कृषि मंत्री से बोले अन्नदाता- न बीमा का पैसा मिला न मुआवजा

कृषि मंत्री से बोले अन्नदाता- न बीमा का पैसा मिला न मुआवजा

Brajesh Kumar Tiwari | Publish: Feb, 15 2018 10:57:36 AM (IST) Ashoknagar, Madhya Pradesh, India

साब....हमें न तो पिछले साल के नुकसान का मुआवजा मिला और न ही फसल बीमा का क्लेम।

अशोकनगर/पिपरई। साब....हमें न तो पिछले साल के नुकसान का मुआवजा मिला और न ही फसल बीमा का क्लेम। भावांतर का पैसा भी नहीं आ रहा है। पटवारी सर्वे करने आता है तो यहां कुछ और लिखता है एवं रिपोर्ट में कुछ और। यह बात ग्राम सिंघाड़ा के किसानों ने खेतों का हाल जानने पहुंचे राज्य शासन के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन से कही। किसानों ने मंत्रियों को व्यथा सुनाई, इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि अभी आचार संहिता लगी है। मुख्यमंत्री स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आचार संहिता खत्म होने के बाद मुआवजे की घोषणा की जाएगी। किसानों की फसल का सर्वे तीन दिन में पूरा कर लिया जाएगा, दस दिन में प्रकरण बनाकर तैयार किए जाएंगे और यदि निर्वाचन आयोग से

अनुमति मिलती है तो 15 दिन में किसानों को पैसा दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान घबराएं नहीं। सरकार के नियमानुसार 33 प्रतिशत नुकसान को शत-प्रतिशत माना जाएगा और धने में नुकसान का मुआवजा मसाले में मानकर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में ओला वृष्टि से करीब २० गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से १२ गांवों में तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। यहां सर्वे टीमों द्वारा सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है और बुधवार को भी टीमें क्षेत्र में घूमती रहीं।

कलेक्टर ने भी किया दौरा
कलेक्टर बीएस जामौद ने भी मंगलवार को ओला प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। जहां उन्होंने नुकसान का जायजा लेने के साथ ही किसानों को भी ढांढस बंधाया। ग्राम सिंघाड़ा में वीरेन्द्र के खेत में पहुंचकर मसूर, खोकसी में कन्ईराम की मसूर, शिवराजसिंह की धनिया और मन्नासिंह के खेत में सरसों की फसल को देखा। वहीं ग्राम ढोंडिया में रज्जूसिंह का गेहूं, भागीरथसिंह का धनिया, महेन्द्र सिंह की गेहूं, गंगारामसिंह की मसूर, करतारसिंह यादव की मसूर, बाबूलालसिंह की तेवड़ा, कल्याणसिंह की चने की फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया।

इन गांवों का दौरा
कृषि मंत्री ने जिले के प्रभारी मंत्री जयभानसिंह पवैया के साथ रुसल्ला, सिंघाड़ा, ढोंढिया, सेमरी, खोकसी, तमाशा, छैवला, कैशोपुर, थिगली आदि पंचायतो में पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पूर्व बीज निगम अध्यक्ष महेंद्रसिंह यादव सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।

टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
कलेक्टर ने किसानों को बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने फसल बीमा करवाया है, वे बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18002660700 पर समस्याएं दर्ज करवाएं।

चने की फसल पक गई थी। कुछ तो कटी भी डली थी। ओले की मार से चने की घेंटी फूट गई और दाने झड़ गए। लगभग 75 बीघा में नुकसान हुआ है। तहसीलदार साहब ने शत प्रतिशत नुकसान आंकलन कर प्राप्ति भी दी है।
- कृष्ण प्रताप यादव, किसान ग्राम थिगली।

लगभग 12 बीघा में मसूर पकी पकाई खड़ी थी। ओलों से पूरी मसूर झड़ कर मिट्टी में मिल गई। सर्वे तो हो गया पर नुकसान की भरपाई कब हो पाएगी। किसानों पर तो मुसीबतों का पहाड़ टूटा है।
- नाशिर खान, ग्राम तमाशा।

ओले इतने जबर्दस्त थे कि दूसरे दिन भी नही घुले थे। फसलों के नुकसान का सर्वे तो हो रहा है, लेकिन सरकार किसान के नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती। किसान पहले से ही कर्ज में था अब और क्या होगा।
- अवतारसिंह ढिल्लों, ग्राम सिंघाड़ा।

पहले भी ओला वृष्टि से किसानों की फसलों का नुकसान हुआ था, सब आश्वासन देते हैं, किसान के नुकसान की भरपाई कोई नहीं करता। किसान का कर्ज माफ करो। चुनाव के बाद कोई नहीं दिखेगा।
- हरजीत सिंह ढिल्लो, ग्राम खोक्सी।

 

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