खरीदी क्रेंद्रों की हकीकत, बारिश में ऐसा हुआ चने का हाल

लापरवाही से खुले में पड़ा हुआ है अनाज, परिवहन और बचाव के लिए नहीं किए पुख्ता इंतजाम'

अशोकनगर। तेज बारिश से भीगने के बाद समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर रखा करीब एक हजार मीट्रिक टन चना-मसूर अंकुरित हो गया है। हालत यह है कि केंद्रों पर बिखरा पड़ा अनाज तो उगता दिख ही रहा है, वहीं बोरिया में पैक अनाज में भी अंकुरण होने लगा है। खरीदे हुए अनाज के भारी मात्रा में अंकुरित होने की सूचना पर अधिकारियों ने खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। साथ ही बचे हुए अनाज का जल्दी ही परिवहन कराने के निर्देश दिए।
बारिश के दूसरे दिन पत्रिका ने खरीदी केंद्रों की हकीकत जानी, तो शहर के नारायणपुर और कचनार पर खुले में हजारों क्विंटल अनाज पड़ा हुआ है, जो बारिश में भीग गया था, वह अब अंकुरित होने लगा है।

हालत यह है कि कई बोरियों में दानों का अंकुरण बाहर झांकता दिख रहा है। वहीं तिरपाल पर अभी भी हजारों क्विंटल चना गीला पड़ा हुआ है, जिन्हें समिति प्रबंधकों द्वारा खुले में सुखाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं ऊमरी व रांवसर खरीदी केंद्र पर भी हालत यही है और यहां भी चना-मसूर खुले में ही भगवान भरोसे पड़ा हुआ है। अधिकारियों की मानें तो अब तक एक हजार मीट्रिक टन अनाज भीग चुका है, जो यदि सूख नहीं पाया तो जल्दी ही खराब हो जाएगा। वहीं बोरियों में पैक भीगे हुए अनाज में फफूंद लगने और सडऩे का डर बना हुआ है। नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक आरएस सोलंकी ने खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं अनाज को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल पर एक के ऊपर एक बोरी रखवाकर उन्हें ढंकने का प्रयास किया जा रहा है।ताकि बारिश में उसे भीगने से बचाया जा सके।

भीगे माल को समेटने में लगे रहे कर्मचारी, खरीदी नहीं की
मंगलवार को भीग चुके अनाज को समेटने, सुखाने और एक जगह बोरियों को रखने का काम बुधवार को दिनभर चलता रहा। इससे फसलें बेचने के ग्रामीण क्षेत्र से आए किसानों का अनाज बुधवार को दिनभर नहीं खरीदा गया। इससे समिति प्रबंधकों और केंद्रों के कर्मचारियों से किसानों की बहस भी होती रही। किसानों का कहना है कि वह भी अपने अनाज को जैसे-तैसे बचाए तिरपालों से ढंककर बचाए हुए हैं, यदि बारिश हुई तो उनका अनाज भी खराब होने की आशंका है।

खुले में पड़ा अनाज
समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के बाद खरीदी केंद्रों पर खुले में ही अनाज पड़ा हुआ है। अधिकारियों की मानें, तो जिले के सभी 23 खरीदी केंद्रों पर सात हजार मीट्रिक टन से ज्यादा अनाज खुले में पड़ा हुआ है। जबकि मंगलवार को ही तेज बारिश हुई और शहर के खरीदी केंद्रों पर इस अनाज में अंकुरण हो गया। इसके बावजूद भी अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। फिर से बारिश हुई तो शेष बचा अनाज भी खराब हो जाएगा।

हमने शहर के खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया है। फैले हुए कुछ अनाज में अंकुरण हो गया है। भीगे और अंकुरित हो चुके अनाज को रिजेक्ट किया जाएगा और सही माल ही जमा करने दिया जाएगा।
आरएस सोलंकी, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम

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दीपेश तिवारी
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