षा कार्यालय अधिकारी डीएस राव को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। जिसमें आयुक्त ने सम्बंधित अधिकारी से अपना स्पष्टीकरण १५ दिनों में भेजने के निर्देश देते हुए जवाब नहीं भेजने पर एक वेतनवृद्धि रोके जाने की चेतावनी दी है। आयुक्त द्वारा भेजे गए नोटिस में बताया गया है कि वर्ष २०१९-२० में विभागीय विशिष्ट संस्था कक्षा ६वीं एवं ९वीं में प्रवश के सम्बंध में सीएससी के माध्यम से परीक्षा आयोजित कराई गई। जिसमें मेरिट सूची के आधार पर प्रवेश की कार्रवाई करने के लिए लिखा गया था। तथा विद्यार्थियों की मेरिट सूची भी भेजी गई थी। जिसके अनुसार अपनी संस्था की समस्त सीटों को भरना था। इसके अतिरिक्त यदि संस्था में सीट रिक्त रहने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर परीक्षा आयोजित कर आफ लाइन आवेदन प्राप्त कर मेरिट के आधार पर सीटों को भरे जाने की कार्रवाई के निर्देश भी कार्यालय को विभिन्न पत्रों के माध्यम से जारी किए गए थे। लेकिन मुख्यालय से जारी सूची के अनुसार ना तो विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया और ना ही इसे कार्यालय को अवगत कराया गया। आपके द्वारा मुख्यालय के किसी भी आदेश/ निर्देश का पालन नहीं किया गया। आपकी इस लापरवाही से आदिवासी विद्यार्थी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश लेने से वंचित रहे तथा संस्था की सीट भी रिक्त रही। इस प्रकार की उदासीनता शासकीय कार्यो में लापरवाही का घोतक है। मप्र. सिविल सेवा आचरण नियम के तहत इस सम्बंध में क्यों न आपकी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोका जाए। इस सम्बंध में अपना स्पष्टीकरण १५ दिनों में भिजवाए, अन्यथा आपके विरूद्ध प्रस्तावित कार्रवाई की जाएगी।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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