विभाग ने पुल के गड्ढे की भराई में निभाई औपचारिकता, शाम को डाला गया मसाला सुबह धुर्रे में तब्दील

प्रदेश की सीमा को जोडऩे वाली अंतराराज्यीय पुल की मरम्मती में लापरवाही, गड्ढा अब भी बरकरार

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 21 Nov 2020, 11:32 AM IST

अनूपपुर। जैतहरी जनपद पंचायत मप्र और छत्तीसगढ़ की सीमावर्ती क्षेत्रों को जोडऩे वाला अंतरराज्यीय तिपान नदी पुल की बदहाली पर विभाग ने गड्ढे की भराई में खानापूर्ति कर डाली। विभागीय उदासीनता में पुल पर जगह जगह बने लगभग ४-५ फीट बड़ा गड्ढा को भरने विभागीय कर्मचारी गुरूवार की शाम पुल पर पहुंचे, जहां शाम को डस्ट की मिश्रित मसालों की ढलाई से गड्ढे को भरने का कार्य किया। लेकिन शुक्रवार की सुबह उसी मसाले की धुर्रे उड़ गई। जिसके कारण पुल पर जस की तस गड्ढा मौत के सामान मुंह बाये बना रह गया। बताया जाता है कि कर्मचारियों ने डस्ट और मसालों को गिराने के बाद उसकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए, जहां रातभर आती जाती भारी वाहनों के चक्के में गीला मसाला डस्ट में पूरे पुल पर बिखर गया। विदित हो कि पत्रिका ने लगातार इस खतरनाक पुल के सम्बंध में खबर प्रकाशित कर प्रशासन को अगाह किया था, जिसमें यह भी बताया था कि पुल के क्षतिग्रस्त होने पर दोनों राज्यों के बीच सडक़ सम्पर्क टूट जाएगा। १८ नवम्बर को भी पत्रिका ने पुल पर बने ४-५ फीट बड़े गड्ढे की जिक्र करते हुए उसे हादसों का डगर बताया था। जिसपर १९ नवम्बर को पीडब्ल्यूडी विभाग के कुछ कर्मी मसालों के साथ पुल पर पहुंचे थे और उसकी औने-पौने स्थिति में मरम्मती का कार्य किया था। लेकिन ढाक के तीन पात की कहावत चरितार्थ हो गई।
उल्लेखनीय है कि वेंकटनगर से 2 किमी दूर वेंकटनगर-अनूपपुर मुख्य मार्ग पर वर्ष 1980 में मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह द्वारा बिलासपुर मुख्यालय को शहडोल संभाग से जोडऩे के उद्देश्य व यातायात के दबाव को कम करने तिपान नदी पर पुल की आधारशिला रखी थी। जिसका निर्माण कार्य दो वर्ष में पूरा करते हुए वर्ष 1982 में पुल का उद्घाटन किया गया था। इसके बाद लगातार इन 38 वर्षों में पुल के ऊपर से कई बार सडक़ों का सुधार कार्य कराया जा चुका है। वर्तमान में अनूपपुर से वेंकटनगर मुख्य मार्ग पर सीसी मार्ग का भी निर्माण भी किया गया हैं। लेकिन यहां ठेकेदार ने 200 से 250 फुट लम्बे एवं लगभग 22 फुट चौड़े पुल के ऊपर कोई मरम्मत कार्य नहीं करते हुए उपर से ही ऐसे ही ढाल कर कार्य पूर्ण कर लिया है। जिसके बाद वाहनों की आवाजाही में पुल की ऊपरी परत कई जगहों से उखडक़र क्षतिग्रस्त हो गई है।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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