मंडी में किसान पर सांड का हमला, उठाकर जमीन पर पटका, सिर में आई गंभीर चोट

सांड ने पप्पू अहिरवार पर हमला कर दिया और उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Published: 25 Jul 2020, 11:03 AM IST

अशोकनगर. कृषि मंडी में सुरक्षा के लिए 36 गार्ड हैं, जिनकी वेतन पर हर माह 2.70 लाख रुपए खर्च होते हैं। मंडी में चोरियां तो रुक ही नहीं रही, वहीं परिसरों में जानवरों की भीड़ भी परेशानी बनी हुई है। हालत यह हैं कि दोपहर के समय मंडी में अनाज तुला रहे किसान को सांड ने उठाकर जमीन पर पटक दिया, इससे उसके सिर में गंभीर चोट आई है।

चना बेचने लाया था
खेजराखुर्द निवासी 45 वर्षीय किसान पप्पू पुत्र मूलचंद अहिरवार एक ट्राली चना बेचने लाया था, जो दोपहर साढ़े तीन बजे मनोजकुमार प्रदीपकुमार के फ ड़ पर चना तुलवा रहा था। तभी पीछे से आए एक सांड ने पप्पू अहिरवार पर हमला कर दिया और उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया।

हमला कर चुका है
खून से लथपथ किसान को हम्माल व उसका साथी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने सिर, कमर और हाथ-पैर में गंभीर चोट आना बताया। किसान इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती है। यह पहला मामला नहीं है बल्कि इससे पहले भी सांड कई व्यापारियों और किसानों पर हमला कर चुका है।


फिर सुरक्षा पर हर माह 2.70 लाख खर्च क्यों
जब मंडी में तो फडों व किसानों की ट्रालियों से न तो अनाज की चोरियां रुक रही हैं और न ही व्यापारी व किसान मंडी में सुरक्षित हैं तो फिर मंडी प्रबंधन हर माह सुरक्षा के नाम पर गार्डों की वेतन पर 2.70 लाख रुपए क्यों खर्च कर रहा है। हालत यह हैं कि किसान तो अनाज की चोरी करते चोरों को पकड़ भी लेते हैं, सूचना पर वहां कोई गार्ड नहीं पहुंचते हैं। गार्ड मंडी में नजर नहीं आते।


अधिकारियों के घर ड्यूटी दे रहे हैं गार्ड
जब पत्रिका ने पड़ताल की तो पता चला कि गार्ड वेतन तो मंडी में सुरक्षा के नाम पर ले रहे हैं। लेकिन वह मंडी की वजाय ड्यूटी अधिकारी-कर्मचारियों के घरों पर दे रहे हैं। वहीं कुछ गार्ड ऑफिस में अधिकारी-कर्मचारियों को पानी पिलाने की ड्यूटी में लगे रहते हैं, जो ऑफिस से बाहर मंडी परिसर में जाना तक मुनासिब नहीं समझते।

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