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इस खदान में डूबने से हुई मौत में बिना जांच पूरी कराए कंपनी ने रेत खनन और परिवहन किया आरंभ, साक्ष्यों के नष्ट की आशंका

पुलिस ने रेत खनन की दी अनुमति, घटना स्थल को सुरक्षित रखने नहीं किया कोई प्रबंध

अनूपपुर

Published: April 09, 2022 12:01:06 pm

अनूपपुर। जिला मुख्यालय अनूपपुर से बहती सोन नदी के सीतापुर रेत खदान में १८-१९ मार्च को तीन युवकों के नहाने के दौरान डूबने से हुई मौत में पुलिस द्वारा दर्ज किए अपराध में २० दिन बाद भी नामजद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जा सका है। पुलिस अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच विवेचना जारी रखने की बात कह रही है। वहीं दूसरी ओर खनिज विभाग द्वारा रेत खदान में फिर से रेत खनन और परिवहन की मांगी गई अनुमति में पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने खनिज विभाग को रेत खनन और परिवहन कराने की अनुमति प्रदान कर दी है। जिसके बाद ७ अप्रैल से रेत कंपनी द्वारा सीतापुर रेत खदान से रेत का उत्खनन और परिवहन कार्य आरंभ कर दिया गया है। जहां मशीनों के माध्यम से नदी से रेत का खनन और वाहनों में लोड रेत का परिवहन फिर तेजी के साथ आरंभ हो गया है। आंकलन के अनुसार शहर के नजदीक सीतापुर रेत खदान होने और घटना के बाद बंद रहने से रेत कंपनी को इस अवधि में अधिक नुकसान हुए हैं। जिसे पुन: चालू कराने वह प्रयासरत था। जिस पर जांच को लेकर प्रशासन द्वारा अधिक दिनों तक रेत खदान बंद नहीं रखे जाने के प्रावधानों को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस से अनुमति लेने की सलाह दी थी। जिस पर विभाग द्वारा भेजे गए पत्र पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से कोई आपत्ति नहीं होने की बात कहते हुए खनन और परिवहन की अनुमति दे दी। लेकिन इस अनुमति में पुलिस ने घटना स्थल के साक्ष्यों को सुरक्षित रखने कोई प्रबंध तक नहीं किए। उल्लेखनीय है कि १८ मार्च को घटित पहली घटना के बाद संयुक्त टीम राजस्व, खनिज और पुलिस द्वारा घटना के बाद की गई जांच पड़ताल में रेत कंपनी द्वारा निर्धारित सीमा के बाहर ९०/१०० मीटर लम्बाई में रेत का अवैध खनन कर कुंडनुमा तीन गड्ढे खोदने का भी दोषी पाया है, जिसमें नहाने आए तीनों युवक की गहराई में डूबने से मौत के कारण बताए गए हैं। इनमें १५ वर्षीय किशोर के साथ दो अन्य युवकों के डूबने से हुई मौत मामले में पुलिस ने धारा ३०४ एक के तहत मामला दर्ज किए थे। लेकिन अब दोषी व्यक्तियों को बचाने के साथ दोषियों के हाथों घटना स्थल के साक्ष्य को भी प्रभावित करने का बीड़ा भी सौंप दिया है। जिसके बाद अब चर्चाओं का बाजार गर्म हो चला है कि क्या पुलिस और प्रशासन ने रेत कंपनी के साथ जानबूझ कर इस प्रकार के कदम उठाए हैं या मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि जब प्रशासनिक अधिकारियों की जांच पर रेत कंपनी ने अवैध खनन पर असहमति प्रदान करते हुए स्टेट माईनिंग कॉर्पोरेशन भोपाल द्वारा जांच करवाने और जांच तक रेत खनन नहीं करने के दिए गए दवाब में वहीं कंपनी बिना स्टेट माईनिंग कार्पोरेशन की जांच कराए कैसे खनन कर सकता है और प्रशासन भी इस मामले में कैसे अनुमति दे सकती है।
बॉक्स: साक्ष्य नष्ट के लिए दोषी कौन होगा, प्रशासन या रेत कंपनी
पुलिस की अनुमति के बाद अब रेत कंपनी द्वारा रेत खनन का कार्य आरंभ कर दिया गया है। लेकिन पुलिस ने घटना स्थल को सुरक्षित रखने अब तक किसी प्रकार के सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई है। आशंका है कि रेत कंपनी इस दोष से बचने रात के समय अवैध खनन क्षेत्र में बने १५-२० फीट गहरे खाईनुमा गड्ढे को रेत से पाट दे, तो क्या जांच में प्रशासन द्वारा दर्शाए गए गहरे गड्ढे और अवैध खनन की पुष्टि कर पाएगी। जब रेत कंपनी ने स्टेट माईनिंग कॉर्पोरेशन से जांच के लिए पत्र लिखवाया तो बिना जांच रेत खनन कैसे आरंभ हो गया, अब जब माईनिंग कार्पोरेशन की टीम जांच के लिए आएगी तो क्या साक्ष्य जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रस्तुत किए जाएंगे। जबकि संयुक्त टीम की जांच रिपोर्ट में अवैध खनन करते हुए सीमा से बाहर ९०/१०० मीटर अधिक खोदना, गहराईयुक्त टीम बड़े गड्ढे खोदकर रेत निकासी, गहराई के कारण डूबने से मौत सहित युवकों द्वारा तैरना नहीं आता भी कारण बताया है। अवैध खदान में डूबने से हुई मौत की जिम्मेदारी रेत कंपनी के उपर डाला है। बावजूद पुलिस ने कंपनी या स्थानीय कर्मचारी के खिलाफ नामजद मामला तक दर्ज नहीं किया है। वहीं विभागीय, संयुक्त टीम की जांच के साथ न्यायिक जांच की पूरी होती कार्रवाई में रेत कंपनी द्वारा असहमति का रोड़ा अटकाकर बिना मप्र स्टेट माईनिंग कार्पोरेशन भोपाल की टीम द्वारा जांच कराए खनन जारी कर दिया है।
वर्सन:
हमने रेत खनन के नियम और शर्तो के आधार पर खदान में खनन करने पर कोई आपत्ति नहीं होने पर अनुमति प्रदान की है। नामजद के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है, नाम की सूची मिलने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
अखिल पटेल, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर।
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इस खदान में डूबने से हुई मौत में बिना जांच पूरी कराए कंपनी ने रेत खनन और परिवहन किया आरंभ, साक्ष्यों के नष्ट की आशंका

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