सरकारी गेहूं के भंडारण में पानी का किया छिडक़ाव, विभाग ने तैयार की जांच रिपोर्ट

स्वयं लाभ पहुंचाने की आशंका, पत्रक में नहीं दर्ज था कोई जानकारी

By: Rajan Kumar Gupta

Updated: 03 Apr 2021, 12:16 PM IST

अनूपपुर। मप्र वेयरहाउस स्टेट कॉपोरेशन शाखा कोतमा में सतना और शहडोल रैक से आई गेहूं की बोरियों के भंडारण के दौरान दवा की आड़ में पानी छिडक़ाव करने के मामले में अब जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने जांच प्रतिवेदन तैयार किया है। जिसे आगामी दिनों कलेक्टर को सौंपा जाएगा। इस जांच प्रतिवेदन में विभाग ने शाखा द्वारा स्वयं लाभ में खाद्यान्नों पर दवा छिडक़ने में पानी का अपमिश्रण किए जाने की बात रखी है। साथ ही विभाग ने जांच प्रतिवेदन में जांच के दौरान शाखा प्रबंधक द्वारा स्कंध मेंटनेंश में लापरवाही की बात भी कही है। बताया जाता है कि कोतमा स्थित वेयरहाउस में सरकारी गेहंू के भंडारण के दौरान २५ मार्च को स्टैक में भंडारित १७३२ बोरियों पर पानी छिडक़ने की शिकायत विभागीय अधिकारी को मिली थी। जिसपर विभाग ने तत्कालीन सहायक आपूर्ति अधिकारी वॉयएस तिवारी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सीमा सिन्हा एवं प्रदीप त्रिपाठी को जांच के लिए भेजा। विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि वेयर हाउस प्रबंधक वंदना बागड़ी ने नए लॉट के गेहूं की 1732 बोरियों में पानी डालकर अपमिश्रण किया था। जांच के दौरान गोदाम क्रमांक ए 1 में भंडारित गेहूं की बोरियों का वजन किया गया, जिसमें प्रत्येक बोरी में आधा किलो से २ किलोग्राम तक अधिक अनाज पाए गए। इसके अलावा कीटनाशी पंजी की जांच में ३ मार्च के बाद कीटनाशी का उपयोग नहंी होना पाया गया। स्कंध परीक्षण में कोई भी जानकारी नहीं अपडेट की गई थी। जबकि कीटनाशी दवाई के उपयोग में कितना पानी, कितनी दवाई मिलाई जानी थी कोई जानकारी नहीं थी। स्टॉक १४ मार्च को सतना और शहडोल रैक से १३१० बोरी गेहूं आई थी। शेष गोदाम में पूर्व से भंडारित थी। यहां दो स्टैक लगी थी। जिसमें पहले स्टैक में यह छिडक़ाव पाया गया। सम्भावना है कि गेहूं के गबन मामले में पानी का छिडक़ाव कर बोरी का वजन बढ़ाया गया था।
बॉक्स: सजहा वेयरहाउस जैसी घटती दूसरी घटना
इससे पूर्व भी वर्ष २०१९-२० के दौरान सजहा वेयरहाउस गोदाम अनूपपुर में सतना से आई गेहूं के लॉट के भींगे रूप में भंडारित करने यहां लगभग १९ हजार क्विंटल गेहूं कीट लगकर बर्बाद हो गई थी। माना जाता है कि यहां भी गीला गेहूं को भंडारण कर वजन को पूरा करने का प्रयास किया गया था। इस खेल में शामिल रहे अधिकारी और कारोबारियों को इसका लाभ मिला, लेकिन सजहा वेयरहाउस से गेहूं का समय पर उठाव नहीं होने के कारण भंडारित गेहूं का लॉट समय से पूर्व खराब हो गया था।
बॉक्स: पूर्व में १८ हजार क्विंटल खराब चावल का हुआ था वितरण
कोरोना संकट के शुरूआती दौर में गोदाम खाली करने के नाम पर कोतमा गोदाम में भंडारित १८ हजार क्विंटल खराब चावल को पीएम योजना के तहत आवंटित हुए नए चावल के साथ अधिकारियों ने गरीबों के बीच बांट दिया था। जिसमें पत्रिका द्वारा उठाए गए मामले में विभाग ने जांच कार्रवाई के आश्वासन पर बाद में अपने हाथ खड़े कर लिए थे। जिसमें कलेक्टर ने तत्कालीन जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी को हटा दिया था।
वर्सन:
जांच प्रतिवेदन तैयार कर ली गई है। लापरवाही पाई गई है। अब कलेक्टर न्यायालय के निर्देश में ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
एके श्रीवास्तव, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी अनूपपुर।
---------------------------------------

Show More
Rajan Kumar Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned