खेत बने तालाब, ऐसा हो रहा फसलों का हाल

खेत बने तालाब, ऐसा हो रहा फसलों का हाल

Praveen tamrakar | Publish: Sep, 05 2018 12:57:37 PM (IST) Ashoknagar, Madhya Pradesh, India

कभी बारिश की बेरुखी से परेशान किसान, इस बार ज्यादा बारिश से चिंता में है। लगातार हो रही बारिश से खेत तालाब बन रहे हैं।

अशोकनगर/ईसागढ़. कभी बारिश की बेरुखी से परेशान किसान, इस बार ज्यादा बारिश से चिंता में है। लगातार हो रही बारिश से खेत तालाब बन रहे हैं। वहीं कई गांवों में उड़द और मूंग में लगी फली के दाने ही अंकुरित होने लगे हैं। ईसागढ़ ब्लॉक में कुल 81 हजार 800 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। कृषि विभाग ने इस बार खरीफ फसल की बुवाई के लिए लगभग 65 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया था। इसके विपरीत 63 हजार 682 हेक्टेयर क्षेत्र में ही खरीफ फ सल की बुवाई हुई। खरीफ फ सल में सबसे ज्यादा बुवाई 44 हजार 140 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की हुई है। इसके बाद 16 हजार 590 हेक्टेयर में उड़द, 1 हजार 170 हेक्टेयर में मक्का, 745 हेक्टेयर में धान, 250 हेक्टेयर में मूंग और 205 हेक्टेयर में अरहर के अलावा शेष रकबे में सब्जी सहित तिल, मूंगफ ली, गन्ना की बुवई हुई है।

किसान बलदेव सिंह, भूपेन्द्र सिंह, सूरजभान के अलावा अन्य ने बताया कि देरी से आए मानसून के बाद लगातार हुई बारिश से फसल की बढ़बार प्रभावित हुई है। हालांकि, बीच में तेज धूप ने फसलों को मजबूती प्रदान की। लेकिन बीते एक पखवाड़े से लगातार हो रही बारिश फ सल की बर्बादी का कारण बनने लगी है। खेतों की स्थिति तालाब जैसी बनने लगी है। ईसागढ़ ब्लाक में बारिश के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 878 मिमी बारिश को औसत बारिश माना जाता है। इसके विपरीत अभी तक 1 हजार 78 मिमी बारिश वर्षा मापी यंत्र में दर्ज की जा चुकी है। एसएलआर अरविन्द जैन ने बताया कि बीते साल 4 सितंबर तक ईसागढ़ ब्लॉक में महज 433 मिमी बारिश हुई थी। जो सामान्य से 445 मिमी कम थी।

उड़द-मूंग की फ लियां में दाने होने लगे अंकुरित
लगातार बारिश से उड़द और मूंग की फसल में नुकसान देखा जा रहा है। इन फ सलों में लगी फ लियों के दाने खेतों में भरे पानी से अंकुरित होने लगे हैं। हालांकि, अभी सोयाबीन की फ सल में नुकसान नजर नहीं आ रहा। किसान सीताराम सिंह, चम्पालाल और गणेश ने बताया कि अगर अगले एक सप्ताह तक बारिश की यही स्थिति रही तो सोयाबीन की जल्दी पकने वाली किस्मों में नुकसान की शुरुआत हो जाएगी। जबकि उड़द और मूंग की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद ही होगी।

इल्ली का प्रभाव रोकने में भी मुश्किल
कई गांवों में सोयाबीन और उड़द की फसल पर इल्ली का प्रकोप भी देखा जा रहा है। लेकिन लगातार बारिश से किसान इल्ली को रोकने का प्रयास भी नहीं कर पा रहे हैं। किसान खिरिया गांव के बृजेश सिंह, गोपाल सिंह नईसराय के शिवकुमार सिंह ने बताया कि अभी सोयाबीन पर जो इल्ली देखी जा रही है। वह सामान्य इल्लियों की तुलना में दोगुनी बड़ी है।

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