खेतों में तैयार हो रही रबी की फसल, कटाई बनेगी चुनौती

लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण में मजदूरों की होगी कमी

अनूपपुर। अक्टूबर-नम्बर माह के दौरान जिले में लगभग 70 हजार हेक्टेयर पर की गई रबी की बुवाई और अब तैयार होने की कगार पर पहुंची फसलों की कटाई को लेकर किसान चिंतित नजर आने लगे हैं। किसानों का कहना है कि पूर्व में असामायिक बारिश और ओलावृष्टि में जहां फसलें बर्बाद हो गई है, अब शेष फसलें लॉकडाउन और कोरोना के संक्रमण के खतरे में मजदूरों के अभाव में पूरी तरह खेतों में गिरकर बर्बाद हो जाएगी। जिला मुख्यालय अनूपपुर के किसान अनिल राठौर का कहना है कि वर्तमान में शासन द्वारा लॉकडाउन की अवधि १४ अप्रैल तक लागू की गई है। जिसके अभी बढऩे के आसार है। इस दौरान अगर प्रशासन किसानों को इसमें छूट भी देती है तो मजदूर और मशीनों के अभाव में फसलों की कटाई और गहराई नहीं हो पाएगी। इसमें किसानों को दोहरी नुकसान होगा। किसान राम प्रसाद राठौर का कहना है कि उनकी पांच एकड़ में गेहूं की फसल लगी है। जो अब पकने की कगार पर है। लेकिन इसके लिए मजदूर नहीं मिल पाएंगे। कोरोना के डर से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन की सख्ती में सुबह से शाम यानि २४ घंटे में मात्र तीन घंटे की छूट है। लेकिन मजदूरों में कोरोना का बैठा खौफ उनकी फसल कटाई में सबसे बड़ी चुनौती है। वहीं जिला प्रशासन ने किसानों को राहत प्रदान की है।
बॉक्स: फसल कटाई के लिए लगे मज़दूर एवं हार्वेस्टर पर नहीं होगा प्रतिबंध
एक ओर जिला प्रशासन नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में धारा १४४ के साथ साथ लॉकडाउन के आदेशों का पालन करवा रही है, वहीं दूसरी ओर इससे होने वाली परेशानियों और प्रतिबंध के बीच दिए गए छूट के समय संक्रमण के चेन बनने की आशंकाओं में जरूरत की चीजों को घर घर पहुंचाने की व्यवस्था भी बना ही है। यहीं नहीं अब जिला प्रशासन किसानों के खेतों में तैयार रबी की फसल की कटाई को लेकर भी चिंतित है, जहां जिला दंडाधिकारी व कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने सुरक्षा व्यवस्था में लगे कार्यपालिक दंडाधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को यह निर्देश दिए हैं कि फसल कटाई कार्य में लगे मजदूरों एवं हार्वेस्टर्स को आवश्यक सुविधा प्रदान की जाए, ताकि फसल कटाई प्रभावित न हों। इसके साथ ही जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी विपिन पटेल को निर्देशित किया है कि 1 अप्रैल से शुरू हो रहे रबी उपार्जन के लिए किसानों को मंडी में एसएमएस के माध्यम से ही बुलाए। साथ ही उपार्जन केंद्रों की स्थापना तथा मंडियों की व्यवस्था ऐसी हो जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग मापदंडों का कडाई से पालन हो। किसानो से निर्धारित दिनों एवं समय पर ही उपार्जन के लिए उपार्जन केंद्र आने की अपील की है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि रबी उपार्जन के लिए 1 अप्रैल से जिले के ८ उपार्जन केंद्रों में गेहूं की खरीदी प्रारंभ होगी, कोरोना संक्रमण के प्रभाव से बचाव के लिए समितियों में आवश्यक प्रबंध रखे जाएंगे।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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