चार साल पूर्व बंजर भूमि पर शुरू की खेती, लॉकडाउन में खरबूजा और टमाटर से कमाई

अतिथि शिक्षक से बने किसान, दोनों फसल से सीजन में तीन लाख से अधिक का व्यवसाय

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 06 May 2021, 12:47 PM IST

अनूपपुर। औषधि युग गुण और बेहतरीन स्वाद के लिए प्रसिद्ध मौसमी खरबूजा इस समय कोरोना संकट में जिले में जारी लॉकडाउन के दौरान किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। खरबूजे की पैदावार के साथ टमाटर की खेती को किसान अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे ही कोतमा जनपद अंचल के लालपुर गांव के 32 वर्षीय मनोज कुमार साहू ने अपने बंजर खेत को मेहनत से लाखों की पैदावार वाला खेत बना दिया है। बताया जाता है कि मनोज कुमार ने 4 साल पहले बेकार पड़ी अपनी 1 एकड़ जमीन में कस्तूरी एवं गुरु नामक खरबूजे की दो प्रजातियों एवं 1 एकड़ जमीन में साहो, रक्षक हाईब्रिड नामक टमाटर की दो प्रजातियों की खेती आरम्भ की। जिसमें पहली बार की फसल ही तीन लाख रूपए की हुई। इसके बाद मनोज अब मौसमी फसल के रूप में खरबूजे और टमाटर की लगातार खेती कर रहे हैं। बताया जाता है कि मनोज ने पहले नौकरी के लिए लगातार कोशिशें की। इसके बाद अतिथि शिक्षक रूप में परिवार का गुजर-बसर आरम्भ किया। मनोज के पास कहने को बस 2 हेक्टेयर जमीन थी। अच्छी कमाई की लालसा में उसमें उन्होंने खरबूजे और टमाटर उगाना शुरू किए। इन दोनों फसलों से अच्छी आमदनी हुई, जिसके बाद वह खेती को लगातार जारी रखा। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक वीडी नायर ने बताया कि 4 साल पहले मनोज एक मामूली सी नौकरी किया करते थे। उसी दौरान उद्यान विभाग के मैदानी अमले ने उन्हें खरबूजा एवं टमाटर की खेती करने के लिए प्रेरित किया था। तकनीकी मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं से संसाधन उपलब्ध कराए गए। इसके बाद खेत से खरबूजे की एक फसल से डेढ़ लाख रूपए और टमाटर की एक फसल से दो लाख रूपए आमदनी हुई। लॉकडाउन से उत्पन्न व्यापार एवं रोजगार की समस्या में आज ये दोनों फसलें मनोज के लिए वरदान बनी हुई हैं और वह आज भी इनसे से कमाई कर अपने परिवार की आजीविका चला रहे हैं।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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