11 हजार किसानों का ऋण माफ करने 63.96 करोड़ की मांग, शासन से जिले को मिले 21.95 करोड़

ऋणमाफी: 56 हजार किसानों ने किया था आवेदन, अभी सिर्फ 11 हजार को स्वीकृति, जिले को मिली योजना की दूसरी किस्त, अधिकारी बोले जल्दी ही राष्ट्रीयकृत बैंकों वाले किसानों के खातों में डालेंगे राशि।

By: Arvind jain

Published: 10 Mar 2019, 03:40 PM IST

अशोकनगर. ऋणमाफी के लिए जहां शासन से जिले के 11035 किसानों की सूची स्वीकृत हो गई थी ओर इसके लिए विभाग ने शासन से 63.96 करोड़ रुपए की राशि की मांग की थी। शासन ने जिले को 21.95 करोड़ रुपए की राशि दे दी है। जिसे प्रशासन द्वारा जल्दी ही किसानों के खातों में भिजवाया जाएगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह राशि सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंक के किसानों के लिए है और सहकारी बैंक को शासन स्तर से सीधे ही राशि दी जा रही है।


जय किसान फसल ऋणमाफी योजना के तहत जिले के 56236 किसानों ने अपने आवेदन जमा किए थे। जिनमें 16756 किसानों ने हरे, 33125 किसानों ने सफेद और 6355 किसानों ने गुलाबी रंग के आवेदन जमा किए थे। जिन्हें पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया था और अब ऋणमाफी के लिए किसानों की सूचियां स्वीकृत होना शुरू हो गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक जिले के अब तक 11 हजार 35 किसानों की सूची शासन ने स्वीकृत कर दी है और किसानों को ऋणमाफी के प्रमाण पत्र बांटने का काम चल रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि इन 11 हजार 35 किसानों में 4401 चालू खाते और 6634 एनपीए खाते हैं और इनका ऋणमाफ करने के लिए 63 करोड़ 96 लाख 95 हजार 569 रुपए की राशि की मांग भेजी गई थी। जिनके लिए जिले को 26 लाख रुपए पहले मिल चुके थे और 21.95 करोड़ रुपए की राशि शासन से बुधवार को जिले के लिए मिली है। इस राशि को जल्दी ही किसानों के खातों में भेजा जाएगा और इसके बाद बैंकों द्वारा किसानों को ऋणमुक्ति का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृत सूची के किसानों का ऋण माफ करने 63.96 करोड़ रुपए की राशि शासन से मिलना है।

राष्ट्रीयकृत बैंकों के किसानों के खातों में जाएगी यह राशि-
योजना के नोडल अधिकारियों का कहना है कि सहकारी बैंक के कर्जदार किसानों के खातों में तो सीधे ही भोपाल से राशि भेजी जा रही है और राष्ट्रीयकृत बैंक के कर्जदार किसानों के लिए जिले में राशि आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए जिले में पहले 26 लाख रुपए आए थे, जिन्हें 52 किसानों के खातों में डाल दिया था। वहीं बुधवार को मिली 21.95 करोड़ रुपए की राशि भी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्जदार किसानों के खातों में डाली जाएगी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह राशि जिन किसानों के खातों में डाली जाना है अभी उन किसानों की सूची और संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई है।

लेकिन यहां किसानों को लौटा रहीं है बैंकें-
खास बात यह है कि जिन किसानों को अब तक ऋणमाफी के प्रमाण पत्र वितरित किए जा चुके हैं। उनमें से ज्यादातर किसान जब प्रमाण पत्र लेकर सहकारी समितियों और बैंकों में नोड्यूज कराने के लिए पहुंचे, तो बैंकों और समितियों ने उन किसानों को यह कहकर वापस लौटा दिया कि जब तक खाते में राशि नहीं आएगी, तब तक ऋणमुक्ति का प्रमाण पत्र या किसी भी तरह का नोड्यूज नहीं मिलेगा।

साथ ही किसानों का यह भी कहना है कि सहकारी समितियां और बैंकों द्वारा यह कहा जा रहा है कि नोड्यूज प्रमाण पत्र लेने के लिए किसानों को खुद ही कर्ज की राशि जमा करने के लिए कह दिया जाता है कि कर्ज की राशि जमा कर दो और नोड्यूज प्रमाण पत्र ले लो। इससे किसान परेशान हैं।

इन एनपीए खातों की सूची को शासन ने दी स्वीकृति-
बैंक किसान संख्या
बैंक ऑफ इंडिया 1
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 2
जिला सहकारी बैंक 4795
पंजाब एंड सिंध 10
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 83
एसबीआई 493
पीएनबी 32
सेंट्रल बैंक ऑफ कॉमर्स 10
मध्यांचल ग्रामीण बैंक 1194
कैनरा बैंंक 2
बैंक ऑफ महाराष्ट्रा 10
देना बैंक 2
कुल 6634
खास-खास-
ऋणमाफी योजना पर एक नजर-
किसान जिन्होंने आवेदन किया- 56236
ऋणमाफी की स्वीकृत किसान- 11035
एनपीए खाते वाले किसान- 6634
चालू खाते वाले किसान - 4401
शासन से मिली राशि- 21.95 करोड़

राष्ट्रीयकृत बैंक के किसानों के लिए जिले का राशि मिली है। पहले शासन से 26 लाख रुपए मिले थे और आज 21.95 करोड़ रुपए मिले हैं। जिसे किसानों के खातों में डाला जाएगा। वहीं शासन से अन्य किसानों के लिए राशि आएगी।
डॉ.मंजू शर्मा, कलेक्टर

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