डाकघर में पूरे दिन डला रहा ताला,ग्राहक होते रहे परेशान

जानकारी नहीं होने पर खाता धारकों के अलावा ग्रामीण अंचल से डाक लेकर पहुंचे कर्मचारी भी हुए परेशान...

By: brajesh tiwari

Published: 10 Feb 2018, 11:58 AM IST

अशोकनगर। जिले के ईसागढ़ में सरकारी विभागों की शुक्रवार को कोई शासकीय छुट्टी नहीं होने के बाद भी नगर के डाकघर में पूरे दिन ताला डला रहा। मुख्य डाकघर में पोस्ट मास्टर के अतिरिक्त सभी स्थान रिक्त होने के कारण यह स्थिति पैदा हो गई।

दरअसल, लगभग एक सप्ताह से बंद पड़े कंप्यूटर सिस्टम को सुधरवाने के लिए पोस्ट मास्टर गुना चले गए और डाकघर में पूरे दिन ताला पड़ा रहा। डाकघर बंद होने की जानकारी नहीं होने के कारण खाता धारक तो परेशान रहे ही, साथ ही ग्रामीण अंचल से डाक लेकर पहुंचे कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

नगर के डाकघर में लगभग 6 हजार से भी ज्यादा विभिन्न श्रेणियों के खाते हैं। बताते हैं कि काम की अपेक्षा डाकघर में अधिकारी कर्मचारियों की तैनाती नहीं है। डाकघर में एक पोस्ट मास्टर, एक एलडीसी और एक पोस्टमैन के अलावा एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद है, लेकिन सभी पद बीते लंबे समय से खाली पड़े हैं।

शु्क्रवार को बिना किसी शासकीय अवकास के बाद भी पूरे दिन डाकघर में ताला डला रहा। दरअसल, डाकघर का कंप्यूटर काफ ी लंबे समय से खराब पड़ा था। इसकी शिकायत पोस्ट मास्टर ने अधिकारियों से भी की थी। लेकिन शिकायत की सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद शुक्रवार को पोस्ट मास्टर कंप्यूटर सुधरवाने गुना चले गए और पूरे दिन डाकघरमें ताला पड़ा रहा। जानकारों की मानें तो किसी भी शासकीय दफतर को बिना अवकास के पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकता। अगर दफतर में काम नहीं हो रहा तब भी उसको खोलना चाहिए। लेकिन नगर के डाकघर में इस आदेश को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया।

3 फरवरी से खातों में लेनदेन पूरी तरह से बंद
शुक्रवार को डाकघर बंद करने की सूचना से अंजान ग्रामीण अंचल से बड़ी संख्या में खाताधारक ईसागढ़ पहुंचे, लेकिन डाकघर में ताला देखकर उन्होंने छुट्टी का अंदाजा लगा लिया। लेकिन इसी समय गहौरा और ढाकोनी उप डाकघर से डाककर्मी डाक लेकर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि आज कोई शासकीय अवकाश नहीं है।

इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को फ ोन लगाया तब जाकर पूरी जानकारी मिल सकी। इसके बाद डाककर्मी भी वापस लौट गए। खाताधारक संतोष केवट, प्रकाश अग्रवाल, कैलास केवट और हवीव खां के अलावा अन्य ने बताया कि बीती 3 फ रवरी से खातों में लेनदेन पूरी तरह से बंद है। यही कारण है कि उन्हें हर दिन डाकघर के चक्कर काटना पड़ रहे हैं। खाताधारकों की मानें तो डाकघर में स्टॉफ के अलावा सुविधाओं की भी बेहद कमी है।

लगने के बाद से अब तक चालू नहीं कियोस्क मशीन
ग्राहकों की सुविधा के लिए अब से लगभग 8 साल पहले नगर के डाकघर में कियोस्क मशीन लगाई गई थी। बताते हैं कि कियोस्क मशीन के माध्यम से डाक घर के खाता धारक न सिर्फ अपने खाते का बैलेंस देख सकते थे। बल्कि पासबुक प्रिंट और अन्य जरूरी काम भी निबटा सकते थे। लेकिन डाकघर के आधुनिकी करण करने आए यह कियोस्क मशीन लगने के साथ ही चालू नहीं हो सकी। इसके अलावा नेटवर्क और कंप्यूटर सिस्टम की खराबी के कारण भी डाकघर के खाताधारक हमेशा परेशान रहते हैं। इस संबंध में प्रतिक्रिया जानने के लिए डाक अधीक्षक बीएस तोमर से कई बार संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।

शुक्रवार को किसी भी तरह का शासकीय अवकाश नहीं था। बीते लगभग एक सप्ताह से डाकघर का कंप्यूटर खराब पड़ा था। इस कारण लेनदेन भी नहीं हो रहा था। कंप्यूटर सुधारने के लिए जब कोई इंजीनियर ईसागढ़ नहीं पहुंचा तो वह स्वयं ही कंप्यूटर लेकर गुना आ गए। इसी कारण डाकघर में ताला डला रहा। डाकघर में अन्य किसी कर्मचारी के नहीं होने के कारण इस तरह की स्थिति बन गई।
- कृपान सिंह, पोस्ट मास्टर डाकघर ईसागढ़

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