scriptSnow again in Amarkantak due to cold winds, forecast of damage to 20 t | सर्द हवाओं में फिर अमरकंटक में जमीं बर्फ, पाला से 20 से 70 फीसदी रबी फसल को नुकसान के अनुमान | Patrika News

सर्द हवाओं में फिर अमरकंटक में जमीं बर्फ, पाला से 20 से 70 फीसदी रबी फसल को नुकसान के अनुमान

विभाग ने अधिकारियों से क्षेत्र भ्रमण कर किसानों को फसल बचाने सलाह देने दिए निर्देश

अनूपपुर

Published: December 22, 2021 10:36:38 pm

अनूपपुर। उत्तर भारत की सर्दीली हवाओं के थपेड़ों में अनूपपुर में भी पिछले तीन दिनों से शीत लहर का प्रकोप जारी है। जिसमें रात के साथ दिन में भी हाड़ गलाने वाली ठंडी हवाओं से खिली धूप की गर्मी भी नरम पड़ गई है। जहां रात लोगों को कंपकंपा रहा है, वहीं दिन में लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं। इससे लोगों का जनजीवन प्रभावित होने लगा है। १८-१९ दिसम्बर की रात अमरकंटक के नर्मदा तट पर न्यून तापमान के कारण जमी बर्फ की सफेदी के बाद २०-२१ दिसम्बर की रात सीजन में दूसरी बार अमरकंटक की वादी ओस की सफेद शबनमी बूंदों में जम गई। यहां सूर्य की खिली रोशनी के बाद घासों पर सफेद बर्फ की चादर बिछी रही। इससे वातावरण में नमी के साथ गलनभरी सर्द बनी रही। वहीं जिले में लगातार शीतलहर के माहौल में गिर रहे पाला से रबी की फसलों को नुकसान के अनुमान लगाए जाने लगे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि पारा ४ डिग्री से नीचे जाता है तो शीत लहर व पाले की संभावना बनती है। साथ ही शाम को आसमान साफ हो और हवा बंद हो, तापमान कम हो तो सुबह पाला पडऩे की संभावना होती है। पाला पडऩे से रबी सीजन की फसलों में २० से ७० फीसदी तक का नुकसान हो सकता है। पाला पडऩे से फल और फूल झडऩे लगते हैं। प्रभावित फसल का हरा रंग समाप्त हो जाता है और पत्तियों का रंग मिट्टी के रंग जैसा दिखता है।
बॉक्स: क्षेत्र अधिकारियों को किसानों के बीच पहुंचकर सलाह के निर्देश
उपसंचालक कृषि एनडी गुप्ता ने बताया कि जिले में लगातार तापमान न्यून स्तर पर जा रहे है। गलनभरी हवाएं चल रही है। इसका असर रबी की फसलों को पड़ेगा। शीत लहर में पाला से फसलों को नुकसान देखते हुए किसानों को सलाह देने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों को भ्रमण करने और किसानों को पाला से बचाने की सलाह देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय अधिकारियों को खेतों का भ्रमण कर पाला की वास्तविक स्थिति का भी आंकलन करने को कहा गया है।
बॉक्स: कहां कितने रबी की फसल
विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष २०२१-२२ के लिए जिले में रबी की ८८.०४ हजार हेक्टेयर भूमि लक्षित की गई है। जिसमें अब तक ७४ फीसदी बुवाई का काम हो चुका है। इनमें गेहूं के लिए ३२.५० हजार हेक्टेयर, जौ एवं अन्य अनाज के लिए ०.३२ हजार हेक्टेयर, चना १५.५० हजार हेक्टेयर, मटर ३.५० हजार हेक्टेयर, मसूर १९ हजार हेक्टेयर, सरसो ८ हजार हेक्टेयर, अलसी ९.२० हजार हेक्टेयर, गन्ना ०.०२ हजार हेक्टेयर लक्षित की गई है।
वर्सन:
तापमान कम होने से पाला का खतरा बना हुआ है। स्थानीय क्षेत्राधिकारियों को किसानों के बीच पहुंचकर सलाह देने के साथ क्षेत्र के भ्रमण का भी निर्देश दिया गया है। कृषक धुंआ, सिंचाई व दवाईयों का छिडक़ाव कर पाला के खतरे से फसल को बचा सकते हैं।
एनडी गुप्ता, उपसंचालक कृषि विभाग अनूपपुर।
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सर्द हवाओं में फिर अमरकंटक में जमीं बर्फ, पाला से 20 से 70 फीसदी रबी फसल को नुकसान के अनुमान

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