बंद फाटक से कब मिलेगी राहत: रेलवे ओवरब्रिज पर मंडराया आचार संहिता का साया, मुआवजा वितरण बाद भी नहीं डाला निर्माण की नींव

बंद फाटक से कब मिलेगी राहत: रेलवे ओवरब्रिज पर मंडराया आचार संहिता का साया, मुआवजा वितरण बाद भी नहीं डाला निर्माण की नींव

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 03 Mar 2019, 08:00 AM IST

प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन भी फेल, फरवरी से निर्माण के लिए किया था आश्वस्त
अनूपपुर। अनूपपुर शहर के विकास में बाधा बन रही रेलवे फाटक ओवरब्रिज के निर्माण में अब आचार संहिता के बादल मंडराने लगे हैं। आचार संहिता से बचने प्रशासनिक स्तर पर फरवरी माह के दौरान ही प्रभावित परिवारों को मुआवजे की राशि वितरित कर अंत तक निर्माण कार्य आरम्भ का आश्वासन दिया गया था। खुद जनप्रतिनिधि भी इस निर्माण को जितनी जल्द हो सके के पक्ष में कतारबद्ध खड़े थे। लेकिन ७ करोड़ ६३ लाख ५४ हजार की राशि वितरण होने के २० दिनों बाद भी ओवरब्रिज निर्माण के लिए नींव नहीं डाला जा सका है। लोगों का कहना है कि अगर निर्माण की यही गति रही तो फिर से लोक सभा चुनाव में निर्माण कार्य अटक कर रह जाएगा और लोगों की परेशानियां पूर्ववत की भांति रह जाएगी। ओवरब्रिज निर्माण के बढ़ती मांग पर खुद अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने मुआवजा राशि वितरण के साथ प्रशासन से निर्माण कार्य आरम्भ कराने के निर्देश दिए थे। इसमें ५ फरवरी से हाईकोर्ट के निर्देश में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया आरम्भ की। मुआवजा वितरण पर नगरवासियों ने खुशी जाहिर करते हुए हर पांच मिनट पर बंद होने वाले रेलवे फाटक से छुटकारा पाने की बात कही थी। लोगों को आशाएंं थी कि जितनी जल्द ओवरब्रिज का निर्माण होगा, दो छोर में बटी अनूपपुर नगर का अधिक विकास होगा। लेकिन अब यह आशाएं धूमल पड़ती जान पड़ रही है। जबकि मुआवजा राशि वितरण के बाद इस सम्बंध में न तो जिला प्रशासन और ना ही पुल निगम ने आगे की रूपरेखा तैयार की है। उल्लेखनीय है कि ओवरब्रिज निर्माण में प्रशासन द्वारा चयनित २८ भू-स्वामियों के बीच ५ फरवरी से १५ फरवरी के बीच ७ करोड़ ६३ लाख की राशि का वितरण किया गया। एसडीएम नदीमा शीरी का कहना था कि अवार्ड राशि के वितरण बाद ही ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया आरम्भ की जाएगी। दरअसल वर्ष २०१६ के दौरान शासन द्वारा जिला प्रशासन के प्रस्तावित मांग पर ९० फीट चौड़ी ओवरब्रिज निर्माण के लिए ११ करोड़ ७० लाख की राशि आवंटित करते हुए ६१२ मीटर लम्बी फ्लाईओवर निर्माण के लिए अनुमति प्रदान की थी। इसमें विरोध के उपरांत अनेक बार पुल की चौड़ाई में बदलाव करते हुए प्रशासन ने अंत में २२ मीटर चौड़ी ओवरब्रिज निर्माण की योजना पर मंजूरी प्रदान की थी। जिसमें ११-११ मीटर चौड़ी पुल के साथ ५-५ मीटर सर्विस लाईन का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित किया गया था। जिसमें एक मीटर चौड़ी नाला निर्माण का कार्य भी शामिल होगा। लेकिन ओवरब्रिज निर्माण पर रेलवे प्रशासन सहित जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने भी चुप्पी साध ली है।
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रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में जितनी बिलम्बता प्रशासन द्वारा की जाएगी, नगरवासियों की परेशानियां उतनी ही बढ़ती चली जाएगी। ब्रिज निर्माण में कम से कम ६ माह का समय लगेगा। इस दौरान मानसून सीजन की बौछार भी निर्माण पर हावी रहेगी। इससे जहां निर्माण कार्य प्रभावित होगा, वहीं पिलर के लिए खोदे गए गड्ढे सहित अन्य निर्माण कार्य में कीचड़ लोगों की मुसीबत बनेगी। फिलहाल ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया पर बरती जा रही सुस्ती खुद प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए परेशानियां बनेगी।

Rajan Kumar Gupta Desk
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