भाजपा सांसद केपी यादव पर अब चाची का आरोप 'मेरी जमीन पर कर लिया कब्जा'

controversy on MP kP yadav- कार्रवाई: सांसद की चाची की छह बीघा जमीन land पर था सांसद member of parliament के भाई का कब्जा, प्रशासन administration ने टीम भेज मुक्त कराई जमीन।

अशोकनगर@अरविंद जैन की रिपोर्ट...

भाजपा सांसद केपी यादव BJP MP KP yadavइन दिनों सुर्खियों में हैं, नया मामला उनकी ही चाची की जमीन पर कब्जे possession of land का है। चाची ने शिकायत की कि उनकी छह बीघा जमीन पर सांसद के भाई का कब्जा है, तो पुलिस police के साथ पहुंचे दो आरआई RI व पटवारियों patwari ने जमीन को नाप कर उन्हें सौंप दिया।

हालांकि सांसद के भाई का कहना है कि जमीन पर उनका कोई कब्जा नहीं था, सिर्फ बदनाम करने राजनैतिक षडय़ंत्र के तहत शिकायत कराई गई थी।

सांसद की चाची दीपा यादव पत्नी स्व.संग्रामसिंह यादव ने दो महीने पहले जनसुनवाई jansunwai में कलेक्टर से शिकायत की थी कि उसकी जमीन पर सांसद के भाई महेंद्रसिंह यादव, अजयपाल यादव और सांसद केपी यादव का कब्जा है। दीपा यादव व उनके बेटे नाबालिक वंशज के नाम मुंगावली तहसील के जलालपुर गांव में छह बीघा जमीन है।

शुक्रवार को कब्जा हटाने के लिए पांच पुलिस जवानों के साथ दो आरआई और पटवारी मौके पर पहुंचे। उस जमीन पर गेहूं की फसल खड़ी हुई थी। राजस्व टीम ने जमीन की नाप कराकर वह छह बीघा जमीन सांसद की चाची दीपा यादव को सौंप दी है। साथ ही इस सौंपी गई जमीन का पंचनामा बनाकर भी जिला प्रशासन को भेज दिया गया है।

सांसद का कब्जा सुन प्रशासन ने बुला ली थी जेसीबी-
जिला प्रशासन को जमीन पर सांसद का कब्जा होने की जानकारी मिली तो सुबह से ही अधिकारियों को बुला लिया गया और सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की भी तैयारी कर ली थी, साथ ही नपा की जेसीबी भी बुला ली थी, लेकिन जैसे ही पता चला कि जमीन पर सांसद का नहीं, बल्कि सांसद के भाई का कब्जा है तो उस जमीन को कब्जा मुक्त करने के लिए सिर्फ दो आरआई और पटवारी भेज दिए गए। इससे कब्जा हटाने की इस कार्रवाई दिनभर जिलेभर में चर्चा बनी रही।

दो महीने पहले की थी जनसुनवाई में शिकायत-
खास बात यह है कि दीपा यादव ने यह शिकायत जनसुनवाई में दो माह पहले की थी, लेकिन शुक्रवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच सकी। इतना ही पहले भी चुनावों के समय दीपा यादव सामने आई थीं और उन्होंने जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। हालांकि सांसद के भाई महेंद्रसिंह यादव ने राजनैतिक स्टंट बताया है और कहा है कि उन्होंने ऐसा कोई कब्जा नहीं किया है, क्योंकि पहले भी चुनाव के समय ऐसी ही शिकायत कराई गई थी।

इनका कहना है-
पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है, न तो हमने किसी की जमीन पर कब्जा किया है और न ही रोका है। अतिक्रमण होता तो रुकता, राजनीतिक स्टंट है और सबको पता है कौन करवा रहा है, क्योंकि हार हजम नहीं हो रही है। जनता ने चुना है और मैं जनता के लिए काम कर रहा हूं, इसलिए मुझे बदनाम करने की सोची समझी साजिश चल रही है।
- डॉ.केपी यादव, सांसद

हमारा कोई कब्जा नहीं था, राजनैतिक रूप से षडय़ंत्र रचकर बदनाम करने के उद्देश्य से यह शिकायत कराई गई थी। मेरे पास अधिकारियों के फोन आए तो मैंने कह दिया था कि जमीन नापकर उन्हें सौंप दो, ताकि फिर कोई ऐसे झूठे आरोप न लगें।
- महेंद्रसिंह यादव, सांसद के भाई


करीला ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्र यादव, अजयपाल यादव और सांसद केपी यादव का कब्जा था। प्रशासन ने मुझे मेरी जमीन दिलवाई है और आगे भी उम्मीद करती हूं कि हिस्से में जितनी जमीन आती है पूरी दी जाए।
- दीपा यादव, सांसद की चाची

अतिक्रमण नहीं है पारिवारिक बंटवारे का मामला था। जिसका विधिवत सीमांकन करवाकर पक्षकारों को काबिज करवाया है।
- बृजबिहारी श्रीवास्तव, एसडीएम मुंगावली

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दीपेश तिवारी
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