बंद में सडक़ पर जले टायर, ट्रैक पर रूकी ट्रेन: एससीएसटी एक्ट के विरोध में अनूपपुर रहा पूर्णत: बंद, सवर्ण संगठनों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बंद में सडक़ पर जले टायर, ट्रैक पर रूकी ट्रेन: एससीएसटी एक्ट के विरोध में अनूपपुर रहा पूर्णत: बंद, सवर्ण संगठनों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Shiv Mangal Singh | Publish: Sep, 07 2018 08:25:40 PM (IST) Anuppur, Madhya Pradesh, India

बंद में सडक़ पर जले टायर, ट्रैक पर रूकी ट्रेन: एससीएसटी एक्ट के विरोध में अनूपपुर रहा पूर्णत: बंद, सवर्ण संगठनों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

हरद में समर्थकों ने दस मिनट तक रोका रखा रेल
अनूपपुर। एससीएसटी एक्ट के विरोध में देश व्यापी बंद के आह्वन पर गुरूवार ६ सितम्बर को अनूपपुर के चारो विकासखंड में बंद का व्यापक असर दिखा। जिला मुख्यालय अनूपपुर सहित कोतमा, बिजुरी, जैतहरी, रामनगर, राजनगर, अमरकंटक, राजेन्द्रग्राम की बाजारें बिल्कुल बंद रही। बंद के आह्वन में प्रदर्शनकारियों ने भालूमाड़ा में टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया तो दोपहर हरद स्टेशन पर १०० से अधिक बंद समर्थकों ने शहडोल-अम्बिकापुर सवारी गाड़ी को दस मिनट के लिए रोक दी। सुबह से बसों का परिचालन भी लगभग बंद रहा। बंद समर्थकों के आह्वन पर सुबह ११ बजे से जिले के समस्त पेट्रोल पम्प तक बंद कर दिए गए। बंद को देखते हुए आमलोग घरों से नहीं निकलें, सडक़ों पर सन्नाटा पसरा रहा। जबकि बंद को सफल बनाने अनूपपुर के साथ साथ कोतमा, पुष्पराजगढ़ सहित अन्य स्थानों से आए विभिन्न सवर्ण वर्ग ने विरोध प्रदर्शन करते हुए इंदिरा तिराहा से विशाल रैली निकाली, जो कोतवाली चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। कलेक्टर परिसर में राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर अनुग्रह पी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सपाक्स सहित व्यापारी, किसान, कर्मचारी संगठन, ब्राह्मण समाज, क्षत्रिय समाज, पिछडावर्ग, अल्पसंख्यक, अधिवक्ता संघ के साथ-साथ अन्य संगठनों ने ५ सूत्री मांगों को शामिल करते हुए भारत के संविधान के साथ छेड़छाड़ कर बहुसंख्यक समाज का उपेक्षित कर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय व दिशा निर्देशों का उल्लंधन कर भारतीय संसद द्वारा मनमाने तरीके से एट्रोसिटीज एक्ट को वापस लेने की अपील की। साथ ही पांच बिन्दूृओं जिसमें एट्रोसिटीज एक्ट को सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार लागू करने, सुको की गरिमा को किसी भी प्रकार से राजनैतिक दलों के द्वारा मनमाने तौर पर कानून बनाकर प्रभावित नहीं किए जाने, अन्य पिछड़ा वर्ग की भांति आरक्षण में अनुसूचित जनजाति के लिए भी क्रीमीलेयर लागू करने, पदोन्नति में आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने तथा आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था लागू करने की बात शामिल की। ज्ञापनकर्ताओं का कहना था कि भारत सरकार द्वारा वर्ष १९८९ मेंं निर्मित अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत बनाए गए कानून का विगत कुछ वर्षो से सभी राजनीतिक दलों द्वारा वोट की राजनीतिक की खातिर एवं शासन द्वारा दिए जा रहे मुआवजे को लेकर इस एक्ट का दुरूपयोग किया जा रहा है। इस सम्बंध में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए आजाक वर्ग के किसी व्यक्ति के द्वारा शिकायत किए जाने पर पहले सम्बंधित शिकायत की जांच के बाद ही गिरफ्तारी की जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि आरोपी व्यक्ति अग्रिम जमानत का लाभ भी प्राप्त कर सकता है। लेकिन बाद में राजनीतिक दलों द्वारा सुको के निर्देशों को ही दरकिनार एट्रोसिटीज एक्ट में संविधान के आधारभूत सिद्धांत के विपरीत निर्देश पारित कर दिए। गुरूवार को बंद शांतिपूर्ण रहा, सुबह से ही बंद समर्थकों का हुजूम जिले की सडक़ों पर उतर पड़ा। भालूमाड़ा के एटीएम चौक पर प्रदर्शनकारियों ने टायर में आग लगा दी तथा कॉलरी जाने वाली चार बसों को रोक और सभी से बंद में समर्थन देने की अपील की। जिसके बाद सभी कॉलरी कर्मचारी घर लौट गए। वहीं राजनगर में कुछ प्रदर्शनकारियों ने एकाध दुकानों को निशाना बनाते हुए उसके कुछ सामान बाहर फेंक दिए तथा शासकीय स्कूल में जबरदस्ती कक्षाएं बंद करा दी। रामनगर थाना के डोला एनएच ४३ पर भी प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया तथा भारी वाहनों के रोक दिया। हालांकि शाम तक जिले में कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। कलेक्टर अनुग्रह पी और पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह का कहना था कि एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में व्यापारी, किसान, कर्मचारी संगठन, ब्राह्मण समाज, क्षत्रिय समाज, पिछडावर्ग, अल्पसंख्यक, अधिवक्ता संघ के साथ-साथ अन्य संगठनों के पदाधिकारियों से बुधवार बातचीत कर शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की गई थी।
बॉक्स: आदिवासी समुदाय भी बंद के रहे समर्थक
एससीएसटी एक्ट में सवर्णो के बंद आह्वन में गुरूवार को पुष्पराजगढ़ विकासखंड के भेजरी गांव में आदिवासी युवाओं ने भी बंद का समर्थन किया। जिसमें ग्राम के सरपंच दिलराज पेंद्रो के नेतृत्व में सैकड़ा से अधिक युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का पुतला दहन किया। इसमें युवाओं ने देश में बढ़ती महंगाई के विरोध में भी नारेबाजी की।
बॉक्स: बारिश में भी नहीं कमा उत्साह
जिला मुख्यालय से सामूहिक रूप में निकाली जाने वाली बंद की रैली मे दोपहर हुई झमाझम बारिश भी बंद समर्थकों का उत्साह नहीं कम कर सकी। बारिश में भींगने तथा पानी थमने के बाद भी पांच सैकड़ा से अधिक बंद समर्थकों ने इंदिरा तिराहा से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकाली और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था बनी रही। मुख्य कार्यक्रम पर आधा सैकड़ा से अधिक बल तैनात किए गए थे। इसके अलावा अन्य थाना क्षेत्रों में भी पुलिस को सर्तकता बरतने की हिदायत दी गई थी।

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