तेज हवाओं और बारिश से रबी फसलों को खतरा, बार बार तैयार फसल खेतों में हो रही गीली

मौसम के बिगड़े तेवर: किसानों के माथे पर चिंता की लकीर, ओलावृष्टि की आशंका

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 22 Apr 2021, 12:08 PM IST

अनूपपुर। जिले में पश्चिमी विक्षोप के कारण पिछले दो सप्ताह से मौसम में आ रही तब्दीली से अब किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। मंगलवार की रात तूफानी हवाओं के साथ बारिश ने जिले के जनजीवन के साथ साथ खेतों में लगी फसलों को भी प्रभावित किया है। लगातार मौसम के बदलते मिजाज और बारिश में खेतों में लगी रबी की तैयार फसल के साथ खलिहानों में कटी फसल एक बार फिर गीली हो गई। फसलों के बार बार गीली होने के कारण किसान खेतों से फसलों की कटाई नहीं कर पा रहे हैं। जबकि जिन किसानों की फसल खलिहानों में कटकर तैयार है, वे उनकी गहाई नहीं कर पा रहे हैं। मंगलवार २० अप्रैल की शाम ६ बजे से तेज हवाओं के साथ बंूदाबांदी आरम्भ हुई। लेकिन कुछ समय बाद तूफानी हवाओं और बारिश में तब्दील हो गई। तेज गरज के साथ बारिश की बौछार हुई। यह सिलसिला देर रात तक बना रहा। कृषि विभाग ने अभी और बारिश की आशंकाएं जताई है। आंधी और बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच आई है। वर्तमान में किसानों द्वारा रबी फसल की कटाई की जा रही है। जिसमें कुछ किसानों की फसलें अभी खेतों में तैयार खड़ी है, तो कुछ की गहाई हो रही है। जबकि अधिकांश किसानों के खेतों में रबी की कटाई की जा रही है। कृषि उपसंचालक एनडी गुप्ता ने बताया कि लगातार बारिश किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। इस असामायिक बारिश से गेहूं, चना, मसूर, और सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। आम और महुआ के साथ सब्जी में टमाटर, लौकी को अधिक नकुसान हुआ है। उपसंचालक कृषि का कहना है कि इससे पूर्व भी जिले में आंधी और बारिश का दौर बना है, जिसमें खेतों में फसलों की कटाई प्रभावित हुई है। इससे कटाई में विलम्बता के कारण फसलों को समेटना आसान नहीं होगा, बारिश और गर्मी से दाने झड़ जाएंगे। किसानों को नुकसान होगा। गेहूं सहित अन्य फसलों के दाने की स्वाभाविक चमक गायब हो जाएगी।
विभागी जानकारी के अनुसार अनाज के लिए ३२.५७ हेक्टेयर, दलहन के लिए ३७.३० हेक्टेयर, तिलहन के लिए १७.७० हेक्टेयर रकबा निर्धारित किया गया था। जिसमें अनाज में २५.२७ हेक्टेयर, दलहन में ३५.६६ हेक्टेयर, इनमें चना १४.३० हजार हेक्टेयर, मटर ३.३० हजार हेक्टेयर, मसूर १८.०६ हजार हेक्टेयर में है। जबकि तिलहन में १७.२५ हेक्टेयर की पूर्ति हुई। इस प्रकार ८७.५९ हेक्टेयर में ७८.१८ हेक्टेयर पर रबी उपजा है।
बॉक्स: ओलावृष्टि की आशंका
बुधवार को फिर से आसमान में छाए काले बादल और बारिश की सम्भावनाओं के बीच कृषि विभाग ने ओलावृष्टि की भी आशंका जताई है। विभाग का मानना है कि प्रदेश के अनेक हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। इससे जिले में भी पिछले बार की तरह ओलावृष्टि का खतरा माना जा सकता है। विभाग ने किसानों से अपनी फसलों को सुरक्षित स्थलों पर भंडारित करने के साथ खेतों में लगी फसल की जल्द कटाई की अपील की है। ताकि बारिश के कारण खेतों में बिछी फसल नमी से खराब न हो।
वर्सन:
बार बार मौसम बदल रहा है, इससे जिले में रबी की तैयार फसल भी प्रभावित हो रही है। किसान कटाई नहीं कर पा रहे हैं।
एनडी गुप्ता, उपसंचालक कृषि अनूपपुर।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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