लार्वा सर्वे के ढिंढोरे के बीच सरकारी भवनों से डेंगू का खतरा

पुराने उत्कृष्ट स्कूल में मिला मच्छर का लार्वा...

अशोकनगर। सरकार के तमाम तरह के दावों के बीच शहर में सरकारी कार्यालयों के भवन डेंगू फैलने का कारण बन सकते हैं। सरकारी भवनों में लार्वा सर्वे नहीं किया जा रहा है। जबकि शहर में यह सर्वे 8 जून से शुरू हो चुका है। गुरुवार को पुराने उत्कृष्ट स्कूल भवन में पंछियों के पानी पीने के पात्र में भी लार्वा मिला है।

पत्रिका टीम ने जब उत्कृष्ट स्कूल के पुराने भवन में देखा तो यहां पंछियों को पानी पिलाने वाले पात्र पेड़ पर टंगे हुए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरा है। पानी में बड़ी संख्या में मच्छर का लार्वा मिला और मच्छर भी बैठे मिले। डेंगू का लार्वा साफ पानी में ही पनपता है। इससे पात्र में डेंगू मच्छर का लार्वा होने की संभावना अधिक है। यह मच्छर 400 मीटर तक की परिधि में जाता है। जिससे आसपास रहने वालों लोगों को डेंगू होने का खतरा बढ़ गया है।

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उल्लेखनीय है कि पत्रिका द्वारा इससे पहले भी पीडब्ल्यूडी कार्यालय के कबाड़ व सरकारी अस्पताल में अनुपयोगी पानी की टंकी में पानी भरने को लेकर आगाह किया जा चुका है। इसके बावजूद सरकारी भवनों में पानी भरने को लेकर जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं। सरकारी भवनों में ही लार्वा सर्वे करवाना और जहां पानी भरा है, उसे खाली करवाना जरूरी है।


शहर में सर्वे जारी
शहर में 8 जून से लार्वा सर्वे किया जा रहा है, जिसमें मलेरिया विभाग व नपा के कर्मचारियों की तीन संयुक्त टीमें लार्वा का सर्वे कर रही हैं। दो दिन पहले नपा में एक बैठक भी आयोजित की गई थी। जिसमें मोहल्लों में खाली प्लाटों में भरे पानी को खाली करवाने या उसमें जला हुआ तेल डालने के निर्देश दिए गए। साथ ही इस बार नपा जिन घरों या प्लाटों में लार्वा मिलेगा, उन पर जुर्माना भी लगा सकती है।

पिछले साल मिले थे 48 मरीज
जिले में पिछले वर्षडेंगू के 48 मरीज डेंगू पॉजीटिव पाए गए थे। हालांकि इस बार अभी तक सरकारी रेकार्ड में कोई डेंगू पॉजीटिव नहीं मिला है। वहीं 1 जनवरी से 15 अगस्त तक 74 हजार 706 बुखार रोगियों की जांच में 70 मलेरिया पॉजीटिव मिले हंै। इनमें से 21 गंभीर पाए गए।121 मलेरिया रोगी इससे पहले मिले थे।

सर्वे की स्थिति-
24781 : कुल घर
20040 : सर्वे हुआ
19 : लार्वा पॉजीटिव घर
21728 : कंटेनर चैक किए
75 : लार्वा पॉजीटिव कंटेनर

नौ घरों में मिला लार्वा
गुरुवार को शहर के वार्ड नंबर 1 में सर्वे किया गया। जिसमें 70 घरों के सर्वे में से नौ घरों में मच्छर का लार्वा पाया गया, जिसे नष्ट कर लोगों को पानी न रुकने देने की समझाइश दी। 15 अगस्त के बाद लार्वा अधिक मिल रहा है। बुधवार को भी 14 घरों में लार्वा मिला था।


सरकारी कार्यालयों व भवनों में यदि कहीं जल भरा है और लार्वा पनप रहा है तो वहां भी सर्वे करवाएंगे। टंकियों को ढंक कर रखना चाहिए और जिन टंकियों का उपयोग नहीं हो रहा है उन्हें उल्टा कर देना चाहिए। ताकि बारिश का पानी उनमें न भरे।
- डॉ. दीपा गंगेले, जिला मलेरिया अधिकारी अशोकनगर

दीपेश तिवारी Desk
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