रात 11 बजे 9 डिग्री पारा, स्टेशन पर नहीं मिली जगह तो बाहर खुले में सोकर गुजारी रात

खाली पड़ा रैन बसेरा लोगों को नहीं मिलती रुकने की जगह, जिले में ठंड से दो लोगों की मौत के बाद भी गंभीर नहीं प्रशासन

By: Manoj vishwakarma

Published: 30 Dec 2018, 02:01 AM IST

अशोकनगर. जिले में कड़ाके की सर्दी ने लोगों की समस्या बढ़ा दी है। पिछले 20 दिन में जिले के मुंगावली व ईसागढ़ में दो लोगों की ठंड से मौत हो चुकी है और दो दिन से लगातार रात का पारा चार डिग्री पर चल रहा है और जिला शीतलहर की चपेट में है। सर्दी से जहां सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त है और शाम पांच बजे से शुरू होने वाली कड़ाके की सर्दी सुबह 11 बजे तक जारी रहती है। फिर भी सार्वजनिक स्थलों पर ठंड से बचाने के लिए प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था भी नहीं कराई है।

 

पत्रिका ने रात को सार्वजनिक स्थानों की हकीकत जानी तो लोग कड़ाके की सर्दी में ठिठुरते नजर आए। रात 11 बजे 9 डिग्री तापमान। 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं सर्द हवाओं के अशोकनगर रेलवे स्टेशन परिसर के गेट पर लगे चाय के ठेलों पर खड़े होकर करीब एक दर्जन यात्री चाय पीकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे थे, तो अंदर परिसर में डेढ़ दर्जन लोग ठंड से बचने कागज-पन्नियां जलाकर ताप रहे थे। जो हर पांच मिनिट में परिसर और बाहर सड़क से कागज-पन्नियां बीनकर आग को जलाए रखने का प्रयास करते दिखे, ताकि कड़ाके की ठंड से बच सकें। इसके अलावा कुछ दूरी पर पेड़ के नीचे वृद्ध सोता मिला और हाईमास्ट लाइट के पास परिसर में कई लोग स्टेशन पर जगह न मिलने से खुले आसमान के नीचे जमीन पर ही कंबल ओढ़कर सोते मिले।

अंदर पहुंचने पर टिकिट वितरण स्थल पर भी सर्द हवा से बचने के लिए लोग गर्म कपड़े ओढ़कर बैठे हुए थे और कई लोग सो रहे थे। इससे पैर रखने की भी जगह नहीं थी। यही स्थिति रात साढ़़े 11 बजे शहर के बस स्टैंड और साढ़े 10 बजे पुराना बस स्टैंड पर भी थी, जहां पर लोग कागज-पन्नियां जलाकर ठिठुरते हुए खुद को तपाने का प्रयास कर रहे थे।

लोग बोले-इस बार भूल गया प्रशासन

सार्वजनिक स्थलों पर हर साल एक दिसंबर से ही प्रशासन अलाव की व्यवस्था कर देता था। इससे यात्रियों और अन्य लोग इन अलाव पर तापकर खुद को सर्दी से बचाते दिखते थे। लेकिन स्टेशन परिसर के बाहर कागज-पन्नी बीनकर आग जलाकर मुंगावली तहसील निवासी कृष्णपाल और बीना जा रहे हरिओम ने कहा कि तेज सर्दी से खुद को बचाने के लिए आग जला रहे हैं, इस बार प्रशासन अलाव की व्यवस्था करना भूल गया है। ऐसी कड़ाके की सर्दी में ट्रेनों की लेटलतीफी ने समस्या को और बढ़ा दिया और यात्रियों को सर्द हवाओं से जूझते हुए घंटों ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

Manoj vishwakarma Desk
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