बर्तनों की लंबी लाइनें व हांफने लगे ट्यूबवेल, टैंकरों से खरीद रहे पानी

पेयजल संकट: शहर में बढ़ी पेयजल समस्या, घरों पर पानी की व्यवस्था करने परेशान हो रहे रहवासी

By: Bharat pandey

Published: 04 Apr 2021, 11:42 PM IST

अशोकनगर। बढ़ती गर्मी के साथ ही शहर में पेयजल की समस्या बढ़ गई है। हालत यह है कि हैंडपंपों ने तो जहां पानी देना बंद ही कर दिया है, वहीं ट्यूबवेल भी हांफने लगे हैं। इससे लोगों को एक किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है, वहीं ज्यादातर लोग टैंकरों पर निर्भर हैं और टैंकरों से खरीदकर घरों में पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती पेयजल समस्या पर जिम्मेदार कोई गंभीरता दिखाते नजर नहीं आ रहे हैं।

पेयजल समस्या के चलते लोग शहर में ही दूर-दूर से साईकिलों, हाथ ठेलों व टैक्सियों से पानी ढोते दिनभर देखे जा सकते हैं और कई जगहों पर तो लोग रात में भी पानी ढोते नजर आ रहे हैं। वहीं शासकीय ट्यूबवेलों पर बर्तनों की लंबी-लंबी लाइनें लगने लगी हैं और कई ट्यूबवेलों में पानी घट गया है। इससे शहर में निजी टैंकरों से पानी बिक्री का कारोबार शुरू हो गया है और लोग घरों पर पानी की व्यवस्था के लिए इन निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। टैंकरों से लोग दो रुपए केन में पानी खरीदने मजबूर हैं, इससे ज्यादातर लोगों को पानी खरीदने पर रोजाना 50 से 100 रुपए खर्च करना पड़ रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि अप्रेल के शुरुआत में ही जब पेयजल के यह हाल हैं तो मई-जून में हालात और भयावह होने की आशंका नजर आ रही है।

 

खाली बर्तनों की लग रही लंबी कतारें
शहर की बोहरे कॉलोनी की एक गली वार्ड क्रमांक 9 व 10 के क्षेत्र में आती है। जहां 60 से 70 मकान हैं, तीन साल पहले सडक़ खोदकर लाइन तो डाल दी, लेकिन नलों में पानी नहीं आता। लोग सरकारी ट्यूबवेल पर पानी भरते हैं, जहां बर्तनों की लंबी लाइन लगती है। नपा में कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। रहवासी टैंकरों व निजी ट्यूबवेलों से पानी खरीद रहे हैं।


ट्यूबवेल से ड्रम भरने में लग रहे तीन मिनट
शहर के कबीरा रोड, शंकर कॉलोनी और पूजा कॉलोनी की अधिकतर आबादी दूर से पानी ला रही है। ट्रांसफार्मर के पास शासकीय ट्यूबवेल में पानी घटा तो तीन बार चालू किया जाता है, लेकिन इतना कम पानी आता है कि एक ड्रम भरने में तीन मिनट लग रहे हैं। इससे अब इन कॉलोनियों के लोग निजी टैंकरों पर निर्भर होकर रह गए हैं और रोजाना टैंकरों से पानी खरीदने मजबूर हैं।

 

निजी बोर व टैंकरों से खरीद रहे पानी
शहर की त्रिलोकपुरी कॉलोनी में पेयजल लाइन बिछाकर घरों में टोंटियां तो लगाई गई हैं, लेकिन टोंटियों में पानी नहीं आ रहा है। इससे यहां के रहवासी पानी के लिए परेशान हो रहे हैं और निजी ट्यूबवेलों व टैंकरों से दो रुपए कैन में पानी खरीदने मजबूर हैं। इससे रोज लोगों को पानी खरीदने पर 50 से 100 रुपए खर्च करना पड़ रहे हैं।

 

यहां भी पेयजल के गंभीर हो चुके हालात
शहर की बोहरे कॉलोनी, कबीरा रोड, शंकर कॉलोनी और पूजा कॉलोनी के कुछ हिस्सों में जहां लोग पानी खरीदकर घरों में पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं, तो वहीं अन्य कॉलोनियों व मोहल्लों में भी पेयजल समस्या बढ़ गई है। आजाद मोहल्ला में अधिक कनेक्शन होने से पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, इसलिए बर्तनों की लंबी लाइनें लग रहीहैं तो वहीं वार्ड क्रमांक 14 में सरस्वती कॉलोनी के पीछे और ईदगाह के पीछे स्थित मोहल्ले में भी लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

-सरकारी ट्यूबवेल में पानी घट गया है और एक ड्रम भरने में पांच से 10 मिनट तक लग रहे हैं, इससे पहले पाइप को हाथ से बंद करते हैं ।
परमालसिंह कोरी, पूजा कॉलोनी

-वार्ड 9 व 10 के बीच की गली है, तीन साल पहले पेयजल की पाइप लाइन तो बिछा दी, लेकिन एक बूंद भी पानी नहीं आया और बिल वसूले जा रहे हैं।
दीपक इटोरिया, बोहरे कॉलोनी

-घर में दो साल पहले नल कनेक्शन तो हुआ, लेकिन अब तक नलों में पानी नहीं आया। रोज 100 रुपए का पानी खरीदना पड़ रहा है।
उमेदियाबाई, बोहरे कॉलोनी

-नपा की पाइप लाइन नहीं है और सभी हैंडपंप बंद पड़े हैं। टैंकरों से दो रुपए केन में खरीदकर घरों पर पानी की व्यवस्था करना पड़ रही है।
महेंद्र यादव, पूजा कॉलोनी

Bharat pandey Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned