यदि पंचायतों ने स्वीकृति दी तो पौने दो गुना बढ़ जाएगा शहर का क्षेत्र, शहर में शाामिल होंगे चार गांव

सीमावृद्धि: शहर की सीमावृद्धि का प्रस्ताव तैयार. तीन गांव का कुछ हिस्सा और एक गांव पूरी तरह से शामिल हो जाएगा शहर में, ग्रामीण क्षेत्र में बने जिले के सभी ऑफिस भी आ जाएंगे शहर की सीमा में।

By: Arvind jain

Published: 02 Mar 2019, 01:05 PM IST

अशोकनगर. नपा अब शहर की सीमाओं में विस्तार कर रही है, इसके लिए प्रस्ताव भी तैयार हो गया है। यदि प्रस्ताव पर पंचायतों ने स्वीकृति दे दी, तो शहर वर्तमान क्षेत्र से बढ़कर पौने दो गुना क्षेत्र तक फैल जाएगा। वहीं तीन गांव का कुछ हिस्सा और एक गांव पूरी तरह से शहर की सीमा में शामिल हो जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बने जिले के सरकारी ऑफिस भी शहर की सीमा में आ जाएंगे।


शासन ने नगरीय निकायों की सीमाएं बढ़ाने के प्रस्ताव मांगे थे। इसके लिए जिले से सिर्फ अशोकनगर नगर पालिका ने सीमावृद्धि का प्रस्ताव दिया है। नए प्रस्ताव अनुसार शहर की उत्तर सीमा ग्राम पछारी में सर्किट हाउस व तुलसी पार्क की आखिरी सीमा तक, पूर्व सीमा ग्राम टकनेरी की आदिवासी बस्ती की आखिरी सीमा तक, दशिण सीमा ग्राम मोहरी राय की सीमा तक और पश्चिम सीमा पुलिस लाइन व जेल की आखिरी सीमा तक हो जाएगी और इतना पूरा एरिया शहरी क्षेत्र कहलाएगा।

इससे शहर की पुलिस लाइन, जिला जेल, डीईओ कार्यालय, उद्योग विभाग कार्यालय, सीएमएचओ कार्यालय, हाटबाजार बिल्डिंग, नवीन रेस्ट हाउस और नवीन कृषि उपज मंडी शहर की सीमा में शामिल हो जाएंगे। हालांकि अभी यह सभी कार्यालय ग्राम पंचायत क्षेत्र में बने हुए हैं। नपा की सीमावृद्धि के इस प्रस्ताव की शासन ने प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है और अब इस सीमा वृद्धि पर प्रशासन द्वारा लोगों से दावे-आपत्तियां लिए जाएंगे और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

पौने दो गुना से अधिक बढ़ जाएगा क्षेत्र-
सीमावृद्धि के लिए नगरपालिका ने पड़रिया गांव के 24 सर्वे नंबर की 17.180 हेक्टेयर जमीन, पछारी गांव के 39 सर्वे नंबर की 27.103 हेक्टेयर, टकनेरी गांव के 63 सर्वे नंबर की 19.813 हेक्टेयर जमीन और शंकरपुर गांव के सभी 220 सर्वे नंबर की 286.010 हेक्टेयर जमीन को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे इन चारों गांवों की 350.106 हेक्टेयर जमीन शहर में शामिल हो जाएगी।

अभी वर्तमान में नगरपालिका का क्षेत्र 443 हेक्टेयर है, जो प्रस्ताव स्वीकृति के बाद बढ़कर 793 हेक्टेयर हो जाएगा। इससे प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही शहर का क्षेत्रफल 79 फीसदी और बढ़ जाएगा। वहीं आसपास के टकनेरी, पड़रिया और पछारी गांव का करीब आधा हिस्सा शहर की सीमा में शामिल हो जाएगा और शंकरपुर गांव पूरी तरह से शहर में शामिल जाएगा। वहीं इन गांवों के अन्य छोटे मोहल्ले भी शहर में शामिल हो जाएंगे।

सीमा विस्तार पर 30 दिन में मांगे दावे-आपत्ति-
शहर की इस सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर यदि किसी व्यक्ति या फिर संस्था को आपत्ति है। या फिर ग्राम पंचायत कोई आपत्ति दर्ज करता है, तो इसके लिए प्रशासन ने दावे-आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। 30 दिन बाद आने वाले दावे-आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

जिला शहरी विकास अभिकरण के मुताबिक इस समयसीमा में आने वाले दावे-आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा और जाना जाएगा कि कोई आपत्ति कितनी सही है। साथ ही यदि कोई अन्य क्षेत्र जुड़वाना चाहता है तो इसके लिए भी पत्र दे सकता है। इन दावे-आपत्तियों का निराकरण होने के बाद सीमा विस्तार की आगामी कार्रवाई होगी।

अन्य नगरीय निकायों ने नहीं दिए प्रस्ताव-
शासन ने सीमा विस्तार की प्रक्रिया शुरू की। इसमें सिर्फ अशोकनगर नगरपालिका के अलावा जिले के अन्य नगरीय निकायों ने सीमा विस्तार के कोई प्रस्ताव नहीं दिए। वहीं मुंगावली नगर परिषद की पिछले साल ही सीमावृद्धि हुई है, जिसमें कस्बारेंज पंचायत का पूरा क्षेत्र व मीरकाबाद, ढि़चरी और गुन्हेरू के कुछ क्षेत्र को शामिल किया गया है।

हालांकि अभी नगर परिषद मुंगावली ने इन क्षेत्रों को अपने अधिकार में नहीं लिया है, लेकिन इनमें से कुछ हिस्सों में पानी की लाइन डालने का काम जरूर शुरू हो गया है। ताकि अधिकार क्षेत्र में लेते ही इन क्षेत्रों में पेयजल की सप्लाई शुरू हो सके। इसके अलावा जिले में पिपरई को नगर परिषद घोषित होने के बाद पिपरई क्षेत्र में 15 वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। इससे आगामी नगरीय निकाय चुनाव तक पिपरई नगर परिषद भी बनकर तैयार हो जाएगी।
अशोकनगर नपा पर एक नजर-
जनसंख्या - 81828
क्षेत्रफल - 4.43 वर्ग किमी
जनसंख्या घनत्व - 18471 प्रति वर्ग किमी
लिंगानुपात - 914
साक्षरता - 77 प्रतिशत
मकान - 15802
(2011 की जनगणना अनुसार)

Arvind jain
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned