न्यायाधीश ने कहा नारी की गरिमा के विरुद्ध सभी कुप्रथाओं का खंडन हो

आईटीआई संस्थान में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता शिविर, नागरिकों को बताया राष्ट्रनिर्माणक

अनूपपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 14 फरवरी को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अनूपपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ. सुभाष कुमार जैन शामिल हुए। न्यायाधीश ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र का निर्माण उसके नागरिक ही करते हैं। यदि नागरिक, राष्ट्र के विकास के लिए प्रयत्नशील नहीं है, तो राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। राष्ट्र को नित-नूतन शिखर पर लेकर जाने का उत्तरदायित्व उसके नागरिकों का है। भारतवर्ष की सम्प्रभुता, भारत के नागरिकों में निहित है। भारत एक बहु-धर्मीय एवं बहु-भाषीय राष्ट्र है, अनेकता में एकता भारतीय सभ्यता का अनुपम सौंदर्य है। प्रत्येक भारतीय का यह कर्तव्य है कि वह जाति, संप्रदाय, व वर्ण से निरपेक्ष होकर सार्वजनिक सामंजस्य एवं भ्रातृत्व-भाव की उत्तरोत्तर वृद्धि करें। समय की आवश्यकता है बंधुता के भाव को सुदृढ़ करा जाए व इसे क्षीण होने से बचाया जाए। भारतीय होने के नाते, हम सब को मिल कर एकात्मक प्रयत्न करना चाहिए, जिससे भारत एक सुदृढ़ एवं समृद्ध राष्ट्र बने। संविधान ने हम सबको यह जिम्मेदारी भी सौंपी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि नारी की गरिमा के विरूद्ध सभी कुप्रथाओं का खंडन हो। न्यायाधीश ने भारतीय संविधान में उल्लेखित मूल कर्तव्य के संबंध में उपस्थित छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। इस दौरान न्यायाधीश भू-भास्कर यादव ने विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में बताया। साथ ही उन्होंने मॉबलिंचिंग के संबंध में भी उपस्थित छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। शिविर में प्रशिक्षु न्यायाधीश भावनी सिंह, रवि साहू, जिला विधिक सहायता अधिकारी जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, संस्था के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
---------------------------------------------------------------

Rajan Kumar Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned