रेत खनन का वायरल वीडियो मामला: एक दूसरे के पाले में डाल रहे गेंद माहभर बाद भी पुलिस को नहीं दी सलाह, कार्रवाई अटकी

कथित वीडियो के पक्ष में न विभाग और ना ही पुलिस बन रही पक्षकार, फरियादी के अभाव में अटका है खनन का मामला

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 16 Sep 2020, 07:46 PM IST

अनूपपुर। अगस्त माह के शुरूआती सप्ताह में कोतमा के केवई नदी स्थित चंगेरीघाट रेत खदान के पास बलपूर्वक रेत परिवहन को लेकर वायरल हुए कथित वीडियों में पक्षकार के अभाव में पुलिस ने वीडियो में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है। वीडियो में मामला होने पर पुलिस ने एडीपीओ को सलाह के लिए पत्र भेजा था, लेकिन इस मामले में माहभर से ज्यादा समय बीत गए। एडीपीओ ने कोतमा पुलिस को मामला दर्ज सम्बंधित कोई सलाह नहीं भेजी। जिसके कारण रेत खनन के वायरल वीडियों मामले में कोतमा थाना में मामला दर्ज नहीं हो सका है। थाना प्रभारी आरके बैस का कहना है कि हमारे सामने रेत खनन के सम्बंध में कोई भी शिकायतकर्ता नहीं है। वीडियो का मामला है, बिना फरियादी थाना मामला दर्ज नहीं कर सकता है। इसके लिए खनिज विभाग की ओर से भेजे गए दस्तावेज सहित पुलिस द्वारा विवेचना में तैयार दस्तावेजों को एडीपीओ को पास भेजा गया था, जिसमें उनसे मामले में कार्रवाई सम्बंधित सलाह मांगी गई थी। लेकिन अबतक कोई जवाब नहीं आया है। वहीं खजिन विभाग अधिकारी का कहना है कि मामले के संज्ञान में आते ही विभाग द्वारा प्रकरण से सम्बंधित व्यक्ति भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ प्रदेश सहसंयोजक मनीष गोयनका, शासकीय माध्यमिक शिक्षक पैरीचुआ दीपक तिवारी, रेत ठेकेदार प्रतिनिधि को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगे गए थे, उनके जवाब मिलने पर सम्बंधित दस्तावेजों के साथ थाना कोतमा में कार्रवाई के लिए प्रेरित किया गया था। लेकिन इनमें कोई शिकायतकर्ता नहीं होने के कारण यह मामला एडीपीओ के पास अटका पड़ा है। अब एडीपीओ के निर्देश में जो सलाह आएगी पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
विदित हो कि चंगेरी रेत खदान के पास भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ प्रदेश सहसंयोजक मनीष गोयनका, शासकीय माध्यमिक शिक्षक पैरीचुआ दीपक तिवारी, पूर्व मंडल अध्यक्ष दीपेश जैन सहित अन्य लोगों ने रेत ठेकेदार प्रतिनिधि से विवाद करते हुए रसूख का धौंस दिखाते हुए रेत से लदी टै्रक्टर वाहन को बलपूर्वक ले गए थे। जिसके एक सप्ताह बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसपर कलेक्टर ने आदेश जारी कर मामले में शामिल शिक्षक दीपक तिवारी को तत्काल निलम्बित कर दिया है। वहीं खनिज विभाग ने मनीष गोयनका और दीपक तिवारी व ठेकेदार प्रतिनिधि को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
वर्सन:
वीडियो का मामला होने के कारण प्रथम दृष्टया में एडीपीओ की सलाह में ही आगे की कार्रवाई सम्भव हो सकेगी। इसमें अभी तक कोई फरियादी भी सामने नहंी आया है। सलाह के बाद वीडियों की वास्तविक जांच पड़ताल भी किया जाना शेष है।
आरके बैस, थाना प्रभारी कोतमा।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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