Karila fair: असमंजस में प्रशासन, मेला कराएं या नहीं

आज होगा निर्णय, तैयारियों के लिए सिर्फ 16 दिन ही बचे

 

By: Manoj vishwakarma

Published: 12 Mar 2021, 12:10 AM IST

अशोकनगर. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन असमंजस में है कि करीला में रंगपंचमी मेला कराए या नहीं। नतीजतन ट्रस्ट की तैयारियों को छोड़ करीला में विभागों द्वारा कोई भी तैयारी शुरू नहीं की गई है। हालांकि मेला होगा या नहीं, इसका निर्णय आज संभागायुक्त की बैठक में हो जाएगा। 25 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ वाले इस मेले को लेकर प्रशासन आज निर्णय लेगा कि मेला लगाया जाएगा या नहीं अभी असमंजस्य की स्थिति बनी हुई।

25 लाख की भीड़ वाले करीला मेले के लिए आज वर्चुअल बैठक करेंगे संभागायुक्त

25 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ वाले करीला के रंगपंचमी मेले के लिए आज संभागायुक्त आसपास के जिलों के कलेक्टर-एसपी के साथ आज वर्चुअल बैठक करेंगे। करीला ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्रसिंह यादव का कहना है कि वह रंगपंचमी मेले की करीला की परंपरा को नहीं तोडेंगे, क्योंकि इस दिन महर्षि वाल्मीकि की गुफा में धूनी का सामान रखा जाता है और मां जानकी को झंडा चढ़ाकर राई नृत्य कराने की परंपरा है। साथ ही आसपास के लोगों का कहना है कि करीला में रंगपंचमी मेले को कोई नहीं रोक सकता और ना ही भीड़ को रोका जा सकत है, क्योंकि उस समय तक किसान खेती के काम से पूरी तरह से निपटकर फ्री हो जाएंगे।

न अधिकारी पहुंचे और न कोई तैयारी

कलेक्टर अभय वर्मा ने 10 फरवरी को करीला में बैठक लेकर विभागों को तैयारियां करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद न तो मेला अधिकारी एसडीएम राहुल गुप्ता करीला पहुंचे और ना ही अन्य विभागों के अधिकारी। साथ ही अब तक न तो पेयजल सप्लाई की टेस्टिंग हुई और नहीं पार्किंग की कोई तैयारी और न पार्किंग के रास्ते बने। इसके अलावा 27 ड्रॉप गेट लगाने, बेरीकेटिंग करने का भी काम नहीं हुआ। मेले को 20 दिन शेष बचे हैं, लेकिन 28 मार्च को होलिका दहन है। इससे तैयारियों के लिए सिर्फ 16 दिन बचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी मेले को हल्के में ले रहे हैं।

Manoj vishwakarma Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned