दो चिकित्सकों के भरोसे एसएनसीयू और पीडियाट्रिक वार्ड

चार में एक इंदौर में कोविद 19 संक्रमित मरीजों की बचा रहे जान, दूसरा लॉकडाउन में फंसे भोपाल

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 10 May 2020, 06:00 AM IST

अनूपपुर। जिला अस्पताल अनूपपुर का शिशु गहन चिकित्सा सेंटर भगवान भरोसे दो चिकित्सकों के सहारे संचालित हो रहे हैं। ये दोनों चिकित्सक ही एसएनसीयू सहित पेडयाट्रिक वार्ड की भी व्यवस्थाएं सम्भाल रहे हैं। इसके लिए हरेक चिकित्सक को अब कम से कम १२-१२ घंटे की ड्यूटी निभानी पड़ रही है। जिसके कारण चिकित्सकों के साथ साथ बच्चों की जांच प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। बताया जाता है कि जिला अस्पताल अनूपपुर में शिशु चिकित्सक के रूप में चार चिकित्सक उपलब्ध है। लेकिन इनमें दो चिकित्सक अस्पताल में अनुपस्थित हैं। जानकारी के अनुसार इनमें एक चिकित्सक को इंदौर में कोरोना कोविद-१९ संक्रमित मरीजों की जान बचाने स्वास्थ्य टीम में शामिल किया गया है। जो पिछले लगभग दो माह से लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं एक अन्य चिकित्स अपने स्वास्थ्य जांच में भोपाल गए थे, जहां लॉकडाउन लग जाने के कारण उनकी वापसी अनूपपुर नहीं हो सकी है। अगर आंकड़ो को देखा जाए तो जिला अस्पताल में अप्रैल माह से अबतक २३३ बच्चों का जन्म हुआ, जिसमें लगभग ५२ बच्चे कुपोषित हुए। वहीं इनमें २१ बच्चे ऑपरेशन के माध्यम से बाहरी दुनिया में आए। इनमें ६ बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में हैं। जबकि माहभर के दौरान ९ बच्चों की मौत हुई है। रोजाना जिला अस्पताल में ५-६ प्रसव हो रहा है, वहीं ४-५ गम्भीर केस प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से रेफर होकर पहुंच रहे हैं। सभी कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा कर इलाज किया जा रहा है। हालंाकि पिछले सालभर से बच्चों की मौत का आंकड़ा जिला अस्पताल में थमा है। इससे पूर्व यहां बच्चों के मौत के आंकड़ो प्रदेश सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ था। फिलहाल जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी बनी हुई है।
बॉक्स: बाल चिकित्सकों को कोविद-१९ से अलग के थे निर्देश
जानकारी के अनुसार अस्पतालों में बाल चिकित्सा से जुड़े चिकित्सकों की कमी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कोरोना कोविद १९ में लगाए गए चिकित्सकों को ड्यूटी से मुक्त करते हुए अपने मूल कार्यक्षेत्र में वापसी के निर्देश दिए थे। ताकि बच्चों के उपचार करने के साथ मौत से बच्चों को बचाया जा सके। लेकिन फिलहाल जिला अस्पताल में कोविद १९ में भेजे गए चिकित्सक की वापसी नहीं हुई है। वहीं लॉकडाउन में फंसे चिकित्सक भी वापस नहीं लौट सके हैं।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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