महिला पटवारी ने बेंच के सामने तहसीलदार पर लगाए संगीन आरोप.. देखें पूरी खबर!

महिला आयोग की बेंच लगी, 23 में से 22 प्रकरणों में हुई सुनवाई, 16 नस्तीबद्ध किए

अशोकनगर। तहसीलदार मुझे अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं। मुझे उन्होंने भू अभिलेख शाखा में अटैच करवा दिया है। नौकरी नहीं करने दे रहे हैं। पर्यवीक्षा अवधि पूरे हुए एक साल बीत गया, लेकिन मुझे नियमित नहीं होने दे रहे हैं। यह आरोप पटवारी प्रियंका साहू ने राज्य महिला आयोग की बेंच के सामने तहसीलदार सूर्यकांत त्रिपाठी पर लगाए। बेंच ने तहसीलदार को अच्छा व्यवहार करने की समझाइश दी। लेकिन पटवारी कार्रवाई की मांग पर अड़ गईं। जिसके बाद बेंच ने दोनों के दस्तावेज ले लिए हैं और कलेक्टर से मामले की जांच करवाने की बात कही है।

पूर्व में हो चुकी है एक मौत..
महिला पटवारी ने बताया कि उन्होंने छुट्टी के लिए जिला अस्पताल का मेडीकल लगाया था। इसके बाद भी उनकी छुट्टी मान्य नहीं की और नो वर्क नो पे कर रहे हैं। पूर्व में वे आरोन में उनकी प्रताडऩा से तंग आकर एक महिला पटवारी लीना की मौत हो गई थी। उनकी बैठक से बाहर आकर उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बामोरी, शाढ़ौरा, ईसागढ़ में ही उनका व्यवहार ऐसा ही रहा। उन्हें तो पद से हटा देना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य संध्या सुमन राय एवं प्रमिला वाजपेयी द्वारा रेस्ट हाउस में संयुक्त बैंच के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई की। बैंच में 23 प्रकरणों में से 22 प्रकरणों की सुनवाई की गई और 16 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए। शेष 06 प्रकरणों में आगामी बेंच के सुनवाई के लिए बुलाया। इस दौरान एसडीएम सुमनलता माहौर, महिला सशक्तिकरण जिला अधिकारी आकांश तौमर उपस्थित रहीं।

बाहर ही भिड़ गए दो पक्ष

अंदर बेंच की सुनवाई चल रही थी और बाहर दो पक्षों में भिड़ंत हो गई। करीब आधे घंटे तक दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे और धमकियां देते रहे। महिला शीला पत्नि रामकृष्ण चंदेल ने बताया कि छह माह पहले ससुराल वालों ने बेटे को अपने पास रख लिया और उसे बेटियों के साथ घर से बाहर कर दिया। वे आए दिन परेशान करते थे।

जिसके बाद से वह रामवीर चंदेल के साथ रहने लगी। अब ससुराल वाले उसे भी मारने की धमकी दे रहे हैं। जबकि उसके पति रामकृष्ण चंदेल ने बताया कि वह खुद अपनी बेटियों को लेकर सुबह 4.00 बजे शौच के बहाने घर से चली गई थी। रामवीर टैक्सी चलाता था और उसका गांव में आना-जाना था। शीला उसके साथ चली गई। हम तो अपनी बेटियों को अपने साथ रखने को तैयार हैं।

पटवारी प्रियंका साहू काम नहीं करती हैं। गुना से डेली अपडाउन कर रही हैं। जिससे सरकारी काम प्रभावित होता है। दवाब बनाकर काम नहीं करना चाहती। जनवरी में कलेक्टर साहब के यहा अटैच कर दिया था, अब जाकर ज्वाइन हुई हैं। झूठी शिकायत करती हैं। इन्होंने पहले भी शिकायत की थी, एसडीओपी व पीएलआई की जांच में शिकायत सही नहीं पाई गई।
-सूर्यकांत त्रिपाठी, तहसीलदार अशोकनगर।

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दीपेश तिवारी
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