बिना कोरोना महामारी रोकथाम और बचाव योजनाओं के स्वास्थ्य विभाग ने बना डाले 4 लाख के व्यय पत्रक

एक ही दिन शासन से जारी निर्देश में भेज दी व्यय रिपोर्ट, २३ मई को जारी हुआ था आईसीई पत्र

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 26 Aug 2020, 06:02 AM IST

अनूपपुर। पूर्व से जिला मलेरिया विभाग में नियुक्तियों को लेकर चर्चा में रहे सीएमएचओ कार्यालय एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कार्यालय से २३ मई को भोपाल भेजी गई एक व्यय पत्रक सोमवार की रात से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें जिले में कोरोना संक्रमण से रोकथाम और बचाव के लिए आईसीई की गतिविधियों के सम्बंध में राज्य स्वास्थ्य सूचना शिक्षा संचार ब्यूरो को जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजी गई व्यय पत्रक में एक नई सनसनी खेज मामले सामने आए हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने शासन से मांगी की गई जानकारी में बिना कोरोना संक्रमण रोकथाम और बचाव योजना के क्रियान्वयन किए ही लाखों की राशि का खर्च शासन होना दर्शाया है। यहीं नहीं इन व्यय पत्रक में मीडिया कार्यशाला सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुई मीटिंग को भी कलेक्टर के साथ बैठक की योजना शामिल कर खर्च की मांग कर डाली। जबकि जानकारी सम्बंधित पत्र शासन द्वारा २३ मई को जारी किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य विभाग ने उसी तिथि २३ मई को पत्र का जवाब देते हुए ४ लाख १६ हजार ६८२ रूपए विभिन्न मदो में खर्च दर्शाकर भेजा है। आश्चर्य की बात यह रही कि कोरोना काल में शासन के निर्देश में जारी पूर्ण लॉकडाउन में मार्च माह से अगस्त माह के दौरान शासकीय स्तर पर जिले में न तो कोई पे्रसवार्ता का आयोजन हुआ और ना ही कार्यशाला का आयोजन। बावजूद स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख ने इस कोरोना में अपना जुगाड़ लगाते हुए शासन को लूटने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जानकारी के अनुसार शासन द्वारा कोरोना महामारी से लोगो को जागरूक करने के लिए अखबारो में विज्ञापन और पत्रकारो की कार्यशाला के लिए राशि आवंटन किया था। किन्तु अधिकारियो ने विभाग के मीडिया सलाहकार से मिल कर कागज में एक दिन में सब कुछ कर डाला।
बॉक्स: ये है व्यय पत्रक का खर्च
आईईसी के पत्र 23 मई के जबाब में सीएमएचओ के हस्ताक्षर से संचालक राज्य स्वास्थ्य सूचना शिक्षा ब्यूरो भोपाल को भेजी गई जानकारी में 4 लाख 16 हजार 682 के व्यय दर्शए गए हैं। जिसमें अपील व विज्ञापन के लिए 5 हजार रुपए, 5 मीडिया कार्यशाला 5 हजार, कलेक्टर के साथ ६ बैठक 2000 रुपए, स्थानीय केबल से प्रचार 5 हजार, दीवार लेखन में खर्चा 153200 रुपए, मल्टी कलर पम्पलेट 48179 रुपए, 15 नग होर्डिग्स 31 हजार, 26 नग बैनर 12992 रुपए, जिले में वाहन से प्रचार 51890 रुपए, मेडिकल स्टोरो में पोस्टर में खर्च 10 हजार, जिले के समस्त सीएचसी एवं जिला चिकित्सालय में फ्लू ओपीडी 45 में 81 हजार एवं टोल नाको पर बैनर लगाने के लिए 11421 रुपए कुल 416682 रुपए है।

वर्सन:

मैंने भी वायरल पोस्ट देखा है, हालांकि इस संदर्भ में अभी तक किसी ने शिकायत नहीं की है लेकिन मैं इसकी जांच करा कर आगे कार्रवाई करता हूं।
चंद्रमोहन ठाकुर, कलेक्टर |
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Rajan Kumar Gupta Desk
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